कोरोना की तैयारी / वीकेआई और सांगानेर में लॉकडाउन के चलते दूसरेराज्यों के 1 लाख लोग अटके, परिवार पालने की चिंता

Rajasthan Jaipur coronavirus latest news, no wages cutdown, helping labours
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  • श्रम विभाग की ओर से विजिट में बंद पाई गई सारी यूनिट, देशहित में लॉकडाउन का पालन हो रहा
  • जिम्मेदार बोले- हम वेतन नहीं काटेंगे, श्रमिकों को खाना देना हमारी जिम्मेदारी

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 06:32 AM IST

जयपुर (महेश शर्मा). बिहार के सुरेश सांगानेर इंडस्ट्रीयल एरिया में काम करते हैं, जो लॉकडाउन के चलते यहीं फंस गए। सुरेश की फैक्ट्री फिलहाल बंद पड़ी है और रोजगार का संकट भी उनके सामने है। सैकड़ों किलोमीटर दूर परिवार पालने की चिंता उनको मन ही मन खाए जा रही है। अकेले सांगानेर इंडस्ट्रीयल एरिया में ही सुरेश जैसे 50 हजार लोग इस समय मौजूद हैं। महामारी और लॉकडाउन के दौरान परदेश में रहने के कारण इनको घर वालों की, तो घरवालों को इनकी पीड़ा सता रही है।

जो लोग अपना और परिवार का पेट पालने के लिए यहां आए हुए हैं, उनको हर पल रोजी की पीड़ा भी है। वहीं बात मालवीय नगर, वीकेआई इंडस्ट्रीयल एरिया की करें तो करीब 1 लाख लोग इसी तरह के हालात से गुजर रहे हैं। भास्कर ने इनमें मौजूदा हालात और भविष्य की चिंताओं को जाना तो सामने आया कि फिलहाल सभी फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं। लॉकडाउन का पालन करने के लिए लेबर डिपार्टमेंट की टीम भी मौके पर विजिट करके गई तो फैक्ट्रियां बंद मिलीं।

दो दिन पहले सांगानेर एरिया में किसी फैक्ट्री के चलने की सूचना आई तो एसोसिएशन ने इसे पूरी गंभीरता से लिया। पता कराया तो सामने आया कि केवल सामान को शिफ्ट किया जा रहा था। हालांकि उनको लॉकडाउन में इस तरह की किसी गतिविधि से भी साफ इंकार किया। लेकिन इस बीच अब सवाल तीनों इंडस्ट्रियल एरिया में रह रहे बाहरी कार्मिकों का है।

बड़ा सवाल-श्रमिकों के भोजन की व्यवस्था का

वीकेआई, सांगानेर, मालवीय नगर में मिलाकर 5 हजार इकाइयां हैं। इनमें 1 लाख लोग हैं, जो बिहार आदि बाहर के राज्यों के हैं और घर नहीं पहुंच पाए। फिलहाल सबसे बड़ा चैलेंज खाने-पीने की व्यवस्थाओं का है। व्यापारी इसका समाधान निकालने की बात कर रहे हैं। 

सभी ने एक सुर में कहा- हम वेतन नहीं काटेंगे, श्रमिकों को खाना देना हमारी जिम्मेदारी

कर्मचारियों को बिना काम के वेतन देंगे

हमारे यहां 900 यूनिट हैं, सभी पूरी तरह बंद हैं। रोजाना सभी व्यापारियों को मैसेज भी करते हैं। बहरहाल इन यूनिट में बाहर के करीब 50 हजार कर्मचारी यहीं पर हैं। इस विषम परिस्थिति में हम हमारे कर्मचारियों को बिना काम के वेतन देंगे। - राजेंद्र जिंदगर, जनरल सेक्रेट्री, सांगानेर कपड़ा रंगाई छपाई एसोसिएशन

कर्मचारी यहीं पर अटक गए

वीकेआई और आसपास के क्षेत्र में मल्टी प्रोडेक्ट इंजीनियरिंग, बेयरिंग, साबुन, केमिकल, प्लास्टिक, ऑयल, खाने की मिल, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज आदि की करीब साढ़े 3 हजार इकाइयां हैं। काफी कर्मचारी यहीं पर अटक गए। किसी कर्मचारी को वेतन, सुरक्षा आदि की कमी नहीं रहेगी। - जगदीश सोमानी, वाइस प्रेसिडेंट, फोर्टी

कर्मचारी हमारी जिम्मेदारी

हमारे यहां 200 यूनिट साबुन, गारमेंट, पीवीसी प्रोफाइल, इंजीनियरिंग इलेक्ट्रॉनिकल आदि की हैं। यहां एक लाख लेबर है। लोकल कम है। लॉकडाउन में किसी की सैलरी नहीं कटेगी, बैंक अकाउंट डालेंगे। जो यहां अटके है, वे हमारी जिम्मेदारी हैं। - शरद कांकरिया, जनरल सेक्रेट्री, मालवीय नगर इंडस्ट्रीयल एरिया

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