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प्रमुख-प्रधान चुनाव में क्रॉस वोटिंग से उलटफेर की संभावना:कांग्रेस और बीजेपी को कई जगह भीतरघात का डर, क्रॉस वोटिंग से बहुमत के बावजूद कई जगह हार-जीत के समीकरण बदलेंगे

जयपुर14 दिन पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर

जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। दोनों पार्टियों के रणनीतिकार एक दूसरे के खेमे में सेंध की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीदवार चयन को लेकर भी कांग्रेस और बीजेपी में भारी खींचतान देखने को मिली। क्रॉस वोटिंग से कई जगह बहुमत होने के बावजूद समीकरण बदल सकते हैं। कांग्रेस और बीजेपी ने विवाद से बचने के लिए प्रमुख-प्रधान के उम्मीदवार भी ऐनवक्त पर तय किए।

कांग्रेस में जिला प्रमुख उम्मीदवार को लेकर जोधपुर,जयपुर,सवाईमाधोपुर में विवाद है। जिला प्रमुख के लिए जोधपुर में कल ही विवाद सामने आ गया था, लीला मदेरणा और मुन्नी देवी गोदारा दोनों चुनाव लड़ने पर अड़ गई जिसके बाद आखिर तक समझाइश का दौर चला। आखिर में जाकर मुन्नी देवी ने नामांकन वापस लिया। भरतपुर में पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के बेटे जगत सिंह के चुनाव पर सबकी निगाहें हैं। प्रधान के चुनाव में 78 पंचायत समितियों में से 26 में कांग्रेस, 14 में बीजेपी का बहुमत है लेकिन उलटफेर तय माना जा है।

कड़ी बाड़ेबंदी में सदस्य लेकिन किसके मन में क्या, इस पर संशय
कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने जीते हुए सदस्यों को कड़ी बाड़ेबंदी में रखा हुआ है। 6 जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान के चुनावों में कई जगह उलटफेर होने की संभावना है। जिला प्रमुख चुनाव में जयपुर, जोधपुर, दौसा और सवाईमाधोपुर में कांग्रेस का बहुमत है। सिरोही में बीजेपी का बहुमत है। भरतपुर में बीजेपी कांग्रेस से आगे है, लेकिन निर्दलीयों का सहयोग लेना होगा। क्रॉस वोटिंग से उलटफेर की संभावना है।

जोधपुर में कांग्रेस का बहुमत, लेकिन खींचतान से नुकसान की संभावना
जोधपुर जिला परिषद में कांग्रेस का बहुमत है, कांग्रेस के दिग्गज नेता दिवंगत परसाराम मदेरणा की पुत्रवधू लीला मदेरणा और पूर्व सासंद बद्री जाखड़ की बेटी मुन्नी देवी गोदारा के बीच भारी खींचतान देखने को मिल रही है। लीला और मुन्नी देवी के साथ एक अन्य ने भी कांग्रेस से नामांकन भर दिया है। मुन्नी देवी और दूसरी दावेदार को नामांकन वापसी के लिए मनाया जा रहा है। कांग्रेस को अब इस विवाद में भीतरघात का खतरा है, पहले ऐसा हो चुका है। जोधपुर में 37 वार्ड में से 21 पर कांग्रेस और 15 पर बीजपी जीती है।

भरतपुर में जगत सिंह पर सबकी निगाहें

भरतपुर में पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के बेटे जगत सिंह पर सबकी निगाहें हैं। यहां उलटफेर और क्रॉस वोटिंग तय है। भरतपुर में 37 वार्ड में से 17 में बीजेपी, 14 में कांग्रेस और 2 में बसपा के सदस्य हैं। जगत सिंह को बीजेपी ने जिला प्रमुख का उम्मीदवार बनाया है, यहां कांग्रेस खेमे से क्रॉस वोटिंग के आसार हैं, इसलिए जगत सिंह का दावा मजबूत माना जा रहा है।

जयपुर में उलटफेर की संभावना

जयपुर में कांग्रेस से सरोज देवी शर्मा और कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी में शमिल हुई रमा देवी के बीच मुकाबला है। जयपुर में कांग्रेस का पहले बहुमत था लेकिन रमा की बगरावत के बाद समीकरण बदल गए। जयपुर में 51 वार्ड में से 27 पर कांग्रेस और 24 पर बीजपी के सदस्य जीते थे। बहुमत के लिए 26 सदस्य चाहिए। रमा देवी और एक सदस्य और कम होने से कांग्रेस के पास अब 25 सदस्य रह गए। कांग्रेस के पास अब बहुमत के लिए एक सदस्य की कमी हो गई है। हालांकि कांग्रेस के रणनीतिकार बहुमत का दावा कर रहे हैं।

सवाईमाधोपुर में कांग्रेस के बाबूलाल बैरवा मजबूत लेकिन विरोध भी
सवाईमाधोपुर में कांग्रेस का बहुमत है, 25 वार्ड में से 16 पर कांग्रेस जीती है, जबकि 8 पर बीजेपी और 1 में निर्दलीय हैं। कांग्रेस के ग्रामीण ब्लॉक के​ निवर्तमान अध्यक्ष बाबूलाल बैरवा बनेटा जिला प्रमुख के उम्मीदवार हैं। विधायक अशोक बैरवा और दानिश अबरार का उन्हें समर्थन है, लेकिन यहां भी विरोध है।

दौसा में कांग्रेस के हीरालाल सैनी कांग्रेस उम्मीदवार

दौसा में कांग्रेस का बहुमत है। कांग्रेस नेता हीरालाल सैनी जिला प्रमुख के उम्मीदवार हैं, यहां विरोध और खींचतान है । दौसा जिला प​रिषद के 29 वार्ड में से 17 पर कांग्रेस, 8 पर बीजेपी, 3 निर्दलीय और 1 पर बसपा है।

सिरोही में बीजेपी का बहुमत, अर्जुन पुरोहित का जिला प्रमुख बनना तय

सिरोही जिला प्ररिषद में बीजेपी का बहुमत है। बीजेपी से अर्जुन पुरोहित का जिला प्रमुख बनना तय है। कांग्रेस से हरीश चौधरी ने नामांकन भरा है।सिरोही में 21 वार्ड में से 17 पर बीजेपी और 4 वार्डों में कांग्रेस जीती है।

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