जयपुर / संकट में अन्नदाता: कोरोना के खतरे के बीच फसल कटाई को दूसरे राज्यों से मशीनें आने में भी समस्या

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • सरकार के दिशा-निर्देश: जहां तक संभव हाे ऑटोमेटिक मशीनों से ही फसल कटाई की जाए
  • हाथों से फसल कटाई के उपकरण भी काम में लिए जा सकते हैं, लेकिन उसे तीन बार कीटाणु रहित करें

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 08:34 AM IST

जयपुर. पहले अतिवृष्टि ने फसलें चौपट की। अब कोरोना वायरस के कहर के चलते फसल कटाई और उसे मंडी तक पहुंचाने का संकट किसान के माथे खड़ा है। कोरोना वायरस के खतरे के बीच किसानों की फसल कटाई की मजबूरी भी है। फसल खेत में तैयार खड़ी है। ऐसे में कृषि विभाग ने अब फसल कटाई के संबंध में भी दिशा निर्देश जारी किए हैं। किसानों से कहा गया है कि जहां तक संभव हो सके स्वचालित मशीनों के जरिए ही फसल कटाई की जाए। इसके अलावा हाथों से फसल कटाई के उपकरण काम में भी लिए जाते हैं तो दिन में कम से कम 3 बार साबुन के पानी से उन्हें कीटाणु रहित करें।

 
हालांकि इसमें समस्या यह है कि फसल कटाई के लिए ज्यादातर थ्रेसर मशीनें राजस्थान में पंजाब के जरिए ही आती है। लॉक डाउन के चलते  सभी राज्यों की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं।  इसके साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि फसल कटाई के समय यह ध्यान रखा जाए कि सोशल डिस्टेंसिंग की सख्ती से पालना की जाए। खेत में फसल कटाते समय एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच 5 मीटर की दूरी बनाई जाए। खाने के बर्तन अलग-अलग हों और खाना खाने के बाद बर्तनों को साबुन के पानी से अच्छी तरह साफ किया जाए। एक व्यक्ति द्वारा काम में लिया गया उपकरण दूसरा व्यक्ति हरगिज काम में नहीं ले। कटाई अपने-अपने उपकरणों से ही की जाए।  कटाई की अवधि में पहले दिन के पहने कपड़े दूसरे दिन काम में नहीं लें। 

फसल बीमा योजना खरीफ-2019 के राज्यांश प्रीमियम के 100 करोड़ रु. जारी

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ-2019 के राज्यांश प्रीमियम के रूप में नागौर एवं अजमेर के लिए बीमा कंपनियों को 100 करोड़ रुपए जारी किए हैं। कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने बताया कि नागौर के लिए 71 करोड़ 96 लाख 29 हजार रुपए एवं अजमेर के लिए 28 करोड़ 3 लाख 71 हजार रुपए जारी किए गए हैं। अजमेर जिले के काश्तकारों के लिए कम्पनी को 9 करोड़ 95 लाख 91 हजार रुपए पहले ही जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार का प्रीमियम अंश जमा होने के बाद इन दोनों जिलों के किसानों को बीमा मुआवजा मिल जाएगा।

पशु चारा उपलब्ध करवाने के लिए कलेक्टरों को निर्देश

पशुपालन विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर चारा उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। विभाग के सचिव राजेश शर्मा ने बताया कि चारा सप्लाई करने वाले वाहन में अधिकतम दो व्यक्तियों को इजाजत दी गई है।

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