जयपुर मेट्रो में जॉब दिलवाने के बहाने ठगी:सुपरवाइजर की नौकरी लगवाने का आश्वासन देकर बेरोजगार से वसूले 3.58 लाख रुपए, मेट्रो के अफसरों से अच्छी पहचान बताकर दिया झांसा

जयपुर19 दिन पहले
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जयपुर में जयपुर मेट्रो में सुपरवाइजर की जॉब दिलवाने का बहाना कर 3.58 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है - Dainik Bhaskar
जयपुर में जयपुर मेट्रो में सुपरवाइजर की जॉब दिलवाने का बहाना कर 3.58 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है

जयपुर मेट्रो में सुपरवाइजर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 3.58 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ठगी से पीड़ित बेरोजगार युवक ने नाहरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। जिसमें एक युवती सहित तीन चार लोगों पर नकद और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रुपए वसूलने का आरोप लगाया है। यह पूरा मामला करीब एक साल पहले का है। जिसमें कई महीनों तक आश्वासन के बाद भी नौकरी और दिया गया रुपया वापस नहीं लौटाने पर पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार की है।

पुलिस के अनुसार ठगी की वारदात जाट के कुएं का रास्ता, चांदपोल निवासी केदारमल जाट (35) के साथ हुई। वह मूल रुप से सवाईमाधोपुर का रहने वाला है। रिपोर्ट में केदार ने बताया कि वह 12 वीं पास है। रोजगार की तलाश में गांव से जयपुर आ गया। यहां मोती पुवाई का काम करने लगा। जनवरी 2020 में वह एक दुकान पर खड़ा था।

तभी दो-तीन उसके पास खड़े होकर बात कर रहे थे। इनमें एक व्यक्ति ने कहा कि उसकी जयपुर में बड़े अफसरों से जान पहचान है। मैं तुमको जयपुर मेट्रो में सुपरवाइजर के पद पर नौकरी लगवा सकता हूं। तभी बातों में आकर केदारमल ने भी नौकरी लगवाने की बात कर रहे व्यक्ति से नाम पूछा तो उसने सुरेश कुमार सैना नाम बताया। उसने केदारमल से बातचीत में 3-4 लाख रुपए देने पर जयपुर मेट्रो में जॉब दिलवाने की बात कही।

आरोपी बोला- मेट्रो के अफसरों को टुकड़ों में रुपए देने पड़ेंगे, इसलिए एक साथ रकम मत देना

सुरेश कुमार सैनी ने केदारमल को झांसे में लेकर कहा कि रुपए एक साथ नहीं देने है। मेट्रो के अलग अलग अधिकारियों को टुकड़ों में देने पड़ेंगे। इस पर 18 फरवरी से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच कुल 3.58 लाख रुपए केदारमल ने सुरेश कुमार सैनी और उसकी गैंग में शामिल नेहा बारी, चंद्रप्रकाश, कपिल सैनी, कृष्ण गोपाल के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। कुछ रकम सुरेश ने नकद ली।

कई दिन गुजरने पर भी नौकरी नहीं लगने पर केदारमल ने सुरेश से संपर्क किया तो पहले आश्वासन देकर टालमटोल करने लगे। इसके बाद धमकाने लगे। पीड़ित का आरोप है कि 15 जुलाई 2020 को उसे सुरेश ने जॉब और रुपयों के लेनदेन को लेकर लिखकर भी दिया।

रुपए हड़पने पर केदार ने नाहरगढ़ थाने में शिकायत दी तब सुरेश को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मेट्रो में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी के केस में आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। केदारमल का यह भी आरोप है कि सुरेश व उसके साथियों ने फर्जी मोबाइल सिम व दस्तावेजों से ऑनलाइन पेमेंट प्राप्त किया। अब केस की जांच एएसआई मनोज कुमार को सौंपी गई है।

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