अब डोटासरा करेंगे शक्ति प्रदर्शन:कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष 1 अक्टूबर को जन्मदिन पर सियासी ताकत दिखाने की तैयारी में, डोटासरा को पावर सेंटर बताने की रणनीति

जयपुर2 महीने पहले
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डोटासरा को पोस्टर से सजा कांग्रेस ऑफिस। - Dainik Bhaskar
डोटासरा को पोस्टर से सजा कांग्रेस ऑफिस।

कांग्रेस में जन्मदिन के बहाने नेताओं के सियासी ताकत दिखाने का सिलसिला जारी है। सचिन पायलट के बाद अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अपने जन्मदिन पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। 1 अक्टूबर को डोटासरा के जन्मदिन पर कई कार्यक्रम रखे गए हैं। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर डोटासरा समर्थकों से मिलेंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद डोटासरा पहली बार सियासी ताकत दिखाने जा रहे हैं।

पिछले दिनों 7 सितंबर को सचिन पायलट के जन्मदिन पर उनके समर्थकों की भीड़ उमड़ी थी। इसे पहले स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा भी जन्मदिन पर भीड़ जुटा चुके हैं। अब डोटासरा की बारी है। डोटासरा को जन्मदिन की बधाई देने के लिए समर्थकों ने पोस्टर बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर भी पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। मौजूदा राजनीतिक हालात में डोटासरा के रणनीतिकारों ने उन्हें एक पावर सेंटर के तौर पर उभारने की तैयारी शुरू की है।

सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद पिछले साल 14 जुलाई को गोविंद सिंह डोटासरा को पायलट की जगह कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। पिछले साल डोटासरा ने जन्मदिन पर जयपुर में कोई कार्यक्रम नहीं रखा। इसके पीछे कोविड को वजह बताया गया। इस साल जुलाई में प्रदेशाध्यक्ष बनने का एक साल पूरा होने और चार्ज लेने की तारीख को साल पूरा होने पर भी डोटासरा कार्यक्रम नहीं कर पाए थे। उस वक्त प्रभारी अजय माकन ने 28-29 जुलाई को विधायकों की वन टू वन फीडबैक बैठकें बुला रखी थीं। अब जन्मदिन पर डोटासरा को सियासी ताकत दिखाने का मौका मिला है।

डोटासरा के शक्ति प्रदर्शन के मायने क्या?
गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद ​पार्टी की खींचतान में खुद को बचाकर रखने का प्रयास करते दिखे। प्रदेशाध्यक्ष होने के बावजूद समर्थक जुटाकर सियासी ताकत नहीं दिखाई। डोटासरा के समर्थकों ने अब उन्हें सलाह दी है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में खुद का सियासी वजूद दिखाना जरूरी है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भविष्य के सियासी घटनाक्रम को देखते हुए खुद की एक लाइन लेना जरूरी हो गया था, इसलिए डोटासरा अब सियासी ताकत दिखाने की तैयारी में हैं। डोटासरा समर्थक उन्हें कांग्रेस में पावर सेंटर बनाना चाहते हैं।

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