कांस्टेबल भर्ती:10वीं-12वीं की मार्कशीट गिरवी रख पेपर देने का वादा, एक गिरफ्तार

जयपुर7 महीने पहलेलेखक: इशांत वशिष्ठ
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कांस्टेबल भर्ती मामले में अहम खुलासे हुुए हैं। इनको लेकर एसओजी ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। - Dainik Bhaskar
कांस्टेबल भर्ती मामले में अहम खुलासे हुुए हैं। इनको लेकर एसओजी ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।

कांस्टेबल भर्ती मामले में अहम खुलासे हुुए हैं। इनको लेकर एसओजी ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर बाड़मेर के गुढा मल्लाणी में फोटो स्टूडियो संचालित करने वाले एक व्यक्ति दो घंटे पहले उपलब्ध होने वाला था। इससे पहले ही एसओजी ने एक जने को गिरफ्तार कर लिया। पेपर की कीमत 8 लाख रु. तय हुुई थी। इसमें एक लाख रु. पहले जबकि बाकी 7 लाख रु. के बदले छात्रों की 10वीं व 12वीं की मार्कशीट सहित अन्य दस्तावेज गिरवी रखने थे।

बता दें कि एसओजी ने कार्रवाई करते हुए दो दिन पहले जयपुर में पेपर उपलब्ध कराने वाले दो जनों को गिरफ्तार किया था। सोडाला में रह कर परीक्षा की तैयारी कर रहा जालौर के चितलवाना निवासी लाखाराम पटेल परीक्षा का पेपर मोटी रकम में उपलब्ध करा रहा है।

एसओजी ने शुक्रवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। एसओजी को इसके पास एक बैग मिला। इसमें सचिन गुर्जर की दसवीं और 12वीं के दस्तावेज थे। पूछताछ में लाखाराम ने बताया कि 2020 में गुढा मल्लाणी बाड़मेर निवासी प्रभुराम विश्नोई से उसकी मुलाकात बहनोई के घर के पास रहने के कारण हुई थी। प्रभुराम ने राजस्थान की हर भर्ती परीक्षा के पेपर उपलब्ध करवाने का दावा किया।

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से पहले लाखाराम की दुबारा प्रभुराम से जयपुर में मुलाकात हुई। प्रभुराम ने लाखाराम को बताया कि उसके पास कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर दो घंटे पहले वाॅट्सएप पर उत्तर सहित आएगा। अगर वह उसके लिए छात्रों को पेपर बेचता है तो वह उसे 8 लाख रु. में दिला देगा। इसके एवज में उसे अच्छा खासा कमीशन मिलेगा।

प्रभुराम ने शर्त रखी की अगर पांच अभ्यर्थियों से 40 लाख रु. जुटा लेता है तो लाखाराम को पेपर फ्री में मिलेगा। इस पर लाखाराम ने अपने जानकार 7 लोगों से संपर्क कर कांस्टेबल व जेईएन भर्ती का पेपर उत्तर सहित उपलब्ध कराने की बात कही। परिवार व जानकारी के सात व्यक्ति पेपर के लिए तैयार हो गए। इनके दस्तावेज लेकर लाखाराम ने प्रभुराम को वाॅट्सएप पर दे दिए। इन अभ्यर्थियों में से एक छात्र ने दो बार में एक लाख रुपए दे दिए। बाकी के सात लाख रुपए के बदले ओरिजनल दसवीं व बारहवीं की मार्कशीट गिरवी रखली। इसमें से एक छात्र को जेईएन का पेपर उपलब्ध कराना था।

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