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जयपुर में इतने राजपूत आए, ग्राउंड छोटा पड़ा PHOTOS:हीरक जयंती समारोह के लिए देशभर के लोग आए, मंत्री-विधायक भी पहुंचे

जयपुर6 महीने पहले

जयपुर में श्री क्षत्रिय युवक संघ के 75 वर्ष पूरे होने पर हीरक जयंती समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर से क्षत्रिय समाज के लोग पहुंचे। समारोह सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन में हुआ। ये एक सामाजिक कार्यक्रम था।

समारोह में बीजेपी और कांग्रेस से जुड़े कई नेता भी शामिल हुए। ऐसे में माना जा रहा है कि यह क्षत्रियों का चुनावों से पहले का शक्ति प्रदर्शन था। राजस्थान समेत देशभर से बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोग समारोह में पहुंचे। इस दौरान भवानी निकेतन ग्राउंड भी छोटा पड़ गया। जिस वजह से सीकर रोड मुख्य मार्ग पर भीड़ बढ़ गई। वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मंच पर किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को जगह नहीं दी गई। मुख्य मंच पर केवल क्षत्रिय युवक संघ के संरक्षक भगवान सिंह रोहलसाबसर, क्षत्रिय युवक संघ के प्रमुख लक्ष्मण सिंह और महावीर सिंह सरवड़ी ही मौजूद रहे।
मंच पर किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को जगह नहीं दी गई। मुख्य मंच पर केवल क्षत्रिय युवक संघ के संरक्षक भगवान सिंह रोहलसाबसर, क्षत्रिय युवक संघ के प्रमुख लक्ष्मण सिंह और महावीर सिंह सरवड़ी ही मौजूद रहे।
हीरक जयंती के मौके पर जयपुर में बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग इकट्ठा हुए। इस दौरान हेलिकॉप्टर से लिया गया सभा स्थल का एरियल व्यू।
हीरक जयंती के मौके पर जयपुर में बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग इकट्ठा हुए। इस दौरान हेलिकॉप्टर से लिया गया सभा स्थल का एरियल व्यू।
हीरक जयंती समारोह में राजपूत समाज के लोगों के लिए विशेष गणवेश भी रखी गई थी। पुरुषों ने जहां केसरिया साफा बांध रखा था। वहीं महिलाएं पीली और केसरिया राजपूती पोशाक में पहुंची थीं।
हीरक जयंती समारोह में राजपूत समाज के लोगों के लिए विशेष गणवेश भी रखी गई थी। पुरुषों ने जहां केसरिया साफा बांध रखा था। वहीं महिलाएं पीली और केसरिया राजपूती पोशाक में पहुंची थीं।
सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन ग्राउंड में भीड़ इतनी बढ़ गई कि वहां मौजूद लोगों को कॉलेज की छत पर बैठकर भाषण सुनना पड़ा।
सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन ग्राउंड में भीड़ इतनी बढ़ गई कि वहां मौजूद लोगों को कॉलेज की छत पर बैठकर भाषण सुनना पड़ा।
सभा में पहुंची लोगों की भीड़ पर दिन में हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए।
सभा में पहुंची लोगों की भीड़ पर दिन में हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए।
हीरक जयंती में पहुंचे युवा केसरी रंग के साफे में नजर आए।
हीरक जयंती में पहुंचे युवा केसरी रंग के साफे में नजर आए।
सभा स्थल में 20,000 से क्षत्रिय संघ के स्वयंसेवकों के साथ 400 पुलिसकर्मी, 40 डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ की टीम तैनात रही।
सभा स्थल में 20,000 से क्षत्रिय संघ के स्वयंसेवकों के साथ 400 पुलिसकर्मी, 40 डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ की टीम तैनात रही।
सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार जयपुर में इसका आयोजन हुआ। जिसका आने वाले चुनावों पर सीधा असर होगा। क्योंकि प्रदेश की राजनीति में भी राजपूतों का खासा दखल रहा है।
सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार जयपुर में इसका आयोजन हुआ। जिसका आने वाले चुनावों पर सीधा असर होगा। क्योंकि प्रदेश की राजनीति में भी राजपूतों का खासा दखल रहा है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कुल सीटों में से 13 से 14% सीटें और लोकसभा चुनाव में 12 से 20% सीटें जीतने में राजपूत समाज सफल होता है। विधानसभा चुनाव में दोनों प्रमुख राजनीतिक दल राजपूतों को प्रमुखता से टिकट देते हैं।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कुल सीटों में से 13 से 14% सीटें और लोकसभा चुनाव में 12 से 20% सीटें जीतने में राजपूत समाज सफल होता है। विधानसभा चुनाव में दोनों प्रमुख राजनीतिक दल राजपूतों को प्रमुखता से टिकट देते हैं।
राजस्थान की यह एकमात्र ऐसी जाति है, जिसके उम्मीदवार 69 साल के चुनावी कालखंड में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की कुल 120 सीटों से टिकट पाकर चुनाव जीते हैं।
राजस्थान की यह एकमात्र ऐसी जाति है, जिसके उम्मीदवार 69 साल के चुनावी कालखंड में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की कुल 120 सीटों से टिकट पाकर चुनाव जीते हैं।
क्षत्रिय युवक संघ के पीछे एक शख्स को याद किया जाता है। वो हैं तनसिंह। उन्होंने तनसिंह ने ही आज से 75 साल पहले समाज को संगठित और संस्कारित करने की ठानी थी।
क्षत्रिय युवक संघ के पीछे एक शख्स को याद किया जाता है। वो हैं तनसिंह। उन्होंने तनसिंह ने ही आज से 75 साल पहले समाज को संगठित और संस्कारित करने की ठानी थी।
कॉलेज में पढ़ने के दौरान ही तनसिंह ने 1944 में राजपूत छात्रावस में दिवाली के दिन क्षत्रिय युवक संघ की स्थापना की। जिसके बाद 5 और 6 मई 1945 को इसका पहला अधिवेशन जोधपुर में हुआ था।
कॉलेज में पढ़ने के दौरान ही तनसिंह ने 1944 में राजपूत छात्रावस में दिवाली के दिन क्षत्रिय युवक संघ की स्थापना की। जिसके बाद 5 और 6 मई 1945 को इसका पहला अधिवेशन जोधपुर में हुआ था।
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