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लंपी से 10882 गायों की मौत, 2.32 लाख संक्रमित:वेटरनरी मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष बोले-22 को करेंगे सामूहिक कार्य बहिष्कार

जयपुर4 महीने पहले
लंपी से 10882 गायों की मौत,2  लाख 32 हजार संक्रमित​​​​​​​

गायों में फैल रहे लंपी के कहर के बीच राजस्थान की वेटरनरी मेडिकल एसोसिएशन ने 22 अगस्त को सामूहिक कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी है। गौवंश का इलाज करने वाले वेटरनरी मेडिकल असिस्टेंट, पशुधन सहायक के सा साथ ही सहायक सूचना अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। सामूहिक अवकाश के कारण लगभग 6500 वेटेरनरी इंस्टीट्यूट्स पर ताले लग जाएंगे। लगभग 10 हजार वेटरनरी कर्मचारी अवकाश पर चले जाएंगे। इस घोषणा ने प्रदेशभर में पशुपालकों और पशुप्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ ने 4 महीने पहले सरकार से हुई वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बनने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर स्ट्राइक पर जाने की यह घोषणा की है।

लंपी से मौतों का आंकड़ा 10882, प्रदेश में 2 लाख 32 हजार गौवंश संक्रमित

राजस्थान में लंपी से गायों की मौत का आंकड़ा बढ़कर सोमवार रात तक 10 हजार 882 पहुंच गया है। जबकि 2 लाख 31 हजार 907 गायें संक्रमित हैं। इनमें से 1 लाख 94 हजार 206 का इलाज चल रहा है। 83 हजार 740 पशु रिकवर हो चुके हैं। जयपुर जिले में 1080 गौवंश लंपी से प्रभावित हैं। जबकि 29 गायें दम तोड़ चुकी हैं। जिस तेजी से लंपी डिजीज फैल रही है, वेटरनरी कर्मियों के कार्य बहिष्कार से हालात बिगड़ सकते हैं।

अजय सैनी, प्रदेशाध्यक्ष ,राजस्थान वेटरनरी सर्विसेज एसोसिएशन।
अजय सैनी, प्रदेशाध्यक्ष ,राजस्थान वेटरनरी सर्विसेज एसोसिएशन।

राजस्थान वेटरनरी सर्विसेज एसोसिएशन प्रदेशाध्यक्ष अजय सैनी ने कहा प्रदेश में पशु बीमारियों के चलते बड़े संकट के दौर से गुजर रहे हैं। वेटरनरी कर्मचारी अपनी पूरी कैपिसिटी और मेहनत के साथ सेवा में लगे हैं। लेकिन संघ ने मजबूरी में 22 अगस्त को सभी पशु चिकित्सा कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने का कदम उठाया है। संघ की मांगों पर करीब 4 महीने पहले 11 अप्रैल को सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई थी। जिसमें सभी मांगों पर सहमति बन गई थी।

अगले 3 महीने में सभी मांगों पर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर जारी करने का सरकार ने वादा किया था। लेकिन मीटिंग के 4 महीने बाद भी मांगों पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए सामूहिक अवकाश पर रहकर विरोध जताया जाएगा। उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि 22 अगस्त से पहले सरकार मांगे पूरी करेगी, ताकि सामूहिक अवकाश का फैसला टाला जा सके। वरना इससे पैदा होने वाली हर परिस्थिति के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी।

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