कोरोना का असर / ‘लॉक डाउन’ से 28 हजार करोड़ के 42 बड़े पेयजल प्रोजेक्ट भी लॉक, गर्मियों में दिक्कत आना तय

Rajasthan Coronavirus Lockdown Impact On Drinking Water Project
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Rajasthan Coronavirus Lockdown Impact On Drinking Water Project

  • कोविड-19 के डर से मजदूरों के बजाए केवल मशीनरी से हो रहे है काम

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 06:25 PM IST

(श्यामराज शर्मा) जयपुर। कोविड-19 महामारी से हुए ‘लॉकडाउन’ के बाद प्रदेश में 42 बड़े पेयजल प्रोजेक्ट व 200 से ज्यादा स्कीम पर काम ठप हो गया है। नई पाइपलाइन डालने, ट्रीटमेंट व फील्टर प्लांट लगाने, पंप हाउस व टंकियां बनाने के साथ ही करीब 28 हजार करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट में लगे मजदूरों के समूह को हटा दिया है।

यहां केवल मशीनरी से करवाने की कोशिश की जा रही है। अब लॉकडाउन टूटने के बाद ही इन स्कीम पर दुबारा काम शुरू हो पाएगा। ऐसे में आगामी गर्मियों में प्रदेश में पेयजल सप्लाई को लेकर दिक्कत होने की आशंका बढ़ गई है। 

प्रदेश में हर साल जनवरी में गर्मियों को लेकर प्लानिंग होती है तथा मार्च से अप्रेल अंत तक प्रोजेक्ट व स्कीम पर काम चलता है, लेकिन अब लॉकडाउन के सभी प्रोजेक्ट पर काम ठप हो गया है।

शहरों में पेयजल सिस्टम सुधार व टैंकर परिवहन के टेंडर ही पेडिंग है। बैंक व दफ्तरों में काम नहीं होने के कारण टेंडर के लिए डीडी नहीं लगा पा रहे है। ठेकेदारों ने लॉक डाउन तक सभी टेंडर स्थगित करने की मांग की है। 

विभाग के चीफ इंजीनियर सीएम चौहान का कहना है कि जिन प्रोजेक्ट व स्कीम पर ज्यादा लोग रहते है, वहां पर काम नहीं हो रहा है, लेकिन यथासंभव मशीनरी से जरूरी काम करने की कोशिश की जा रही है। प्लानिंग है कि गर्मियों के दौरान प्रदेश में कही भी पेयजल दिक्कत नहीं आने देंगे।


टैंकर से पानी परिवहन पर होंगे 66 करोड़ खर्च

प्रदेश में गर्मियों के दौरान टैंकर से पानी परिवहन पर शहरों में 25 करोड़ व ग्रामीण इलाके में 41 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसको लेकर प्रमुख सचिव राजेश यादव ने मंजूरी देकर सभी चीफ इंजीनियरों को फील्ड में तत्काल काम शुरु करवाने के निर्देश दे दिया है। हालांकि लॉक डाउन के कारण अब टेंडर को लेकर दिक्कत हो गई है।

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