BJP के आरोपों पर सीएम का जवाब:गहलोत ने कहा- फोन टेप करना सबसे बड़ा क्राइम, विपक्ष के आरोपों में कोई दम नहीं; केंद्र के दबाव में काम कर रहीं सेंट्रल एजेंसियां

जयपुर4 महीने पहले
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पुलिस थानों के नए भवनों के लोकार्पण समारोह को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में बढ़ते अपराधों पर भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा, लोकतंत्र में टोलरेंस पावर होना बहुत जरूरी है। दिल्ली में आज जो सरकार है, उसमें ऐसा नहीं है। ​केंद्र सरकार का ED, CBI, IT और ज्यूडिशियरी पर दबाव है। लोगों मे डर है, उनके फोन टेप हो रहे हैं। पेगासस तो अब आया है, हम तो पिछले पांच साल से यह कह रहे हैं। किसी का फोन टेप करना डेमोक्रेसी में क्राइम है। इसकी सच्चाई भी सामने आएगी। गहलोत 15 नए पुलिस थानों के लोकार्पण और शिलान्यास के वर्चुअल समारोह में बोल रहे थे।

‘बीजेपी वालों के आरोपों में कोई दम नहीं’
गहलोत ने कहा, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर बीजेपी वाले आरोप लगाते हैं। बीजेपी वालों के आरोपों में कोई दम नहीं है। NCRB ने अपनी रिपोर्ट में शुरुआत में ही लिखा है कि अपराध समाज में मौजूद परिस्थितियों का परिणाम है। विभिन्न राज्यों में प्रचलित नीतियों का भी इस पर फर्क पड़ता है। अपराध में वृद्धि और अपराध पंजीकरण में बढ़ोतरी में अंतर है। NCRB ने लिखा है, कुछ लोग दोनों को एक मानने की गलती कर लेते हैं ।

पीड़ित पक्ष के खिलाफ अपराधी की सिफारिश नहीं मानें
इस दौरान गहलोत ने पुलिस को सुझाव देते हुए कहा, डेमोक्रेसी में सिफारिश तो आएंगी, लेकिन सिफारिश उसकी मानो जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिले। अगर पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिलेगा तो आप ड्यूटी पूरी नहीं कर रहे हैं। पुलिस अफसर अपराधी के पक्ष में सिफारिश को नहीं मानें। इससे हमारी कमजोरी साबित होगी। राजस्थान में क्राइम को कंट्रोल रखें ।

बीजेपी राज में रेप के 30 फीसदी मामले कोर्ट के आदेश से दर्ज होते थे
गहलोत ने कहा, सरकारों पर आरोप लगते रहते हैं, लेकिन सच्चाई तो सच्चाई ही होती है। फरियादी को न्याय मिले। गुंडों माफियाओं से बचाव हो, यह ध्यान रखना चाहिए। राजस्थान में 2020 में महिला अत्याचारों में 16 फीसदी की कमी आई है। बीजेपी राज में 2017 -18 में 30 फीसदी महिलाओं को रेप के मामले दर्ज करने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता था, थानों में सुनवाई होती नहीं थी। यह आंकड़ा अब 15 फीसदी पर आ गया है।

जिला पुलिस को गहलोत की नसीहत
गहलोत ने कहा, सभी शिकायतों जिलों में ही निपटारा हो जाए। जयुपर तक शिकायत नहीं आए। जिले से बाहर शिकायत जाती है तो समझिए एसपी के सिस्टम में खामी है। इस पर ध्यान देना चाहिए कि किन कारणों से फरियादी सीएमओ या पीएचक्यू में आता है? कोई व्यक्ति शिकायत के लिए जिले से बाहर जाने के लिए मजबूर न हो ये आपकी जिम्मेदारी है।

झूठे केस की वजह से असली पीड़ितों को नुकसान
गहलोत ने कहा, रेप के मामलों में जब तक समाज का नज​रिया नहीं बदलता, तब तक अकेली पुलिस कुछ नहीं कर सकती। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में 47 फीसदी FIR झूठी पाई गई। 2020 में पोक्सो एक्ट में दर्ज 23 फीसदी मामले और 2021 में 20 फीसदी मामले झूठे पाए गए। झूठे केस की वजह से कई बार असली पीड़तों को भी उसी नजरिए से देखा जाने लगता है।

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