प्रदेश शिकायत निस्तारण में तीसरे स्थान पर आया:राजस्थान के रेरा में पंजीकृत आवासीय प्रोजेक्ट्स के खिलाफ दर्ज रिकॉर्ड 1484 केस का निस्तारण

जयपुरएक महीने पहले
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राजस्थान ने पहली बार एक साल में नए आए आवासीय प्रोजेक्ट्स की शिकायतों के निस्तारण में शीर्ष 3 में स्थान पाया है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
राजस्थान ने पहली बार एक साल में नए आए आवासीय प्रोजेक्ट्स की शिकायतों के निस्तारण में शीर्ष 3 में स्थान पाया है। (फाइल फोटो)

देश में 2016 से रिअल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) का गठन होने के बाद राजस्थान ने पहली बार एक साल में नए आए आवासीय प्रोजेक्ट्स की शिकायतों के निस्तारण में शीर्ष 3 में स्थान पाया है। रेरा के तहत राजस्थान में इस साल 1652 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए। उनमें से 1484 शिकायतों का निस्तारण दिवाली तक किया जा चुका है। लिहाजा रेरा प्रोजेक्ट्स के अनुपात में 89.83 प्रतिशत शिकायतों का रेरा अथाॅरिटी ने सुनवाई के बाद निस्तारण कर दिया।

वहीं छत्तीसगढ़ में 1309 में से 1301 का निस्तारण किया गया और केरल में 629 में 444 का निस्तारण किया गया। 80 प्रतिशत शिकायतें प्रोजेक्ट लाने वालों के खिलाफ थी, जिनका फैसला उनके विरुद्ध गया। 20 प्रतिशत मामलों में शिकायतकर्ता को गलत ठहराया और उनकी शिकायत को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। हालांकि एक साल में कुल नए आवासीय प्रोजेक्ट्स रेरा में रजिस्टर्ड होने के मामले में राजस्थान का 9 वां नंबर हैं। 8 राज्यों में राजस्थान से ज्यादा आवासीय प्रोजेक्ट्स रेरा के तहत रजिस्टर्ड किए गए।

यहां एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं
तेलंगाना में 3511 प्रोजेक्ट्स रेरा में पंजीकृत हुए लेकिन एक का भी निस्तारण नहीं हुआ। कुछ राज्य ऐसे हैं जिनमें लंबित शिकायतों का निस्तारण इस साल किया गया। हरियाणा में 886 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए जबकि 15980 शिकायतों का निस्तारण हुआ। मध्यप्रदेश में 3817 प्रोजेक्ट्स का पंजीयन हुआ और 4548 शिकायतों का निस्तारण हुआ। ओडिसा में 563 प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए और 1079 शिकायतें हल की गई। यूपी में 3089 प्रोजेक्ट आए और 29534 शिकायतों का निवारण हुआ।

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