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वन विभाग:सवा साल से रणथंभौर के भिड़ में कैद टाइगर टी-104 को शिफ्ट करने की तैयारी, आमली होगी नई जगह, वन विभाग ने तीन लोगों की मौत का जिम्मेदार मान एनक्लोजर में छोड़ा था

जयपुर9 महीने पहले
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टाइगर टी-104 को वन विभाग ने 3 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार माना है। - Dainik Bhaskar
टाइगर टी-104 को वन विभाग ने 3 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार माना है।

सवा साल से रणथंभौर के भिड़ में बनाए 2 हेक्टेयर के एनक्लोजर में कैद टाइगर टी-104 को जल्द ही शिफ्ट किया जाएगा। इसकी अगली जगह टोंक जिले का आमली वन क्षेत्र हो सकता है। बहरहाल इसका निर्णय उच्च स्तर पर किया जाना है, लेकिन चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की राय इसी के पक्ष में नजर आ रही है। इससे पहले टाइगर के लिए बनी तीन अधिकारियों की कमेटी की रिपोर्ट आनी है।

बाघ के लिए अतिरिक्त मॉनिटरिंग की पड़ती है जरूरत
रणथंभौर के संबंधित अधिकारी लंबे समय से इस बाघ पर फैसले की बात कहते आ रहे थे। क्योंकि इसके लिए उनको अतिरिक्त मॉनिटरिंग करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि बाघ को जंगल में इस तरह एनक्लोजर बनाकर कब तक रखेंगे? वहीं अब उनके तर्क हैं कि जंगल के बीच इस तरह रखे गए बाघ के संपर्क में दूसरे बाघ (टी-66) आकर फाइट कर रहे हैं।

इससे दोनों ओर खतरा है। इसे देखते हुए अब विभाग ने संबंधित अफसरों की कमेटी से सारे पहलुओं को देख रिपोर्ट मांगी है। सोमवार को रणथंभौर दौरे पर रही प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रुति शर्मा और सीसीएफ वाइल्ड लाइफ आकांक्षा चौधरी ने भी एनक्लोजर तक पहुंच बाघ के हालात जाने।

रणथंभौर के अधिकारी सज्जनगढ़ के पक्ष में
सामने आया है कि रणथंभौर के अधिकारी बाघ को उदयपुर सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क भेजने के पक्ष में है। इसके पीछे तर्क हैं कि वहां के स्टाफ को पहले से एक बाघ (जबरन कैद किया हुआ ‘उस्ताद’) की मॉनिटरिंग का अनुभव है। वहीं दूसरी वजह यह भी है कि आमली रणथंभौर सीसीएफ के अधिकार क्षेत्र में आता है। उनका मानना है कि आमली फिलहाल बाघ छोड़ने के लिए उपयुक्त नहीं है। उस जगह को तैयार करने में समय लगेगा। फिर भी निर्णय ऊपर से होना है।

  • टी-104 पर फैसले के लिए कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है। मेरा मानना है कि उदयपुर के बजाए आमली जगह इसके लिए उपयुक्त रहेगी। जिसका फिलहाल कोई उपयोग भी नहीं हो रहा। बाघ की शिफ्टिंग से पहले जो काम वहां करने हैं, वो जल्द कराए जा सकते हैं। - मोहनलाल मीणा, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन
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