पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

VIDEO में देखें कचरे में मिली 532 टीके की वायल:इनमें 130 वायल तो पूरी और 100 आधी भरी हुईं, बाकी से भी लग सकता था टीका; भास्कर की पड़ताल में सामने आया सच

जयपुर2 महीने पहले
भास्कर के पास मौजूद वायल।

राजस्थान में वैक्सीन बर्बाद की जा रही है, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही। जब भास्कर ने इस बर्बादी की पड़ताल की तो सामने आया कि सरकारी अमले ने 532 वायल कचरे में फेंक दीं। भास्कर के खुलासे के बाद भी चिकित्सा मंत्री ने सिर्फ 2% वैक्सीन की बर्बादी की बात कही। इसलिए आज हम आपको उन 532 वैक्सीन का वीडियो दिखा रहे हैं, जो कचरे से उठाई गईं। इनमें से 130 वायल तो पूरी भरी हुई हैं जबकि 100 आधी से ज्यादा भरी हैं। ये सभी वायल भास्कर के पास हैं।

केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 16 जनवरी से 17 मई तक 11.50 लाख से ज्यादा कोविड डोज बर्बाद कर दिए गए। वैक्सीन की बर्बादी पर भी राज्य और केंद्र सरकार के अपने-अपने आंकड़े हैं। राजस्थान सरकार बता रही है कि प्रदेश में वैक्सीन वेस्टेज मात्र 2% है, जबकि अप्रैल में केंद्र ने 7% और 26 मई को 3% वैक्सीन खराब होना बताया है। भास्कर टीम जिन कोविड वैक्सीनेशन केंद्रों तक पहुंची, वहां वैक्सीन की बर्बादी का प्रतिशत 25% तक मिला है।

टोंक के स्वास्थ्य केंद्र में खाली वायल जलाई भी गईं
भास्कर टीम की पड़ताल के दौरान 28 मई को टोंक जिले के लांबा हरिसिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास नाले में जली हुई वैक्सीन भी मिलीं। वहां मौजूद डॉक्टर से जब खाली वायल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जली हुई वायल दिखाते हुए कहा, 'खाली वायल तो हमने जला दीं।'

डिस्पोजल वेस्ट के लिए डाली गई थीं वैक्सीन जो भास्कर के पास मौजूद हैं।
डिस्पोजल वेस्ट के लिए डाली गई थीं वैक्सीन जो भास्कर के पास मौजूद हैं।

डॉक्टर बोले- हमारे पास वायल संभालकर रखने के आदेश नहीं
भास्कर रिपोर्टर ने जब उनसे कहा कि अगर किसी व्यक्ति को दिक्कत हो गई, तो कैसे पता चलेगा कि किस बैच की वैक्सीन लगी थी। डॉक्टर ने कहा कि हमें सरकार की ओर से ऐसे कोई आदेश नहीं मिले कि टीका लगाने के बाद वायल को संभालकर रखना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने 5.35% वैक्सीन की बर्बादी बताई, असल में ये 25%
राजस्थान में वैक्सीन की बर्बादी पर स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा अपना बचाव करते हुए खुद घिर गए। रघु शर्मा दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में 2% वैक्सीन ही बर्बाद हुई है, जबकि देश का औसत 6% है। शर्मा ने सोशल मीडिया पर स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए बूंदी की जिस खटकड़ सीएचसी में 5.35% वैक्सीन की बर्बादी बताई है, वहां हकीकत में 25% तक डोज बर्बाद हुए हैं। केंद्रीय चिकित्सा मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि ये वायल डिस्पोजल वेस्ट के लिए डाली गई थीं। ऐसे में सवाल है कि क्या भरी हुई वायल डिस्पोजल के लिए भेजी जाती हैं?

अपने सेंटरों से ही सीख की डोज ले लें
केरल को जितनी वैक्सीन वायल मिलीं, उससे 87 हजार से ज्यादा लोगों को डोज लगाई गई। राजस्थान में ही स्वास्थ्य केंद्र हिंडौली की ओर से सीनियर सेकेंडरी स्कूल में लगे कैंप में एक भी डोज बर्बाद नहीं की गई। हेल्थ वर्कर गायत्री शर्मा को 27 मई को 22 वायल मिलीं जिससे 240 लोगों को टीका लगाया। बूंदी के बालचंद पाड़ा केंद्र पर हेल्थ वर्कर महिमा वर्मा, अयोध्या शर्मा और अफरोज ने 25 वायल से 274 लोगों को बुला-बुलाकर टीका लगाया।

इस तस्वीर को गौर से देखिए। भास्कर ने ऐसे ही कचरा पात्रों से 500 वायल उठाईं। इनमें बाकायदा बैच नंबर और लगाने की तारीख तक दर्ज है। इनकी जांच करके सिस्टम के सुराख बंद करने की बजाय स्वास्थ्य मंत्री संबंधित पत्रकार पर ही कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं।
इस तस्वीर को गौर से देखिए। भास्कर ने ऐसे ही कचरा पात्रों से 500 वायल उठाईं। इनमें बाकायदा बैच नंबर और लगाने की तारीख तक दर्ज है। इनकी जांच करके सिस्टम के सुराख बंद करने की बजाय स्वास्थ्य मंत्री संबंधित पत्रकार पर ही कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं।

फिर वैक्सीन पर शुरू हुई सियासत
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने सोशल मीडिया पर कहा कि दैनिक भास्कर अखबार में डस्टबिन में वैक्सीन मिलने की खबर पूरी तरह तथ्यों से परे और भ्रामक है। वायल का उपयोग करने के बाद इन्हें नियमानुसार संबंधित चिकित्सा संस्थान में ही जमा करवाया जाता है।

हमारे पास 532 वायल हैं। इनकी डिटेल इस प्रकार है...

पूरी भरी वायल130
आधी से ज्यादा भरी100
तीन से चार डोज150
एक या दो डोज152
टोटल532
खबरें और भी हैं...