कोल्ड शॉक से कौओं की मौत:पोल्ट्री फार्म-प्रवासी पक्षियों पर संक्रमण का खतरा नहीं, सांभर झील में पाया गया बर्ड फ्लू संक्रामक नहीं

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: महेश शर्मा
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सांभर में पक्षियों की मौत में बर्ड फ्लू मिला है, पर संक्रामक नहीं है। - Dainik Bhaskar
सांभर में पक्षियों की मौत में बर्ड फ्लू मिला है, पर संक्रामक नहीं है।

सांभर में पक्षियों की मौत में बर्ड फ्लू मिला है, पर संक्रामक नहीं है। दूसरे प्रवासी पक्षियों को डर नहीं है न ही पोल्ट्री फार्म को कोई खतरा है। चूंकि खारे पानी की देश की सबसे बड़ी सांभर झील ने दो साल पहले देश की सबसे बड़ी पक्षी त्रासदी झेली है, ऐसे में यहां हो रही पक्षियों की मौत ने फिर कई सवाल खड़े किए हैं। भास्कर ने मौके के हालात जाने और पक्षी विशेषज्ञों से जानकारी ली तो यही सामने आया।

अभी तक 64 कौए, 2 मैना, 1 चील और 13 कबूतर मर चुके हैं। केवल एकाध दूसरे पक्षी हताहत हैं। बुधवार को निरीक्षण के दौरान कोई प्रवासी पक्षी हताहत नहीं मिला। ना ही चंदलाई, मानसागर आ रहे दूसरे पक्षियों में संक्रमण के हालात हैं। फिलहाल जो कौए मर रहे हैं, उसकी वजह उनमें कोल्ड शॉक है। इधर, जिला प्रशासन ने घायल पक्षियों के रेस्क्यू एवं मृतक पक्षियों की निगरानी के लिए कन्ट्रोल रूम 0141-2374617 बनाया गया है।

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ये हैं 4 मुख्य कारण, जो झील में पक्षियों के आने पर व्यवधान हैं

1. रतन तालाब: पक्षियों का ठिकाना उसके पास रेस्क्यू सेंटर बनाया। यहां पक्षी नहीं बैठते। इसे कुछ दूर बनाना चाहिए।

2. कूचा की ढाणी: कुछ साल से यहां रिसोर्ट बना दिया गया है। हमेशा एक्टीविटी रहने से आसपास पक्षी नदारद।

3. नालियासर डेम (झील पॉइंट): पानी में ही मछली पकड़ी जा रही है। इससे पक्षियों को बड़ा खतरा।

4. झील: कुछ अवैध नमक बनाने वालों की ओर से पानी चोरी हो रही। पक्षियों को बड़ी परेशानी का बड़ा कारण।

पक्षी विशेषज्ञ सुधीर गर्ग के मुताबिक पक्षियों के लिए यही कारण असल बीमारी है। जो सिस्टम की कमी से है। इन जगहों पर पक्षी नदारद हो रहे हैं, जबकि सर्वाधिक पक्षी दिखते थे।

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डॉ. एके कटारिया, पक्षी विशेषज्ञ, रिटायर्ड प्रो. वेटरनरी कॉलेज, बीकानेर

( सांभर त्रासदी को डायग्नोस कर नियंत्रण में महती भूमिका निभाने वाले विशेषज्ञ )
Q. आपकी नजर में पक्षियों की मौत कितनी चिंताजनक है?
A. अभी लगातार डेथ नहीं हो रही। केवल कौओं में हो रही है। यह संक्रामक बीमारी बिल्कुल नहीं है। पैटर्न ऑफ डेथ भी बर्ड फ्लू का नहीं।

Q. कौओं में तो बर्ड फ्लू की पुष्टि हो ही गई है, क्या लग रहा है?
A. कौए सहित कुछ वाइल्ड बर्ड में वायरस (एच5एन1 या एन 3 रहता है) रहता है। बर्ड फ्लू से डेथ होती है तो लक्षण दिखने चाहिए... क्लीनिकल साइन आने चाहिए... पोस्टमार्टम में चेंजेज होने चाहिए। वो अभी नहीं है। केवल वायरस की रिकवरी प्रूव नहीं करती कि इस बीमारी से मरे हैं।

बर्ड फ्लू में तो एकसाथ मरते हैं ज्यादा। फिलहाल कौए मर रहे हैं। सतर्क रहने की जरूरत है।
-आशा शर्मा, विशेषज्ञ

वॉलंटियर्स के साथ झील घूमकर आया हूं। केवल 3 पक्षी हताहत मिले हैं, प्रवासी नहीं।
-ओमप्रकाश, वॉचर

कौओं में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। पशुपालन विभाग के साथ बैठक करेंगे।
-अरिंदम तोमर, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन