जल जीवन मिशन:हर घर नल कनेक्शन के लिए राजस्थान ने फिर केंद्र से मांगी 90% आर्थिक सहायता; केंद्र ने किया इनकार

जयपुर9 महीने पहले
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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राजस्थान के जलदाय मंत्री बीडी कल्ल। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राजस्थान के जलदाय मंत्री बीडी कल्ल।
  • राष्ट्रीय समीक्षा में जल शक्ति मंत्री व जलदाय मंत्री के बीच चर्चा

प्रदेश में जल जीवन मिशन में हर घर नल कनेक्शन के प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने केंद्र सरकार से फिर 90 फीसदी आर्थिक सहायता देने की गुजारिश की है। इसके लिए 2013 से पहले कई स्कीम में 90 फीसदी हिस्सेदारी की हवाला भी दिया है। केंद्र की ओर से आर्थिक सहायता कम होने के कारण मिशन में अब तक 20 फीसदी से भी कम पानी के कनेक्शन ही हो पाएं है। जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने 13 जिलों की नदियों को जोड़ने के लिए 37 हजार 247 करोड़ के ईस्टर्न राजस्थान केनाल प्रोजेक्ट को भी मंजूरी देने की मांग रखी।

हालांकि केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हर बार आर्थिक सहायता बढ़ाने के मामले को यह कह कर टाल दिया कि वित्त आयोग में पहले ही तय हो गया था कि किस राज्य को कितना सहयोग देना है। अब आर्थिक सहयोग बढ़ाना संभव नहीं है। इसको लेकर गाइडलाइन पहले ही जारी हो चुकी है। जल जीवन मिशन की प्रोग्रेस को लेकर शनिवार को जलशक्ति मंत्रालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी राज्यों में हो रहे कामकाज की समीक्षा की।

जलदाय मंत्री बीडी कल्ला बीकानेर व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत दिल्ली से जुड़े। वहीं विभाग के अधिकारी जयपुर में कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। कल्ला ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री से मिशन के तहत योजनाओं के पुनः संयोजन (रेट्रोफिटिंग) के कार्यों के लिए अवधि को दो साल बढ़ाने की भी गुजारिश की। ताकि स्कीम में नई टंकियों के निर्माण व अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर काम को पूरा किया जा सके। जलदाय मंत्री ने शेखावाटी इलाके को यमुना का पानी दिलाने के लिए भी केन्द्र सरकार से मध्यस्थता करने और माही नदी के बाढ़ के पानी को जवाई बांध तक ले जाने की मांग भी रखी।

केवल 20 फीसदी कनेक्शन हुए
जल जीवन मिशन से प्रदेश में 2024 तक एक करोड़ एक लाख घरों में नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। इस वित्तीय साल तक 19.5 लाख घरों में नल कनेक्शन हो पाएगे। यानि करीब 20 फीसदी ही कनेक्शन होंगे। जलदाय विभाग का दावा है कि काम में प्रोग्रेस हो रही है। वित्तीय साल 2021-22 में 30 लाख, वित्तीय ल 2022-23 में 40 लाख और 2023-24 में 12 लाख घरों में नल कनेक्शन हो जाएंगे।

2013 से पहले 90% होती थी सहायता
प्रदेश में पेयजल प्रोजेक्ट को 2013 से पहले केंद्र की ओर से मरुस्थलीय जिलों के लिए 100 फीसदी और अन्य जिलों के लिए 90 फीसदी आर्थिक सहायता मिलती थी। केन्द्र अब बर्फ व पानी वाले पहाड़ी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को मिशन में सौ प्रतिशत सहायता दे रहा है। लेकिन मरुस्थल व भौगोलिक स्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद राजस्थान को केवल 50 फीसदी केंद्रीय सहायता ही दी जा रही है।

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