यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम:छह सालों से लगातार कम हो रही है प्रीलिम्स की कटऑफ

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: देवपालिक गुप्ता
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हाल ही में सिविल सर्विसेस एग्जाम-2020 का फाइनल रिजल्ट आयोग द्वारा घोषित कर दिया गया है। - Dainik Bhaskar
हाल ही में सिविल सर्विसेस एग्जाम-2020 का फाइनल रिजल्ट आयोग द्वारा घोषित कर दिया गया है।
  • 35-50% प्रश्न पूछे जाते हैं कॉम्प्रीहेंशन से सीसैट पेपर में

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाले सिविल सर्विसेस एग्जाम-2021 का प्रिलिम्स 10 अक्टूबर को आयोजित होगा। हाल ही में सिविल सर्विसेस एग्जाम-2020 का फाइनल रिजल्ट आयोग द्वारा घोषित कर दिया गया है। जिसमें कुल 763 उम्मीदवारों को अलग-अलग सर्विसेस के लिए चयनित किया गया है। हर साल प्रीलिम्स में लगभग 5 से 6 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं।

किसी भी परीक्षा में शामिल होने से पहले उम्मीदवार इस आंकड़े को जान लेना चाहते हैं कि उस परीक्षा में कटऑफ कितनी जाती है ताकि वे उसी हिसाब से क्वेश्चन अटैम्प्ट कर सकें। वर्ष 2015 से साल 2020 के प्रीलिम्स की कटऑफ के आंकड़े को देखें तो हर साल कटऑफ के मार्क्स में कमी आ रही है। सामान्य वर्ग की 2015 की कट ऑफ और 2020 की कटऑफ की तुलना करें तो लगभग 14 प्रतिशत की गिरावट आई है।

जनरल के सबसे कम अंक 2020 में

प्रीलिम्स के जीएस पेपर में 2 अंकों के 100 प्रश्न पूछे जाते हैं। वहीं सीसैट में 2.5 अंकों के 80 प्रश्न आते हैं। 33 प्रतिशत अंकों के साथ उम्मीदवारों को सीसैट केवल क्वालिफाय करना होता है। कटऑफ केवल जीएस के अंकों के आधार पर तय होती है। आंकड़े देखें तो निगेटिव मार्किंग हटाने के बाद जिस उम्मीदवार के 50 प्रश्न सही होंगे वह यह परीक्षा पास कर लेगा।

निगेटिव मार्किंग के गणित को इस उदाहरण से समझिए
प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक सही उत्तर का एक तिहाई अंक (0.67 अंक) काटे जाते हैं। यानी कि तीन प्रश्न गलत होने पर 2 अंक काटे जाते हैं। उदाहरण के साथ इसे समझते हैं। मान लीजिए किसी उम्मीदवार ने 100 में से 85 प्रश्नों के जवाब दिए हैं। जिनमें से उसके 64 प्रश्नों के जवाब सही थे जबकि 21 प्रश्नों के जवाब गलत। ऐसे में 21 गलत जवाबों के लिए 7 सही उत्तर के अंक काटे जाएंगे। अब उसका कुल स्कोर 57 सही प्रश्नों के आधार पर तय होगा यानी कि उसे कुल 114 अंक प्रीलिम्स में हासिल होंगे।

कटऑफ कम होने वजह यह है कि अब साइंस टेक से प्रश्न अधिक पूछे जाने लगे हैं। जोकि ह्यूमैनिटीज के छात्रों के लिए थोड़े मुश्किल होते हैं। जीएस में बेहतर करने वाले ह्यूमैनिटीज के कुछ छात्र सीसैट की वजह से भी बाहर हो जाते हैं। कॉम्प्रीहेंशन का अनुवाद ऐसा होता है कि उम्मीदवार समझ नहीं पाते हैं।-रोहित नंदन मिश्रा, सिविल सर्विसेस एग्जाम एक्सपर्ट

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