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दुष्कर्म केस में जयपुर पुलिस का सबसे तेज एक्शन:150 पुलिसकर्मियों की पांच टीमों की मेहनत से महज 13 घंटे में गिरफ्त में आया आरोपी, सबसे कम सिर्फ 6 घंटे में चालान भी पेश

जयपुर4 महीने पहले
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जयपुर में कोटखावदा थाना पुलिस की गिरफ्त में दुष्कर्म का आरोपी कमलेश मीना - Dainik Bhaskar
जयपुर में कोटखावदा थाना पुलिस की गिरफ्त में दुष्कर्म का आरोपी कमलेश मीना

कोटखावदा में 9 साल की बालिका का अपहरण कर दुष्कर्म करने और फिर गला घोंटकर उसे जान से मारने का प्रयास करने वाला आरोपी सलाखों के पीछे है। वारदात की सूचना मिलने के बाद करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मियों की पांच अलग-अलग टीमों ने ना सिर्फ 12 घंटे में आरोपी को धरदबोचा। बल्कि 6 घंटे के भीतर ही उसके खिलाफ साक्ष्य व बयान जुटाकर महज 6 घंटे के भीतर कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया।

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी (साउथ) हरेंद्र महावर ने बताया कि प्रदेश में किसी मासूम बच्ची से दुष्कर्म में सबसे तेज पुलिस कार्रवाई है। जिसमें फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही चालान भी पेश किया गया हो। दुष्कर्म के इस मुकदमे को ऑफिसर स्कीम केस में लिया जाएगा। ताकि जल्द ही आरोपी को कोर्ट से सजा भी मिल सके।

दादा के लिए बीड़ी लेने दुकान पर गई थी तब अकेला पाकर अपहरण, फिर दुष्कर्म कर फरार

डीसीपी हरेंद्र महावर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कमलेश मीणा है। वह कोटखावदा थाना इलाके में बालमुकुंदपुरा उर्फ बासड़ा गांव का रहने वाला है। रविवार शाम को गांव में ही रहने वाली 9 साल की बालिका बाजार में दादा के लिए बीड़ी लेने गई थी। तभी उसे अकेला पाकर शाम 6 बजे अपहरण कर लिया। इसके बाद सूनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया। खून से लथपथ बच्ची के रोने पर उसे गला दबाकर मारने का प्रयास भी किया।

रात करीब 9:30 बजे मामला कोटखावदा थाने तक पहुंचा तब थानाप्रभारी जगदीश प्रसाद तंवर के नेतृत्व में जांच शुरु हुई। इस बीच डीसीपी हरेंद्र महावर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एडिशनल डीसीपी अवनीश कुमार शर्मा व चाकसू एसीपी देवीसहाय मीणा के नेतृत्व में 150 पुलिसकर्मियों की पांच टीमें गठित की।

इस तरह डेढ़ सौ पुलिसकर्मियों की पांच टीमों ने किया सबसे तेज एक्शन
इनमें एक पुलिस टीम को अपराध के साक्ष्य इकट्‌ठा करने व अनुसंधान करने का जिम्मा सौंपा। दूसरी टीम को आरोपी की तलाश कर गिरफ्तारी में लगाया गया। तीसरी टीम को आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चालान पेश करने के लिए फाइल वर्क और पत्रावली तैयार करने का जिम्मा सौंपा। चौथी टीम को तकनीकी साक्ष्य इकट्‌ठा करने की कमान सौंपी। वहीं, पांचवीं टीम को विधिक सहायता और गठित की गई अन्य टीमों से समन्वय करने का जिम्मा दिया।

इस तरह, पुलिस ने 18 घंटे के भीतर फरार कमलेश को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ चालान भी पेश कर दिया। इसमें कोटखावदा थानाप्रभारी जगदीश प्रसाद तंवर, पुलिस इंस्पेक्टर सज्जन सिंह, मनफूल सिंह, सांगानेर सदर से सबइंस्पेक्टर संग्राम सिंह, चाकसू थानाप्रभारी हीरालाल सैनी, सांगानेर सदर थानाप्रभारी हरिपाल सिंह राठौड़, रामकिशन विश्नोई ने टीम का नेतृत्व किया।

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