जयपुर में रेजिडेंट्स हड़ताल पर उतरे, मरीज परेशान:SMS अस्पताल में बिना इलाज करवाए लौटे मरीज, सीनियर डॉक्टर्स के भरोसे चली ओपीडी

जयपुर9 महीने पहले
जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल के जनरल मेडिसन यूनिट में इलाज के लिए लाइन में खड़े होकर इंतजार करते मरीज।

नीट पीजी काउंसलिंग में हो रही देरी के विरोध में सोमवार को जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल के सभी रेजिडेंट्स डॉक्टर्स ने आज से ओपीडी का बहिष्कार कर दिया। रेजिडेंट्स के इस कदम से मरीजों के लिए आफत आ गई। रविवार की छुट्‌टी के बाद सोमवार को इलाज करवाने पहुंचे मरीजों में बड़ी संख्या में लोग बिना इलाज और जांचे करवाए वापस घर लौट गए। जनरल मेडिसन, आंख, चर्म रोग समेत कई विभागों में रेजिडेंट्स नहीं होने के कारण मरीजों को दो या तीन दिन बाद आने की बात कही।

वहीं, ईएनटी सेक्शन में आंख, कान की जांच करवाने आए मरीजों को भी परेशानी हुई। ऐसे मरीजों को बिना कोई डेट दिए ही कुछ दिन बाद आने की बात कहकर डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ ने लौटा दिया। जयपुर एसएमएस की बात करें तो यहां हर रोज औसतन 8 से 10 हजार लोग ओपीडी में दिखाने आते है।

एसएमएस हॉस्पिटल में खाली पड़ा डॉक्टर चैम्बर।
एसएमएस हॉस्पिटल में खाली पड़ा डॉक्टर चैम्बर।

जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स की ओर से आज एसएमएस हॉस्पिटल के अलावा एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अन्य अस्पतालों में ओपीडी में नहीं आए। केवल इमरजेंसी सेवाओं में डॉक्टर्स ने काम किया। वहीं हॉस्पिटल में मरीजों की भीड़ काे देखते हुए सीनियर डॉक्टरों ने काम संभाला, लेकिन मरीजों की भीड़ के आगे मुट्ठी भर सीनियर डॉक्टर बेहद कम रहे।

आपको बता दें कि रेजिडेंट्स डॉक्टर्स नीट पीजी काउंसलिंग 31 दिसंबर से पहले करवाने की मांग कर रहे है, जबकि केन्द्र सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया है। नीट पीजी काउंसिलिंग का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सुनवाई की अगली डेट 6 जनवरी 2022 दी है। वहीं, डॉक्टर्स ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी इस मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो यह हड़ताल लगातार जारी रहेगी।