बिक्री कम होने का असर:ऑक्शन में 9 दुकानें खरीदने वाले आरएसबीसीएल ने 8 सरेंडर की, शराब की दुकानाें पर कराेड़ाें की बाेली नहीं आई रास

जयपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कराेड़ाें की बाेली लगाकर शराब दुकान आवंटन करवाना अब ठेकेदाराें और आरएसबीसीएल काे रास नहीं आ रहा। इस बार शराब दुकानाें के आवंटन के लिए आबकारी विभाग ने ई-ऑक्शन नीति अपनाई थी। बाेली के दाैरान शराब ठेकेदाराें ने रिजर्व प्राइज के मुकाबले कई गुना ज्यादा बाेली लगाकर लाइसेंस हासिल किया, लेकिन बिक्री कम हाेने से दुकानें सरेंडर हाेनी लगी है।

शराब ठेकेदार और आरएसबीसीएल तय बिक्री के हिसाब से शराब नहीं बेच पाने और पेनेल्टी से बचने के लिए दुकानें आबकारी विभाग काे सरेंडर करने लगे है। कम बिक्री के चलते पिछलें दिनाें जयपुर में 17 दुकानाें काे सरेंडर करने के लिए आवेदन किया था, वहीं अब आरएसबीसीएल ने 8 दुकानाें काे सरेंडर करने का फैसला लिया है।

शहर की 14 दुकानाें की फिर से बिड निकलेगी
शहर में कम बिक्री के चलते करीब 10 दुकानें सरेंडर की थी, इसके अलावा 4 दुकानाें पर अलग-अलग मामलाें में कार्रवाई करते हुए लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था, अब आबकारी विभाग फिर से ई-ऑक्शन के जरिए इन दुकानाें काे आवंटन करेगा। इनमें झाेटवाड़ा सर्किल की 8, जयपुर ईस्ट 3, सांगानेर 1 और जयपुर वेस्ट इलाके की 2 दुकानें पर फिर से बाेली लगाई जाएगी।

पांच जिलों में दुकानें आवंटित करवाई, अब वापसी का प्रस्ताव
इस बार नई आबकारी नीति में आएसबीसीएल काे भी दुकानें अावंटन करने फैसला हुआ था। बाेली में भाग लेकर आरएसबीसीएल ने पांच जिले बीकानेर, बूंदी, चिताैड़गढ़, नागाैर और उदयपुर में 9 दुकानें आवंटित करवाई। अब काॅरर्पाेरेशन ने इनमें से बीकानेर की एक दुकान काे छाेड़कर बाकी 8 दुकानें सरेंडर करेगा।

इनमें उदयपुर की 4, बीकानेर 1, बूंदी 1, नागाैर के डीडवाना एक और चिताैडगढ़ की एक दुकान शामिल है। सरेंडर करने के पीछे कम बिक्री ही मानी जा रही है। इधर, प्रदेश में 9 अगस्त काे आदिवासी दिवस पर सरकारी छुट्टी हाेने के बावजूद श्रीगंगानगर शुगर मिल्स एंड डिस्टलरी के कर्मचारियाें काे अवकाश नहीं देने पर कर्मचारियाें ने विराेध जताया है। संघ ने सावर्जनिक अवकाश की मांग की है।

खबरें और भी हैं...