किरोड़ी लाल बोले- RAS भर्ती में हुआ घोटाला:टॉप 200 अभ्यर्थी 7 केंद्रों से, 30 लाख देकर इंटरव्यू में पास

जयपुर7 महीने पहले

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। REET, पटवारी के बाद अब RAS भर्ती परीक्षा में भी धांधली के आरोप लगे हैं। राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने लगाए हैं। आरोप है कि कांग्रेसी नेताओं ने पैसे लेकर RAS इंटरव्यू में 40% अभ्यर्थियों को पास कराया है। ऐसे में फर्जी अभ्यर्थियों को हटाने के साथ ही RAS भर्ती प्रकरण की CBI से जांच होनी चाहिए।

सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने मंगलवार को कहा- RAS भर्ती परीक्षा में टॉप 200 अभ्यर्थी जयपुर के 7 सेंटर से चयनित हुए हैं। जबकि अकेले कलाम इंस्टीट्यूट से 70 लोगों का RAS में चयन हुआ। वहीं, साल 2018 की 70 हजार कॉपी महज 17 दिन में जांच दी गई। ऐसे में बड़े पैमाने पर RAS परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। इसके खिलाफ में SOG में शिकायत करूंगा, जिससे इस पूरी गड़बड़ी में शामिल दोषियों को पकड़ा जा सके।

30 लाख में हुआ पास
किरोड़ीलाल ने बताया कि एक अभ्यर्थी ने इंटरव्यू से पहले 30 लाख दिए। मुझसे कहा कि इंटरव्यू में 82 नंबर आएंगे। मैंने इसकी शिकायत RPSC के चेयरमैन से की। उन्होंने कहा ऐसा संभव नहीं है। जब नंबर आए तो 82 ही थे। ऐसे में इस भ्रष्ट सिस्टम की CBI जांच होनी चाहिए।

उन्होंने RTI के तहत ली गई कॉपी दिखाते हुए बताया कि भर्ती परीक्षा में पृथ्वी के एक जवाब में एक अभ्यर्थी को जीरो नंबर दिया गया। जबकि दूसरे व्यक्ति को उसी सवाल के जवाब में दो नंबर दिए गए। ऐसे में काफी अभ्यर्थियों को सवालों के सही जवाब देने पर भी जीरो नंबर मिले। क्योंकि पूरा सिस्टम इस घोटाले में शामिल है। मीणा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के बड़े नेता भी शामिल है।

कांग्रेसी नेता इस घोटाले में शामिल
सांसद ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गांव के पास रहने वाले प्रोफेसर शिवदयाल सिंह शेखावत को RPSC के काम में लगाया गया। उन्होंने ही RAS 2018 की कॉपी जांचने की जिम्मेदारी शेखावत को दी। जिन्होंने डोटासरा के रिश्तेदार गौरव पूनिया को इंटरव्यू में 80 नंबर दिए। सिर्फ डोटासरा ही नहीं बल्कि धर्मेंद्र राठौड़ जैसे कई नेताओं के चहेते इस मामले में शामिल है। इसलिए अब REET और RAS दोनों भर्ती परीक्षाओं CBI जांच होनी चाहिए।