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भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज में प्राेफेसर की बदनीयती:प्रोफेसर ने छात्रा के नंबर कम किए, कमेटी ने दोषी माना, सस्पेंशन पर भी नंबर नहीं बढ़े

जयपुर22 दिन पहलेलेखक: संदीप शर्मा
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अब छात्रा पूरे मार्क्स लेने के लिए परेशान और आरयूएचएस में भी अपील की है। - Dainik Bhaskar
अब छात्रा पूरे मार्क्स लेने के लिए परेशान और आरयूएचएस में भी अपील की है।

भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज में एक प्रोफेसर की ‘करतूत’ से छात्रा परेशान है। पहले प्रोफेसर ने ‘बदनीयती’ में छात्रा को परेशान किया...परीक्षा में नंबर कम कर दिए...मानसिक रूप से परेशान किया और छात्रा के पक्ष में कमेटी ने फैसला भी दे दिया लेकिन नंबर नहीं बढ़ाए गए। अब छात्रा पूरे मार्क्स लेने के लिए परेशान और आरयूएचएस में भी अपील की है।

हालांकि अधिकारी हैं कि पूरे मामले में अब भी छात्रा के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं। ऐसे में परेशान छात्रा आरयूएचएस मेडिकल कॉलेज के चक्कर लगाने को मजबूर है। अब बड़ा सवाल है कि जब कमेटी ने प्रोफेसर को दोषी करार दे दिया फिर छात्रा को परेशान क्यों किया जा रहा है? इधर, आरयूएचएस रजिस्ट्रार कालूलाल ने कहा है कि वे अभी अवकाश पर हैं और बाद में ही कुछ कह पाएंगे।

प्रैक्टिकल शीट में काट-छांट कर नंबर कम दिए

भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज के बायोकेमिस्ट्री के प्रोफेसर शंकर मनोहर पंवार इसी कॉलेज की एक छात्रा को परेशान करने लगे। पंवार ने छात्रा के मोबाइल नंबर ले लिए और उसे वाट्सएप पर मैसेज भेजने लगे। छात्रा ने अनदेखी की तो उसे धमकाने लगे और फेल करने की धमकी भी दी।

प्रेक्टिकल शीट में कांटछांट कर फेल कर दिया। छात्रा ने शिकायत 19 मई को प्रिंसीपल को दी। फिर जांच कमेटी बनी। 26 मई को कमेटी में साबित हुआ कि प्रो. शंकर मनोहर पंवार ने बदनीयती रखी और छात्रा काे परेशान करते हुए नंबरों में कांटछांट की। इसके बाद 27 मई को निलम्बित कर दिया गया और रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी गई।

इधर, एसएमएस में प्रोफेसर-स्टूेंडट में चला ‘मैसेज वार’

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के यूजी स्टूडेंट और एक डॉक्टर में चला वाट्सएपवार सुर्खियों में है। स्टूडेंट ने परिसर में सफाई का मुद्दा रखा और कहा-सफाई हो तो बीमारियों से भी बचाव हो सकता है। इस पर पैथोलॉजी के डॉ. नीरज वर्मा भड़क गए। उन्होंने कहा कॉलेज में सफाई है और जिसे दिक्कत है, वह कॉलेज में नहीं रहे।

डॉ. नीरज ने यहां तक लिख दिया कि स्टूडेंट को निकाल दिया जाएगा। मामला इतना बढ़ गया कि प्रिंसीपल तक शिकायत कर दी गई। इधर, डॉ. नीरज का कहना है कि कोई खास मामला नहीं था। जो इश्यू थे उन्हें दूर कर लिया गया है।

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