NSUI ने रितु, ABVP ने नरेंद्र को बनाया RU प्रत्याशी:टिकट नहीं मिली तो फूट-फूट कर रोई मंत्री की बेटी निहारिका जोरवाल

जयपुर3 महीने पहले

राजस्थान में 2 साल बाद 26 अगस्त को छात्र संघ चुनाव होंगे। राजस्थान यूनिवर्सिटी के लिए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन(NSUI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। रितु बराला NSUI की प्रत्याशी बनाई गई हैं। ABVP ने नरेंद्र यादव को मैदान में उतारा है। इसके साथ ही टिकट कटने से नाराज निहारिका जोरवाल ने NSUI से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।

टंकी पर चढ़े थे नरेंद्र
पिछले दिनों राजस्थान यूनिवर्सिटी में 100% एडमिशन की मांग को लेकर नरेंद्र यादव पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। तब नरेंद्र ने कहा था कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो आत्मदाह कर लेंगे। बता दें कि नरेंद्र यादव मूल रूप से जयपुर के चाकसू के रहने वाले हैं। यह पिछले 7 सालों से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उनके पिता पेशे से किसान हैं।

निहारिका जोरवाल को पछाड़ा
एनएसयूआई से टिकट लेने के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक नाम निहारिका जोरवाल का भी था। पर्यटन और एग्रीकल्चर मार्केटिंग राज्य मंत्री मुरारी लाल मीणा की बेटी निहारिका भी पिछले 4 साल से एक्टिव होकर एनएसयूआई के लिए काम कर रहीं थीं। एनएसयूआई के स्टेट प्रेसिडेंट ने गुरुवार को जैसे ही रितु बराला के नाम की घोषणा हुई तो निहारिका जोरवाल रो पड़ीं। निहारिका ने मीडिया से बातचीत करते हुए टिकट बांटने में जातिवाद का भी आरोप लगाया।

काबिलियत किसी की गुलाम नहीं : निहारिका
निहारिका ने कहा कि काबिलियत किसी की गुलाम नहीं है। टिकट बांटने वाले बोलते हैं कि एससी/एसटी के वोट नहीं है। अब हम निर्दलीय चुनाव लड़कर दिखाएंगे कि कितने वोट हैं हमारे। जातिवाद फैला रखा है। कहते हैं जाट बाहुल्य क्षेत्र है, इसलिए आदिवासी महिला को टिकट नहीं दे सकते। आप ही बताइए पिछली बार पूजा वर्मा कैसी जीतीं। अब मैंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। इस पूरी बातचीत में निहारिका ने अभिषेक चौधरी का नाम लिए बगैर एनएसयूआई पर निशाना साधा।

टिकट घोषणा के बाद दावेदारी जता रहे कई चेहरों पर मायूसी देखी गई। राजस्थान यूनिवर्सिटी गेट के बाहर भीड़ के बीच निहारिका जोरवाल।
टिकट घोषणा के बाद दावेदारी जता रहे कई चेहरों पर मायूसी देखी गई। राजस्थान यूनिवर्सिटी गेट के बाहर भीड़ के बीच निहारिका जोरवाल।

छात्रों की मांग पर टिकट दिया : एनएसयूआई
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने कहा कि छात्रों की मांग के आधार पर इस बार टिकट का ऐलान किया है। मुझे उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि आम छात्र रितु बराला को भारी वोटों से जीत दिलाएंगे। वहीं निहारिका के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भी अभिषेक ने कहा कि निहारिका हमारी बहन और एनएसयूआई परिवार की सदस्य हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि वह निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ेंगी।

महिला सुरक्षा पर काम करने मेरी पहली प्राथमिकता- रितु बराला
एनएसयूआई के अध्यक्ष पद की उम्मीदवार रितु बराला ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत करते हुए कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय में महिला सुरक्षा को लेकर काम करना मेरी पहली प्राथमिकता है। यूनिवर्सिटी कैंपस में महिला गार्ड लगाने के साथ ही दो महिला नर्स को तैनात करूंगी, ताकि आम छात्राओं को राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि अगर मैं अध्यक्ष बनी तो यूनिवर्सिटी में डिबेट का आयोजन कराने के साथ ही कैंपस प्लेसमेंट कराना मेरी प्राथमिकता रहेगी। रितु ने कहा कि एनएसयूआई में हम सब एक परिवार है। मुझे उम्मीद है कि निहारिका हमारे साथ रहेंगी।

रितु बराला ने कहा- मैं अध्यक्ष बनी तो यूनिवर्सिटी में डिबेट का आयोजन कराने के साथ ही कैंपस प्लेसमेंट कराना मेरी प्राथमिकता रहेगी।
रितु बराला ने कहा- मैं अध्यक्ष बनी तो यूनिवर्सिटी में डिबेट का आयोजन कराने के साथ ही कैंपस प्लेसमेंट कराना मेरी प्राथमिकता रहेगी।

कौन है रितु बराला?
रितु बराला 2018 में महारानी कॉलेज की अध्यक्ष रह चुकी हैं। पिछले 5 साल से एनएसयूआई की एक्टिव कार्यकर्ता हैं। राजस्थान यूनिवर्सिटी में फिलहाल सोशियोलॉजी (सेकेंड सेमेस्टर) से पीजी कर रही हैं। इसके अलावा रितु बराला इंटरनेशनल ताइक्वांडो प्लेयर रहने के साथ-साथ एनसीसी कैडेट भी हैं।

कैंडिडेट घोषित होने के बाद समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करतीं रितु बराला।
कैंडिडेट घोषित होने के बाद समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करतीं रितु बराला।

एनएसयूआई के पैनल के ऐलान के बाद बागी एक बार फिर एनएसयूआई की परेशानी बढ़ा सकते हैं। बीते 4 चुनाव में एनएसयूआई को राजस्थान यूनिवर्सिटी में जीत नहीं मिल पाई है, जबकि पिछली दो बार से एनएसयूआई के बागी विनोद और पूजा अध्यक्ष पद पर जीते हैं। ऐसे में इस बार भी बागियों को रोकना एनएसयूआई के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

टिकट घोषणा के बाद मीडिया से रूबरू होती हुई रितु बराला। साथ में अभिषेक चौधरी और एनएसयूआई सदस्य।
टिकट घोषणा के बाद मीडिया से रूबरू होती हुई रितु बराला। साथ में अभिषेक चौधरी और एनएसयूआई सदस्य।

निहारिका जोरवाल, संजय चौधरी, कांग्रेसी विधायक मुकेश चौधरी के खास माने जाने वाले निर्मल भी एनएसयूआई के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं।

बागी बैठे धरने पर
टिकट कटने से नाराज होने वालों में 5 नाम हैं। महेश चौधरी, महेन्द्र देगड़ा, संजय चौधरी, निहारिका जोरवाल और राजेन्द्र गोरा। टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर ये लोग राजस्थान यूनिवर्सिटी के मेन गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। निहारिका के समर्थकों ने एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर छात्रों की भीड़ को खदेड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन छात्र वहीं डटे रहे।

बागी होकर धरने पर बैठे संजय चौधरी ने कहा- अभिषेक चौधरी ने किसान के बच्चों और एनएसयूआई के मजबूत कार्यकर्ता का टिकट काटा है। हम 5 साल से काम कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने बेकाबू होती भीड़ को खदेड़ने का भी प्रयास किया।
बागी होकर धरने पर बैठे संजय चौधरी ने कहा- अभिषेक चौधरी ने किसान के बच्चों और एनएसयूआई के मजबूत कार्यकर्ता का टिकट काटा है। हम 5 साल से काम कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने बेकाबू होती भीड़ को खदेड़ने का भी प्रयास किया।

150 से ज्यादा समर्थकों के साथ कैंपेन में जुटी निहारिका
यूनिवर्सिटी गेट के बाहर धरना देने के बाद निहारिका जोरवाल एक बार तो उठकर चलीं गईं। लेकिन करीब आधे घंटे बाद ही 150 से ज्यादा समर्थकों के साथ वापस लौटीं। उनके समर्थकों ने माला पहनाते हुए वोट मांगना भी शुरू कर दिया है।

समर्थकों की भीड़ के साथ निहारिका जोरवाल।
समर्थकों की भीड़ के साथ निहारिका जोरवाल।

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