बीजेपी-कांग्रेस नेताओं में जुबानी जंग:नेता प्रतिपक्ष बोले- मंत्रिमंडल ​विस्तार होते ही गिर जाएगी गहलोत सरकार, डोटासरा बोले- बीजेपी नेता आपस में ही एक दूसरे को पटखनी देने में लगे इससे कार्यकर्ता निराश

जयपुर9 महीने पहले
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गुलाबचंद कटारिया और गोविंद सिंह डोटासरा (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
गुलाबचंद कटारिया और गोविंद सिंह डोटासरा (फाइल फोटो)

विधानसभा उपचुनाव और मंत्रिमंडल फेरबदल के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने गहलोत मंत्रिमंडल के फेरबदल में हो रही देरी पर कटाक्ष किया। कटारिया के बयान के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पलटवार करते हुए बीजेपी के आपसी झगड़ों का मुद‌दा उठाया। उपचुनावों में अब दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा- ​गहलोत सरकार का मंत्रिमंडल फेरबदल नहीं हो सकता। जिस दिन सीएम अशोक गहलोत मंत्रिमंडल फेरबदल कर देंगे उसी दिन उनकी सरकार गिर जाएगी। इसलिए गहलोत मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर रहे हैं। उपचुनावों पर कटारिया ने कहा कि दोनों सीटों पर बीजेपी मजबूत है। जनता कांग्रेस सरकार से परेशान है इसलिए वह इन्हें सबक सिखाने तैयार बैठी है।

डोटासरा बोले- एक दूसरे को पटखनी देकर मुख्यमंत्री की दौड़ में लगे बीजेपी नेता

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- बीजेपी में आपस में भारी फूट है। गुलाबचंद कटारिया ने पिछले दिनों कहा कि जब वसुंधरा राजे की चलती थी उस वक्त ही उन्होंने भिंडर को बीजेपी में नहीं आने दिया। अब तो क्या आएंगे। नेता प्रतिपक्ष तो वसुंधरा राजे के प्रभाव को जीरो मानकर चल रहे हैं। बीजेपी के जो हालात बने हुए है। उससे इनके कार्यकर्ता भारी निराशा में हैं। ढाई साल में बीजेपी सरकार के खिलाफ एक मूवमेंट तक खड़ा नहीं कर पाई।

डोटासरा ने कहा- गुलाबचंद कटारिया और सतीश पूनिया पहले बीजेपी की अंदरूनी राजनीति को ठीक कर लें बाद में कांग्रेस पर बयान दें। नेता प्रतिपक्ष ही कह रहे हैं कि वसुंधरा राजे की नहीं चलेगी। बीजेपी नेताओं के इन बयानों से साफ है कि इन्हें विपक्ष की भूमिका नहीं निभानी, इन्हें तो एक दूसरे को पटखनी देकर मुख्यमंत्री बनने की होड़ दिखानी है। मुख्यमंत्री तो तब बनेंगे जब सीटें आएंगी।

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