पिछली 2 लहरों का ट्रेंड बता रहा खतरे में मासूम:तीसरी लहर में 19 फीसदी बच्चे थे पॉजिटिव, चौथी में बढ़ा खतरा

जयपुर21 दिन पहले

राजस्थान में कोरोना की चौथी लहर की आहट शुरू हो गई है। जयपुर में रोजाना 30 से ज्यादा केस सामने आ रहे है। लेकिन डर इस बात का है कि बच्चों की संख्या पॉजिटिव लिस्ट में बढ़ रही है। अप्रैल में मिले 492 संक्रमितों में 70 बच्चे थे। हालांकि, इनमें 99 फीसदी केस में लक्षण सामान्य मिले हैं। अब भी उन बच्चों को ज्यादा खतरा है, जिनका वैक्सीनेशन शुरू भी नहीं हुआ है। अगर चौथी लहर आती है तो इन बच्चे के सबसे ज्यादा चपेट में आने की आशंका है। पिछली 2 लहरों का ट्रेंड देखे तो डेल्टा वैरिएंट के समय जितने बच्चे संक्रमित हुए थे, ऑमिक्रॉन में संख्या अधिक थी।।

दूसरी लहर के दौरान जयपुर में मिले पॉजिटिव केस और ओमिक्रॉन से दिसंबर 2021 से फरवरी 2022 तक रही तीसरी लहर में केसों की तुलना करें तो तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा संक्रमित हुए। पिछले साल जनवरी से मई तक मिले कुल संक्रमितों में औसतन 8 से 11 फीसदी 20 साल तक की एजग्रुप के बच्चे थे, लेकिन तीसरी लहर के दौरान दिसंबर 2021 से लेकर अप्रैल 2022 तक की रिपोर्ट देखें तो संक्रमित 14 से 19 फीसदी के बीच थे।

गंभीरता कम होने के कारण लोगों में डर कम
विशेषज्ञ की मानें तो कोविड की दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों में गंभीर बीमार बड़ी संख्या में थे। इससे हॉस्पिटल में एडमिशन बढ़ने के साथ ही बहुत संख्या में डेथ भी हुई थी। उस समय डेल्टा वैरिएंट से इंसान के फेंफड़ें सबसे ज्यादा खराब हो रहे थे, जिसके कारण लोगों के सांस लेने में तकलीफ होने और ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई थी। तीसरी लहर में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला तो लोगों में कोरोना को लेकर डर कम रहा।

जयपुर सीएमएचओ डॉ.नरोत्तम शर्मा का कहना है कि जिस तरह दिल्ली, हरियाणा समेत दूसरे राज्यों में केस बढ़ रहे हैं, उसी तरह जयपुर में भी मरीज बढ़ने लगे हैं। इसके लिए हमारी टीम ने टेस्टिंग और ट्रेसिंग बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि अब हमें बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि ओमिक्रॉन वैरिएंट जब आया था बड़ी संख्या में बच्चे संक्रमित हुए थे। वर्तमान में 12 साल से छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन नहीं हो रहा है।