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नगरीय विकास विभाग का फैसला:राजस्थान सरकार ने प्लॉट बांटने व जोड़ने की दरें 25 से 35 गुना बढ़ाईं, 1975 के नियम संशोधित

जयपुर12 दिन पहले
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शहरी इलाकों में भूखंडों के सब डिविजन, दो भूखंडों के पुनर्गठन, इंप्रूवमेंट की दरें 25 से 35 गुना तक बढ़ा दी गई हैं। - Dainik Bhaskar
शहरी इलाकों में भूखंडों के सब डिविजन, दो भूखंडों के पुनर्गठन, इंप्रूवमेंट की दरें 25 से 35 गुना तक बढ़ा दी गई हैं।
  • एक और चोट, 3 रुपए/वर्ग गज शुल्क बढ़ाकर 75 से 100 रुपए/वर्गमीटर किया

राजस्थान के शहरी इलाकों में भूखंडों के सब डिविजन, दो भूखंडों के पुनर्गठन, इंप्रूवमेंट की दरें 25 से 35 गुना तक बढ़ा दी गई हैं। बढ़ी दरें जयपुर, जोधपुर, अजमेर उदयपुर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर सहित प्राधिकरण और यूआईटी वाले 18 शहरों में लागू कर दी गई हैं। पहले यह शुल्क 3 रुपए प्रति वर्गगज था, जिसे अब 75 से 100 रुपए प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।

इससे प्रति प्लाॅट भूखंडधारकों पर अब अधिकतम 35-50 लाख रुपए तक का पुनर्गठन, उपविभाजन आदि का शुल्क लगेगा। नगरीय विकास विभाग ने राजस्थान अरबन एरिया (सब डिविजन, रि-कोंस्टीट्यूशन एंड इंप्रूवमेंट आफ प्लाॅट्स) रूल्स 1975 में गुरुवार को संशोधन कर नए आदेश जारी किए हैं।

पहले सभी प्रकार के प्लाॅट्स के लिए एक जैसी दरें थीं, अब 5 श्रेणियों में बांट दिया

रेंजीडेंशियल; 75 रुपए/वर्गमी., अधिकतम 35 लाख रुपए तक। काॅमर्शियल; 100 रुपए/वर्गमी., अधिकतम 50 लाख रुपए तक। इंस्टीट्यूशनल; 25 रुपए/वर्गमी., अधिकतम 15 लाख रुपए तक। इंडस्ट्रियल; 50 रुपए/वर्गमी., अधिकतम 20 लाख रुपए तक। ट्यूरिज्म यूनिट; 25 रुपए/वर्गमी., अधिकतम 15 लाख रुपए तक।

पुरानी व्यवस्था

पूर्व में सभी श्रेणी के भूखंडों के लिए पुनर्गठन, उप विभाजन दरें 3 रुपए प्रति वर्गगज थीं। हाउसिंग काे-ऑपरेटिव सोसायटी के भूखंडों पर 25 रुपए घर के प्रति निर्मित यूनिट या 1000 रुपए में जो ज्यादा हो देना तय था।

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