रमेश मीणा विवाद में प्रियंका ने रिपोर्ट मांगी:बागी विधायकों के तेवर नरम, कहा-सीएम से नहीं, मंत्रियों से नाराजगी; पिछले साल पायलट गुट को मनाने में प्रियंका की बड़ी भूमिका थी

जयपुर10 महीने पहले
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शुक्रवार को एक के बाद एक तीन कांग्रेस विधायकों ने गहलोत सरकार के खिलाफ बयान दिया था। इसे राजस्थान में फिर से बगातव के संकेत माना जा रहा था। - Dainik Bhaskar
शुक्रवार को एक के बाद एक तीन कांग्रेस विधायकों ने गहलोत सरकार के खिलाफ बयान दिया था। इसे राजस्थान में फिर से बगातव के संकेत माना जा रहा था।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री रमेश मीणा के एससी-एसटी विधायकों से भेदभाव के बयान को लेकर प्रदेश कांग्रेस में मचे घमासान में प्रियंका गांधी सक्रिय हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी के दफ्तर ने इस पूरे प्रकरण में राजस्थान कांग्रेस से रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि पिछले साल राजस्थान कांग्रेस में बगावत के बाद सचिन पायलट और उनके 18 समर्थक विधायकों की कांग्रेस में फिर से एंट्री के पीछे प्रियंका गांधी अहम भूमिका में थीं।

वहीं, इस पूरे विवाद में रमेश मीणा के समर्थन में बयान देने वाले एसटी विधायक मुरारी मीणा व एससी विधायक वेद प्रकाश सोलंकी के तेवर नरम दिखे। उन्हाेंने कहा- न ताे उनकी नाराजगी सीएम गहलाेत से है और न ही कांग्रेस से। सरकार के कुछ मंत्रियाें से नाराजगी है। उधर, विधायक रमेश मीना ने कहा कि पिछले साल प्रियंका गांधी से जब पायलट व उनके समर्थक विधायकों की बात हुई थी तो उन्होंने भरोसा दिया था कि हमारी समस्याओं का जल्द समाधान होगा, पर अब तक नहीं हुआ।

रमेश मीणा पलटे, कहा- राहुल गांधी को चिट्‌ठी नहीं लिखी
विधानसभा में एससी-एसटी विधायकों को बिना माइक वाली सीटें देने के विवाद के बाद पायलट गुट के विधायक रमेश मीणा ने विधानसभा के बाहर कहा था कि उन्होंने चिट्‌ठी लिखकर राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है और उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे इस्तीफा दे देंगे। लेकिन शनिवार को रमेश ने कहा कि उनके दफ्तर में फोन करके समय मांगा है। उन्हें कहा गया है कि वे अभी लोगों से नहीं मिल रहे हैं।

कुछ मंत्री हैं, जो हमारी सुनते नहीं: सोलंकी
वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा, सीएम गहलोत से कोई नाराजगी नहीं है। कुछ मंत्री हैं, जो हमारी सुनते ही नहीं। एससी-एसटी के मुद्दे पर हम रमेश मीणा के साथ हैं। वहीं, कांग्रेसी विधायक मुरारी मीणा ने भी अपनी नाराजगी सिर्फ मंत्रियों को लेकर ही बताई। उन्होंने कहा कि मंत्री ट्रांसफर और पोस्टिंग में हमारी बात नहीं सुनते। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री गहलोत से भी कर चुके हैं।

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