उपचुनावों में कांग्रेस भी राम नाम के सहारे:वल्लभनगर और धरियावद सीटों के उपचुनाव में राम होंगे प्रमुख मुद्दा, नेता प्रतिपक्ष के दिए बयान को कांग्रेस ने मुद्दा बनाने का फैसला किया

जयपुरएक वर्ष पहले
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प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में उपचुनावों को लेकर बनी कमेटियों की बैठक में कांग्रेस नेता। - Dainik Bhaskar
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में उपचुनावों को लेकर बनी कमेटियों की बैठक में कांग्रेस नेता।

BJP का चुनावी मुद्दा 'राम' को इस बार कांग्रेस ने भी आजमाने की तैयारी की है। धरियावाद और वल्लभनगर सीटों पर होने वाले उपचुनावों में कांग्रेस इस बार 'राम' को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने पर विचार कर रही है। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के 'राम' पर दिए बयान को उपचुनावों में कांग्रेस जोर-शोर से उठाएगी। अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इस बार उपचुनावें में 'राम नाम' पर ही BJP और कांग्रेस के संग्राम होना तय है। गुलाबचंद कटारिया ने पिछले दिनों कहा था कि BJP नहीं होती तो भगवान राम आज समुद्र में होते। इस बयान को कांग्रेस 'राम' के अपमान से जोड़कर BJP को घेर रही है। दोनों सीटों पर कांग्रेस नेता बार-बार कटारिया के बयान का जिक्र करके इस मुद्दे को चुनाव तक जिंदा रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

भगवान राम पर ही सवाल

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- राम के नाम पर सत्ता में आई बीजेपी आज भगवान राम पर ही सवाल उठा रही है। गुलाबचंद कटारिया का बयान सबने सुना। वे कह रहे थे BJP नहीं होती तो राम समुद्र में होते। BJP की अब कलई खुल चुकी है। दोनों उपचुनावों में कांग्रेस जीतेगी। उदयपुर के प्रभारी मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा- गुलाबचंद कटारिया के राम पर दिए बयान का हिसाब उपचुनावों में जनता जरूर मांगेगी।

राजसमंद उपचुनाव में BJP की लीड घटी

अप्रैल में सुजानगढ़, सहाड़ा और राजसमंद उपचुनाव में गुलाबचंद कटारिया ने महाराणा प्रताप पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने उनके लिए 'जंगल-जंगल रोता फिरने' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। कांग्रेस ने उस बयान को मुद्दा बनाया था। बीजेपी का गढ़ माने जाने सवाले राजसमंद में जीत का अंतर 4 हजार के आसपास रह गया था। इस बयान से बीजेपी को सहाड़ा सीट पर भी नुकसान हुआ था।

बीजेपी के खिलाफ ह​थियार
पिछले उपचुनावों में महाराणा प्रताप पर दिए बयान से बीजेपी को हुए नुकसान को देखते हुए कांग्रेस के रणनीतिकार अब राम वाले बयान को बीजेपी के खिलाफ चुनावी हथियार बनाने की व्यूह रचना में जुट गए हैं। कांग्रेस के चुनावी अभियान और प्रचार में राम पर दिए गए बयान का जिक्र प्रमुख रूप से होगा। उपचुनाव की घोषणा से पहले भी इस मुद्दे को लगातार गरमाने की रणनीति है। वल्लभनगर सीट सचिन पायलट समर्थक कांग्रेस विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन की वजह से खाली हुई है। यह सीट जनवरी से खाली है। कोरोना के कारण इस सीट पर 6 महीने की अवधि में उपचुनाव के प्रावधान में चुनाव आयोग में छूट दी थी। धरियावाद सीट बीजेपी विधायक गौतम लाल मीणा के मई में कोरोना के निधन की वजह से खाली हुई है।
राम मंदिर बनाम राम के अपमान का मुद्दा
बीजेपी राम मंदिर को जहां मुख्य रूप से चुनावी मुद्दा बनाएगी तो इसकी काट के तौर पर कांग्रेस राम के अपमान का मुद्दा उठाएगी। कुल मिलाकर दोनों पार्टियों का फोकस राम के इर्द-गिर्द रहने के आसार हैं। कांग्रेस अब तक राम के मुद्दे से परहेज करती आई थी। अब उसे लगता है कि भावनात्मक मुद्दों को उठाकर चुनावी फायदा लिया जा सकता है। दोनों ही सीटें हिंदू बाहुल्य होने के कारण कांग्रेस की उम्मीदें जगी हैं।

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