कोरोना को हराना है / चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा- राजस्थान में वायरस दूसरी और तीसरी स्टेज के बीच में, बाहर से आने वाले बड़ी चिंता

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा।

  • होम आइसोलेशन और क्वारेन्टाइन में रखे गए लोगों की निगरानी के लिए शिक्षक और होमगार्ड पहरा देंगे
  • यदि कोई दुकानदार जरूरी सामान की ज्यादा कीमत वसूले तो तुरंत पुलिस को बताएं, कार्रवाई की जाएगी

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 04:10 AM IST

जयपुर. कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश का चिकित्सा महकमा दिन-रात जुटा है। पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही है। युद्धस्तर पर स्क्रीनिंग का काम चल रहा है। जहां से भी सूचनाएं आती हैं कि चिकित्सा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ लैब टेक्निशियन, संविदा पर काम कर रहे लोग इन दिनों लोगों के बचाव में जुटे हैं। ऐसी ही विकट परिस्थितियों में कोरोना को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे होंगे। ऐसे ही सवालों के जवाब देने के लिए चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा दैनिक भास्कर कार्यालय आए। उन्होंने एक घंटे तक इत्मीनान से लोगों के सवाल सुने और उनके जवाब भी दिए।

प्रश्न- क्या प्रदेश में कोरोना काबू में है? रोज नए इलाकों से पाॅजिटिव आ रहे हैं? अभी वास्तविक हालात कैसे हैं? क्या कोरोना तीसरे फेज में है?
मंत्री- बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, जालौर, पाली, बाड़मेर समेत कई जिलों की पट्टी बड़ी चिंता का विषय है, जिनके हजारों की संख्या में मारवाड़ी और अन्य मजदूर बाहरी राज्यों से पैदल भागे आ रहे हैं। वे जबरन सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। इनसे कम्यूनिटी संक्रमण का खतरा हो सकता है। हालांकि, प्रदेश की सीमा पर प्रवेश करते ही उनकी स्क्रीनिंग की जा रही है। अभी हम कोरोना के दूसरे और तीसरे फेज के बीच में हैं। 


प्रश्न- भीलवाड़ा और झंझुनंू जैसी जगहों पर कम्यूनिटी इंफेक्शन का खतरा है। वहां आपने एक साथ लाखों लोगों के सैंपल क्यों नहीं लिए?
मंत्री-
 कोरोना के लक्षण सामने आएं, तभी सैंपल लेने का प्रावधान है। बिना लक्षण के सैंपल कैसे लें। फिर भी हमने अकेले भीलवाड़ा जिले में 18.5 लाख लोगों का सर्वे करवा दिया। लक्षण सातवें-आठवें या कई बार कई दिन बाद सामने आते हैं। भीलवाड़ा के 11 हजार संदिग्ध लोगों पर पूरी नजर है। झूंझुनू में स्थिति कंट्रोल में है।


प्रश्न- प्रदेशभर में होम आइसोलेशन और क्वारेन्टाइन में कुल कितने लोगों को रखा गया है? क्या लोग इसकी पालना कर रहे हैं? 
मंत्री-
इसका पूरा आंकड़ा तो तैयार करके नहीं लाया। लेकिन जहां-जहां लोगों को होम आइसोलेशन और क्वारेन्टाइन में रखा है, उनकी निगरानी के लिए छुट्टी पर भेजे गए होमगार्ड्स, शिक्षक, ग्रामसेवक आदि का पहरा लगाया जाएगा।


प्रश्न- काेराेना के डर से 108 एंबुलेंस सेवा को पुलिसवाले थाने में खड़ी नहीं करने दे रहे। कोरोना रोगियों को लाने वाले ड्राइवर कहां गाड़ी ले जाएं?
मंत्री-- यह गंभीर शिकायत है। गृह विभाग के अफसरों काे अादेश देंगे कि एेसा न करेंे। एेसा करने वाले पुलिसवालाें पर सरकार एक्शन लेगी। एंबुलेंस थानों में ही खड़ी रहेगी। 


प्रश्न- कई इलाकों में लाॅकडाउन के कारण ज्यादा कीमतें वसूली जा रही हैं। इसे लेकर सरकार का क्या कदम उठा रही?
मंत्री-
 दुकानदार एक पैसा ज्यादा नहीं ले सकते। कोई लेता है तो तुरंत पुलिस या एसडीएम को फोन करें। हर जिले में कंट्राेल रूम बना है। वहां अाम लाेग शिकायत कर सकते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ धारा 188 में पुलिस को सख्त कार्रवाई के लिए लिखा हुआ है। दूध वितरण और सब्जी बेचने पर कोई पाबंदी नहीं है, पुलिस इन्हें न रोके।  


प्रश्न- जोधपुर में एक ही ट्रेन के तीन पैसेंजर पाॅजीटिव मिले हैं? क्या पूरी ट्रेन का डिब्बा संक्रमित हो गया, क्या कार्रवाई की गई? 
मंत्री-
 हां, नई पाॅजिटिव पाई गई महिला ऊपर की बर्थ पर सो रही थी। नीचे की बर्थ पर कोरोना पीड़ित दंपति सो रहा था। महिला अपनी बर्थ से नीचे उतरी होगी और हैंडल पकड़ने से कोरोना हो गया। ट्रेन के कोच की सवारियों को ट्रेस किया जा रहा है।

बीकानेर से अजय : मैं आपको कोरोना की एक दवाई बताना चाहता हूं?
जवाब:
मेडिकल साइंस के एक्सपर्ट के मुताबिक अभी इसकी कोई दवा नहीं है। डब्ल्यूएचओ के पास भी कोई दवा नहीं है। इसलिए मेरा आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि दवा बताने का जो हमारे देश का कल्चर बन गया है। इसको रोक दो।

सरदारशहर से मधु, उदयपुर से रामकिशोर और शाहपुरा जयपुर से प्रमोद: कोलकाता, गुजरात और गांवाें में बाहर से लोग आ रहे है। संक्रमण फैलेगा? किसको कहें?
जवाब:
मैं अभी सरदारशहर एसडीएम और सीएमएचओ को फोन करता हूं। घर पर ही रहें। उदयपुर में गुजरात में लोग प्राइवेट नौकरी करने वाले पैदल ही आ रहे हैं। हम इनकी स्क्रीनिंग कर रहे हैं। (शाहपुरा की बात पर)एसडीएम स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। सरपंच, वार्ड पंच और लोकल मीडियाकर्मी नए आने वालों की पहचान करें। सूचित करें।

भीलवाड़ा से कैलाश: बांगड़ अस्पताल के डॉक्टर की ओपीडी से लोग संक्रमित हुए। आपने क्या कार्रवाई की?
जवाब: हमने सब पता करवा लिया है। गलती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। कोरोना नियंत्रण में रहे, इसके लिए काम कर रहे हैं। 


झोटवाड़ा से रामकरण : झोटवाड़ा और आसपास के इलाकों में कई दुकानदार आटे के पैसे एमआरपी से ज्यादा ले रहे हैं। 
जवाब:
पुलिस को तुरंत बताओ। उसका इलाज हो जाएगा। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। आप वाजिब रेट ही दो। डरने की जरूरत नहीं है। 


सीकर से प्रशांत : होम क्वारेंटाइन वाला व्यक्ति बाहर आता है तो क्या करें?
जवाब: उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है। उसको कोई अधिकार नहीं है कि संक्रमण फैलाए। अगर कोई होम क्वारेंटाइन का आदमी बाहर आता है तो इसकी सूचना प्रशासन को दें। 

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जयपुर से दिनेश सिंघल : मास्क की जरूरत कब पड़ती है। नहीं लगाऊं तो क्या होगा?
जवाब:
एक बात स्पष्ट कर दूं। यह वायरस सरफेस के माध्यम से फैलता है। छींकने से जो लिक्विड निकलता है। उससे फैलता है। इससे बचने के लिए मास्क लगाने की जरूरत है। बार-बार हाथ धोना और एक मीटर की दूरी जरूरी है।


झुंझुनूं से संजय : मुझे खांसी-जुकाम है तो क्या कोरोना हो सकता है?
जवाब:
कोरोना के कुछ सिम्पटम्स हैं- जैसे सूखी खांसी, तेज बुखार। वह हो, तभी डॉक्टर को दिखाओ। सामान्य खांसी जुकाम कोरोना नहीं है। 


झालावाड़ से संतोष : हम डरे हुए हैं।
जवाब: झालावाड़ में हालात नियंत्रण में हैं। डरने की कोई जरूरत नहीं है। अगर सूखी खांसी है और तेज बुखार है तो डॉक्टर को दिखाओ।  


बारां से राकेश: कोई संक्रमित लगे, क्या करें? 
जवाब: राज्य सरकार ने कंट्रोल रूम 104 और 108 बना रखा है। यह अस्पताल तय करेगा कि किसे आइसोलेट करना है। हर खांसी-जुकाम वाला आदमी कोरोना संक्रमित नहीं है। 


जयपुर से धर्मेंद्र : क्या एन-95 मास्क की कमी चल रही है?
जवाब: मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल या जिला अस्पताल है। वहां एन-95 मास्क की जरूरत पड़ती है। मास्क की कोई कमी नहीं है।


भरतपुर से राजेश : आइसोलेशन की हमें कितनी जरूरत है?
जवाब: आइसोलेशन को लेकर डॉक्टर निर्णय करते हैं। पूरा महकमा अलर्ट मोड पर है। आप मेहरबानी करके घर पर ही रहें। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जो फैसला किया है। उसका पालन करें। हम हमारा कर्त्तव्य पूरा कर रहे हैं।


अजमेर से मदनलाल : सरकार कोरोना से जागरूकता के लिए क्या कर रही है?
जवाब: जागरूकता हर व्यक्ति में आनी चाहिए। अगर लोग जागरूक नहीं होंगे तो कैसे बचेंगे। पंचायत के सरपंच, वार्ड पंच और नगरपालिकाओं के पार्षद, पार्टियों के प्रतिनिधियों को जागरूकता के लिए हमारा एंबेसेडर बनना चाहिए। 


जयपुर से रीमा : हम सुबह दूध लाते हैं। डर बना रहता है कि कहीं इस थैली से कोरोना वायरस आ गया तो क्या होगा?
जवाब: डरने की जरूरत नहीं है। आप दूध की थैली लाकर उसको गर्म पानी से कुछ देर धो लें।

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जहाजपुर भीलवाड़ा से पवन पंचौली, जोधपुर से रमन कुमार और राजसमंद से पवन : यहां डॉक्टर ही नहीं हैं। कोरोना का इलाज कौन करेगा?
जवाब: हमने कल ही 30 डॉक्टर भेजे हैं। चिंता मत करो। भीलवाड़ा में हालात काबू में हैं। जोधपुर डरे नहीं- 735 नए डॉक्टरों को सीएमएचओ के अंडर लगाया है। राजसमंद में कल ही नए डॉक्टरों की भर्ती की है। दो हजार डॉक्टरों की और भर्ती करेंगे। 


जोधपुर से वीसी सिंह : सरकार इस महीने रिटायर होने वाले डॉक्टरों को एक्सटेंशन दे सकती है। क्या ऐसा संभव है?
जवाब: हां, सरकार इस पर विचार कर रही है कि रिटायर होने वाले डॉक्टर और अन्य कर्मियों को पे माइनस पेंशन पर रख लिया जाए।

बिलाड़ा से दिनेश : एन-95 मास्क और पीपीई किट ही नहीं है। कोरोना कैसे हारेगा? 
जवाब:
(तुरंत पीआरओ से कहा) जोधपुर सीएमएचओ को बोलो बिलाड़ा समेत जहां-जहां मास्क नहीं है, वहां सप्लाई करें। 

नोखा से अंकित और पाली से नरेंद्र : संविदा कर्मी काम कर रहे हैं। हमें कोई दिक्कत हुई तो क्या होगा? हम नियमित कब होंगे?
जवाब:सरकार आपके साथ है। कुछ हुआ तो सरकार विशेष ध्यान देगी और पैकेज की व्यवस्था करेगी। नियमितीकरण के लिए एक कमेटी गठित की जा चुकी है। यह कमेटी ही इस पर निर्णय करेगी।

भीलवाड़ा से कृष्ण : 108 सेवा में किट नहीं हैं।
जवाब: संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं। 108 के साथ प्रदेशभर के सभी इलाकों में कोरोना किट हो।  

झुंझुनूं से विनीत : 2016 एएनएम रिजल्ट नहीं आया है। हम चाहते हैं- हम भी सेवा करें।
जवाब:
सरकार काम कर रही है। जल्द निर्णय लेंगे। 

मेहंदीपुर बालाजी से कालूराम : छिड़काव केवल नगर पालिका में हो रहा है। गांवों में नहीं। 
जवाब: नगरपालिकाओं को नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवालजी ने सार्वजनिक स्थानों को सेनेटाइज करने का निर्देश दिया है। गांवों में व्यवस्था करेंगे।

अलवर से राम कुमार : कोरोना की जांच सुविधा पर्याप्त नहीं है। सरकार क्या कर रही?
जवाब: कोरोना वायरस 2 मार्च को आया था। पहले जयपुर में ही थी। अब हर जिले में जांच की सुविधा की कवायद शुरू कर दी है। 

लालसोट से मनोज: वेंटिलेटर्स की कमी है?
जवाब: वेंटिलेटर्स की कमी नहीं आएगी। ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री को वेंटिलेटर तैयार करने को कहा है।

दौसा से कोमल शर्मा- दिहाड़ी मजदूर, श्रमिक भूखे हैं, उनके लिए सरकार क्या इंतजाम कर रही है?
जवाब: कई ट्रस्ट खाने के इंतजाम कर रहे हैं। सरकार ने एक दिन पहले ही सभी मजदूरों के खातों में पैसे डाल दिए हैं। जिनके पास खाते नहीं है। उन्हें कलेक्टराें काे नकदी देने के लिए अादेश दिया गया है।  


कोटा से अंकुश : हॉस्टल में खाना नहीं मिल रहा? 
जवाब: आप वहां के कंट्रोल रूम में फोन करें। सरकार सभी को खाना देगी। कोई भूखा नहीं सोएगा। 

अजमेर से एपी माथुर : खाने की सप्लाई की चेन टूट रही है। सरकार मोबाइल वैन चलाएगी।
जवाब:
जहां से भी ऐसी शिकायत आएगी, वहां राशन पहुंचाने का पुख्ता इंतजाम कर रहे हैं। 

जालौर से कमलेश : जिन गरीबों के बैंक अकाउंट नहीं है, उनको पैसे कैसे मिलेंगे?
जवाब: सरकार ने पेंशन के लिए 310 करोड़ रुपए जारी किए हैं। सीधे खातों में जाएंगे। और जिनके अकाउंट नहीं है। सरकार उनको नकद भुगतान करेगी।

नसीराबाद से जयकुमार : नसीराबाद में फूड पैकेट सप्लाई नहीं हो रहे?
जवाब: नसीराबाद के एसडीएम की ड्यूटी लगाई है। पर्याप्त फूड पैकेट बांटे जाएंगे। पंचायतों में प्रतिव्यक्ति 5 किलो अनाज देंगे। दो महीने की पेंशन खातों में दी है।

विजयबाड़ी से प्रदीप : दूध-सब्जी के ठेलों को गलियों में जाने की छूट दें, भीड़ कम होगी?
जवाब:
दूध वालों को और ठेले वालों को कह दिया गया है कि वे घर-घर जाकर सप्लाई दें ताकि कोई बाजार में नहीं आए। इसकी रोज मॉनिटरिंग कर रहे हैं। परेशानी के हिसाब से समाधान खोज रहे हैं।

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