27 साल पहले अवाप्त की जमीन का लिया कब्जा:राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने जयपुर के प्रताप नगर में खाली करवाई 250 करोड़ कीमत की जमीन

जयपुर2 महीने पहले

राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने करीब 27 साल पहले अवाप्त की जमीन का आज कब्जा लिया। बोर्ड के कमिश्नर ने मौके पर पहुंचकर उस जमीन पर बने मैरिज गार्डन को जेसीबी से तुड़वाया। जमीन का कब्जा लेते हुए वहां आवासन मंडल के साइन बोर्ड लगवाए। इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 250 करोड़ रुपए माना जा रहा है।

हाउसिंग बोर्ड कमीश्नर पवन अरोड़ा ने बताया कि प्रताप नगर हल्दीघाटी मार्ग स्थित यह 9 बीघा 5 बिस्वा जमीन साल 1994 में अवाप्त की थी। जमीन अवाप्ति के बाद मुआवजा राशि कोर्ट में जमा करवा दी थी। उसके बाद भी खातेदार ने मौके से कब्जा नहीं छोड़ा। नवंबर 2009 में खातेदार ने जमीन पर मैरिज गार्डन बना लिया। हाउसिंग बोर्ड की अवाप्ति को चैलेंज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका लगा दी। इस याचिका पर सुनवाई के बाद पिछले दिनों कोर्ट ने अवाप्ति को सही मानते हुए खातेदारों की याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद आज जमीन का मौके पर कब्जा लिया गया। इस मौके पर हाउसिंग बोर्ड के चीफ इंजीनियर के.सी. मीणा, राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दशरथ सिंह, संयुक्त महामसचिव गोविंद नाटाणी समेत अन्य अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।

मैरिज गार्डन बना रखा था
बोर्ड ने आज इस जमीन का कब्जा लेते हुए मौके पर बने मैरिज गार्डन को तोड़ने की कार्यवाही की गई। इस दौरान वहां बने 7-8 कमरे बना रखे थे, जिन्हे जेसीबी से तोड़ा गया। हाउसिंग बोर्ड इस जमीन की अवाप्ति के बदले प्रभावितों को अब नकद राशि के बजाए विकसित जमीन का मुआवजा देने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड कमीश्नर अरोड़ा ने बताया कि इन लोगों को उस समय जितना अवाप्त के समय मुआवजा मिला करता था उतना ही जमीन मुआवजे के रूप में दी जाएगी।

खबरें और भी हैं...