पायलट ने बीजेपी को बताया बहरूपिया:बोले- जो पटेल-अंबेडकर को देखते तक नहीं थे, वे आज वोटों के लिए उनकी पूजा कर रहे

जयपुर8 महीने पहले
चाकसू में अंबेडकर प्रतिमा के लोकार्पण समारोह में बोलते सचिन पायलट

पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट ने बीजेपी नेताओं पर हमला बोलते हुए बहुरूपिया तक कह दिया है। पायलट ने कहा- आज अंबेडकर साहब को जो मान सम्मान मिल रहा है वह आपकी बदौलत मिल रहा है। जो लोग अंबेडकर को देखते तक नहीं थे, जो सरदार पटेल को देखते तक नहीं थे, वे आज उनकी पूजा कर रहे हैं, तो आपके दबाव में कर रहे हैं। ये लोग पाखंड में माहिर हैं। इन्हें अंबेडकर साहब से कोई लगाव नहीं है, लेकिन जब वोट लेना होता है, जब सिंहासन की बात आती है तो ये तो बड़े बहुरूपिये हैं, किसी की पूजा कर सकते हैं, किसी को भी ढोक लगा सकते हैं। पायलट चाकसू में डॉ. भीमराव अंबेडकर की अष्ठधातु की प्रतिमा के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे।

पायलट ने कहा- हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। जो लचीले भाषण देकर लोगों में टकराव पैदा करते हैं, लोगों को भड़काते हैं,दंगे करवाते हैं। फूट डालो राज करो की बात करते हैं, ऐसे लोगों से बचकर रहना होगा। ऐसे तत्त्वों से मिलकर मुकाबला करना होगा।

बीजेपी ने हर क्षेत्र में देश से धोखा किया
पायलट ने कहा- आज दुख इस बात का है कि भाजपा ने जनता से बड़े बड़े वादे किए, हर क्षेत्र में देश से धोखा किया। अर्थव्यवस्था चौपट है। महामारी में हजारों मर गए। कोई जिम्मेदारी लेने सामने नहीं आया। केंद्र सरकार ने जले पर नमक छिड़कने का काम किया। किसान की आमदनी दोगुनी करने, 15 लाख खाते में डालने, भ्रष्टाचार खत्म के वादे किए। किसी किसान की आमदनी दोगुना हुई क्या? किसान को खाद, बीज, बिजली नहीं मल रहा, फसल का पूरा दाम नहीं मिल रहा है। इसके अलावा ऐसे कानून बना दिए जिनका किसान साल भर से विरोध कर रहा है लेकिन केंद्र सुन नहीं रहा। महंगाई लगातार बढ रही है, इसका भार गरीब, वंचित पर पड़ रहा है।

हम लोगों को बांटकर आगे नहीं बढ़ सकते
पायलट ने कहा- अंबेडकर साहब के नाम से कई पार्टियां बनी, कई लोग पदों पर पहुंच गए, यह देश तब आगे बढा है जब पूरा समाज आगे बढ़ा है। हम लोगों को बांटकर आगे नहीं बढ़ सकते। राजेश पायलट साहब बोला करते थे कि जब गांव ढाणी में रहने वाले गरीब का बच्चा पढ़ लिखकर सशक्त बन जाए और नीति बनाने वाली कुर्सी पर बैठे तभी असली विकास होगा। केवल चुनाव जीतने और पद लेने से काम नहीं होता, नीति निर्धारकों के मन में इन वर्गों को लेकर दिल में दर्द भी होना चाहिए, ऐसे लोग ही देश को आगे ले जा सकते हैं।