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वैक्सीनेशन की दौर:रेलवे बोर्ड: 31 तक सभी का वैक्सीनेशन, सच:10 दिन से एक भी कर्मी को टीका नहीं

जयपुर16 दिन पहलेलेखक: शिवांग चतुर्वेदी
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एसएमएस को रेलवे अस्पतालों में बांटने के लिए निर्देश हैं लेकिन एसएमएस की सूची में रेलवे अस्पताल का नाम ही नहीं है। - Dainik Bhaskar
एसएमएस को रेलवे अस्पतालों में बांटने के लिए निर्देश हैं लेकिन एसएमएस की सूची में रेलवे अस्पताल का नाम ही नहीं है।
  • रेलवे अस्पताल में रेल कर्मियों के अलावा 50 फीसदी तो बाहरी लोग लगवाते हैं वैक्सीन

कोरोना की दूसरी लहर में भी रेल कर्मचारियों ने निरंतर मालगाड़ियों के जरिये सामान व ऑक्सीजन पहुंचाई तथा पैसेंजर ट्रेनों में लोगों को उनके घर...। प्रदेश के 125 और देशभर के दो हजार से अधिक कर्मचारियों की कोरोना के कारण मृत्यु हो गई।

रेलवे बोर्ड की अतिरिक्त सदस्य (एचआर) अल्का अरोड़ा मिश्रा ने 29 जून को उत्तर-पश्चिम सहित सभी जोनल रेलवे के प्रिंसिपल सीपीओ को 31 जुलाई तक रेलवे अस्पताल के वैक्सीनेशन सेंटर/कैंप व अन्य माध्यम से सभी रेल कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को वैक्सीन लगवाने का लक्ष्य दिया था।

आदेश जारी करने से पहले रेलवे ये भूल गया था कि वैक्सीन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। जयपुर सहित प्रदेश के किसी भी रेलवे अस्पताल में को-वैक्सीन या कोविशील्ड ही नहीं उपलब्ध कराई जा रही है। जिसके चलते रोजाना करीब 400 से अधिक रेलकर्मी और परिजन निराश होकर घर लौट रहे हैं। गौरतलब है कि रेलवे अस्पतालों में कर्मचारी और उनके परिजनों के अलावा 50 फीसदी बाहरी लोग भी वैक्सीन लगवाते हैं।
35% को 1 भी नहीं, 55% दूसरी डाेज के लिए परेशान

उपरे (राजस्थान का 95% हिस्सा) के जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर मंडलों के 35 फीसदी कर्मचारियों को वैक्सीनेशन की एक भी डोज नहीं लगी। वहीं 55 फीसदी कर्मचारी दूसरी डोज के लिए परेशान हैं। एआईएफएफ और एनडब्ल्यूआरईयू ने केंद्र और राज्य सरकार से वैक्सीन उपलब्ध करवाए जाने की मांग भी की है। एसएमएस को रेलवे अस्पतालों में बांटने के लिए निर्देश हैं लेकिन एसएमएस की सूची में रेलवे अस्पताल का नाम ही नहीं है।

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