सूखे पड़े पश्चिमी राजस्थान में मानसून मेहरबान:बाड़मेर, जोधपुर, सिरोही, जैसलमेर में अच्छी बारिश, जवाई बांध में पानी की आवक से वाटर ट्रेन का संकट टला

जयपुर2 महीने पहले
चित्तौड़गढ़ में गंभीरी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद गंभीरी नदी में आया पानी।

राजस्थान में मानसून जाते-जाते सूखे पड़े पश्चिमी राजस्थान पर मेहरबान दिख रहा है। बीते 2-3 दिनों से लगातार पश्चिमी राजस्थान के क्षेत्रों में बारिश हो रही है। बीते 24 घंटे के दौरान बाड़मेर, जोधपुर, पाली, सिरोही, जैसलमेर जिलों में अच्छी बारिश हुई। इसके कारण बीसलपुर, जवाई बांध का जलस्तर बढ़ा है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि आज और कल भी प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों के साथ ही पश्चिमी राजस्थान क्षेत्र में भी तेज बारिश हो सकती है। जवाई बांध में लगातार जल स्तर बढ़ने से अभी के लिए वाटर ट्रेन का संकट का टल गया है। बताया जा रहा है कि अभी तक करीब तीन महीने का पानी आ चुका है। आबादी के हिसाब से यह कम है, लेकिन कैचमेंट एरिया में बारिश के बाद जल स्तर बढ़ने की भी संभावना है। बीसलपुर में भी लगातार पानी की आवक जारी है। इससे जयपुर, अजमेर और टोंक जिले के लोगों को थोड़ी राहत मिली है।

बारिश की स्थिति देखे तो माउंट आबू, निम्बाहेड़ा और भीलवाड़ा में बीते 24 घंटे के दौरान करीब 3 इंच बारिश हुई। तेज बारिश के कारण यहां बरसाती नदियों और नालों में पानी की आवक बढ़ गई। भीलवाड़ा क्षेत्र में अच्छी बारिश के कारण बनास और अन्य सहायक नदियों में पानी आने से बीसलपुर बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे के दौरान बांध का गेज 310.95 से बढ़कर 311.05 आरएल मीटर (10 सेमी.) बढ़ गया। वहीं बांध में पानी के लिए आवक बढ़ाने वाली प्रमुख नदी त्रिवेणी अभी 3.90 मीटर पर बह रही है। इसके चलते बांध में अभी भी 1695 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है।

पाली जिले में सबलपुरा के निकट रेलवे समपार फाटक पर भरा बारिश का पानी।
पाली जिले में सबलपुरा के निकट रेलवे समपार फाटक पर भरा बारिश का पानी।

चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में भी तेज बारिश के बाद गंभीरी बांध का जलस्तर बढ़ने के बाद बांध से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। बांध में जलस्तर बढ़ने के बाद देर शाम 1.5-1.5 मीटर के चार गेट खोले गए, जिसके बाद गंभीरी नदी में पानी आया। इसके अलावा चित्तौड़गढ़ शहर में बस्सी और बेगूं के ओराई बांध में भी चादर चलने लगी है। इसी तरह कोटा बैराज, झालावाड़ में कालीसिंध और धरियावाद में जाखम से भी पानी छोड़ा जा रहा है।

जगहबारिश(MM)
मसूदा (अजमेर)36
नसीराबाद33
भूंगड़ा (बांसवाड़ा)62
बांसवाड़ा44
कुशलगढ़35
घाटोल34
रामसर (बाड़मेर)62
चौहटन30
गुढामलानी29
भीलवाड़ा77
कोटड़ी48
मेजा डैम28
इंद्रगढ़ (बूंदी)30
निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़)77
भोपालसागर41
सागवाड़ा (डूंगरपुर)43
नरैना (जयपुर)33
फतेहगढ़ (जैसलमेर)52
डग (झालावाड़)59
बाकनी47
असनावर37
शेरगढ़ (जोधपुर)48
लूणी37
फलौदी36
जवाई बांध (पाली)20
बाली19
धरिवायद (प्रतापगढ़)38
माउंट आबू (सिरोही)71
आबूरोड27
अलीगढ़ (टोंक)28
भिंडर (टोंक)39
माउंट आबू में बारिश के बाद भरा पानी।
माउंट आबू में बारिश के बाद भरा पानी।

पाली जिले के लिए राहत की खबर
पीने के पानी के संकट से जूझ रहे पाली जिले के लिए भी थोड़ी राहत की खबर है। पाली शहर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में बारिश होने के बाद जवाई बांध का जलस्तर बढ़ गया। बांध का गेज आज सुबह 16 फीट (1019 क्यूसेक) और सेई बांध गेज 2.80 मीटर (437.34 क्यूसेक) तक पानी पहुंच गया। पाली, सोजत और आस-पास के कस्बे में पीने के पानी की सप्लाई का एकमात्र स्त्रोत जवाई बांध ही है।

आगे क्या रहेगा?
जयपुर मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी राजस्थान के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर सर्क्यूलेटरी सिस्टम में बदल गया है। इस सिस्टम के असर से आगामी 48 घंटों के दौरान दक्षिणी भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने और शेष भागों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा वर्तमान परिस्थिति के अनुसार अगले एक सप्ताह के दौरान पूर्वी राजस्थान के अधिकतर भागों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश की गतिविधियां जारी रहेगी। वहीं पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।

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