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बेटे ने ही रची थी 23 लाख लूट की साजिश:फाइनेंसर पिता जेब खर्च के पैसे नहीं देता था, ऑनलाइन गेम में भी हुआ घाटा; इसलिए बेटे ने ऑफिस में रखे रुपए की लूट कराई

जयपुर6 महीने पहले
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी विदित(बीच में)। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में आरोपी विदित(बीच में)।
  • आरोपी बेटा बेटा विदित शर्मा (20) जयपुर के सुबोध कॉलेज में बीसीए की पढ़ाई कर रहा है

जयपुर के जवाहर नगर में फर्जी ACB अधिकारी बनकर लूट के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस मामले में फाइनेंसर का बेटा ही लूट की साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पिता से जेब खर्च नहीं मिलने और ऑनलाइन गेम में हुए घाटे को पूरा करने के लिए उसने लूट की साजिश रचकर उसे अंजाम दिया। इसमें उसने अपने दोस्त की भी मदद ली। फिलहाल, वह दोस्त फरार है।

पुलिस उपायुक्त अभिजीत सिंह ने बताया कि फाइनेंसर दीपक शर्मा का बेटा विदित शर्मा (20) सुबोध कॉलेज में बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। कुछ समय से विदित को पैसों की जरूरत थी। लेकिन परिवार से पैसे नहीं मिल रहे थे। उसने शेयर बाजार, बिटक्वाइन समेत ऑनलाइन गेम में घाटा लगने के कारण इसकी पूर्ति के लिए सारी साजिश रची। उसी ने अपने घर पर एसीबी का फर्जी लेटर बनाया, जिसे लूट के समय इस्तेमाल किया।

यूं आरोपी बेटे तक पहुंची पुलिस
जवाहर नगर थानाधिकारी अरुण पूनिया ने बताया कि बेटे पर शक तब हुआ जब उसने बयान में बताया कि लूट के समय तीन लोग आए थे। लेकिन जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे तो उसमें दो ही व्यक्ति हेलमेट पहने निकलते जाते दिखाई दिए। शक होने पर जब विदित से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने वारदात की साजिश कबूल ली। उसने बताया कि ये साजिश उसने करीब एक माह पहले ही रच ली थी। लेकिन किसी न किसी कारण से इसे अंजाम नहीं दे पा रहा था। वारदात वाले दिन यानी शुक्रवार को जब उसने देखा कि ऑफिस में पापा नहीं है। मम्मी और बहन भी बाहर हैं तो उसने दोस्त को फोन किया और वारदात को अंजाम दिया।

आधी-आधी रकम बांटना हुआ था तय
विदित ने किस दोस्त की मदद ली। फिलहाल, पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है। हालांकि, विदित ने वारदात के बाद आरोपियों से लूट की 23 लाख की रकम को आधा-आधा बांटने का तय किया था। इस रकम से विदित अपना घाटा भी चुकाता और विदेशों में सैर-सपाटा भी करके आने का प्लान था। इसके लिए पिछले दिनों उसने दुबई सहित अन्य स्थानों पर घूमने और वहां के टिकट रेट्स भी वेबसाइट्स पर सर्च किए थे।

ये है पूरा मामला
शुक्रवार को जयपुर के जवाहर नगर स्थित फाइनेंसर दीपक शर्मा के ऑफिस में लूट की वारदात हुई थी। वारदात के वक्त दीपक शर्मा का बेटा ही ऑफिस में था। उसने पुलिस को बताया था कि ऑफिस में 3 बदमाश आए और खुद को एसीबी का अधिकारी बताते हुए जांच-पड़ताल करने लगे। जांच पड़ताल के दौरान उन लोगों ने अलमारी में रखे 22.98 लाख रुपए भी निकलवाए और उसे जब्त करते हुए एसीबी ऑफिस से आकर ले जाने की बात कही। बदमाशों के जाने के बाद विदित ने पिता को जानकारी दी। इसके बाद पिता एसीबी के ऑफिस पहुंचे। वहां पता चला कि एसीबी के अधिकारी ऐसी किसी रेड पर गए ही नहीं। इसके बाद वह पुलिस थाने पहुंचा और उसने मामला दर्ज करवाया था।