तीसरी लहर की रफ्तार दूसरी से दोगुना तेज:राजस्थान में सेकेंड वेव में 8 दिन में डबल हुए थे केस, इस बार 4 दिन में ही बढ़ रहे

जयपुर9 दिन पहलेलेखक: दिनेश पालीवाल

राजस्थान में कोरोना की थर्ड वेव दूसरी लहर से दोगुना रफ्तार से बढ़ रही है। तीसरी लहर में केस 4 दिन में डबल हो रहे हैं, जबकि दूसरी वेव में केस 7 से 8 दिन में डबल हो रहे थे। एक्सपर्ट ये दावा कर रहे हैं कि दूसरी लहर की तुलना में इस बार ज्यादा मामले आने की आशंका है।

तीसरी लहर का पीक जनवरी के अंतिम या फरवरी के पहले सप्ताह में आ सकता है। दूसरी लहर का पीक डेढ़ से दो महीने में आया था, जबकि थर्ड वेव का पीक एक महीने में ही आ जाएगा। विशेषज्ञों ने पिछले 10 दिनों में आए केस के आधार पर यह अनुमान लगाया है।

दूसरी और तीसरी लहर के केस की तुलना को लेकर एक स्टडी भी सामने आई है। दूसरी लहर में पीक से पहले केस लगातार बढ़ रहे थे। इस बीच पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी आ गई और फिर जब केस बढ़े तो मौत का आंकड़ा भी बढ़ने लगा। तीसरी लहर में पिछले 10 दिन से केस बढ़ रहे हैं। यदि ऐसा ही ट्रेंड रहा तो कुछ ही दिनों में पीक आ जाएगा।

तीसरी लहर की पीक के दौरान राज्य में प्रतिदिन कितने केस आएंगे, इसका अंदाजा लगाना अभी मुश्किल है। हालांकि एक्सपर्ट का यह भी दावा है कि इस लहर में पहली और दूसरी लहर के मुकाबले लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ेगी।

कोरोना का डराने वाला ट्रेंड, एक सप्ताह में ढाई फीसदी घट गया रिकवरी रेट

राजस्थान में अब तक सिर्फ केस की ही संख्या बढ़ रही थी, लेकिन अब राज्य में रिकवरी रेट भी घटने लगा है। रिकवरी रेट घटने का मतलब है कि कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। पिछले एक सप्ताह में रिकवरी रेट ढाई फीसदी कम हो गया है। 5 जनवरी को राजस्थान में रिकवरी रेट 98.54 प्रतिशत था। 11 जनवरी को यह घटकर 96 फीसदी हो गया है।

पहली वेव का पीक आने में 9 महीने लगे
मार्च 2020 में कोरोना का पहला मामला सामने आया। धीरे-धीरे मामले बढ़ते गए। पहली वेव का पीक आने में 9 महीने लगे। शुरुआत में कुछ केस आ रहे थे, लेकिन नवंबर आते-आते इसका पीक आ गया। पहली वेव में जब पीक आया था, तब एक दिन में सर्वाधिक 3314 केस 24 नवंबर 2020 को आए थे।

एक्सपर्ट का दावा: हर्ड इम्यूनिटी डेवलप हो चुकी
स्टेट कोविड मैनेजमेंट कमेटी के मेंबर और SMS के सीनियर प्रोफेसर डॉ. रमन शर्मा ने बताया कि इस बार केस ज्यादा आने के पीछे कारण नया वैरिएंट ओमिक्रॉन है। ये डेल्टा, अल्फा और दूसरे वैरिएंट के मुकाबले ज्यादा तेजी से स्प्रेड होता है। इस बार मरीजों को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि दूसरी लहर की तुलना में इस बार कम लोगों को हॉस्पिटल आने की जरूरत पड़ेगी। इसके पीछे कारण हर्ड इम्यूनिटी है। वैक्सीनेशन और दूसरी लहर के समय संक्रमित हुए लोगों में हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो चुकी है।

मैनेजमेंट कमेटी के एक अन्य मेंबर डॉ. वीरेन्द्र सिंह की मानें तो तीसरी लहर में संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी। संक्रमण फेफड़ों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि महावीर जयपुरिया राजस्थान हॉस्पिटल में अब तक 4-5 मरीज भर्ती हो चुके हैं, जो कॉर्मोबिडिटी कंडीशन वाले हैं। इन मरीजों को पहले से शुगर, हार्ट, लंग्स या किडनी की शिकायत है।

राजस्थान कोरोना LIVE:11 दिन में 24 गुना बढ़े एक्टिव केस, जयपुर में सबसे ज्यादा 14 हजार संक्रमित
कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच जयपुर में पसरा सन्नाटा:चारदीवारी में शाम होते ही बंद हुए बाजार, जो नहीं माने उन्हें गिरफ्तार करने की चेतावनी