जयपुर के जेकेलोन में भर्ती:21 करोड़ में ‘पुलकित’ होगी 9 माह की जिंदगी, रेयर डिजीज के इलाज के लिए चाहिए इंजेक्शन

जयपुर9 महीने पहलेलेखक: संदीप शर्मा
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सहारे के बिना बैठ भी नहीं पाता पुलकित। - Dainik Bhaskar
सहारे के बिना बैठ भी नहीं पाता पुलकित।

जयपुर के जेके लोन अस्पताल में भर्ती 9 माह का पुलकित जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। वजह- स्पाइनल मस्कुलर पेट्रोफी डिजीज। इसके कारण पुलकित के शरीर का निचला हिस्सा काम नहीं करता। पिता कृष्णावतार व मां बीना गुप्ता ने बताया कि पुलकित को स्विटजरलैंड की एक कंपनी का 16 करोड़ का एक इंजेक्शन लगना है। टैक्स के साथ 21 करोड़ रु. का पड़ेगा, लेकिन कमाई इतनी नहीं है कि इसे अफोर्ड कर सकें।

प्रदेश में स्पाइनल मस्कुलर पेट्रोफी का पहला मामला
जेके लोन में रेयर डिजीज पर काम कर रही डॉ. रिचा चौधरी ने बताया कि यह डिजीज (एसएमए) आनुवांशिक बीमारी है। नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। स्विट्जरलेंड की कंपनी यह जोलगेंस्मा इंजेक्शन तैयार करती है। इससे नर्वस सिस्टम बेहतर काम करता है और बच्चे को बचाया सकते हैं। हालांकि 11 माह में यह इंजेक्शन लगना जरूरी है।

इलाज में राहत के लिए डॉक्टर्स ने फ्री इंजेक्शन के लिए कंपनी में रजिस्ट्रेशन भी कराया है। लेकिन इस फ्री इंजेक्शन के लिए दुनियाभर से रजिस्ट्रेशन आते हैं। ऐसे में लॉटरी सिस्टम से किसी एक को यह निशुल्क मिलता है। इस प्रोसेस में काफी लंबा समय भी लगता है।

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