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घूसकांड में फंसे क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम के बचाव में संघ:RSS के क्षेत्र कार्यवाह बोले- कंपनी प्रतिनिधि CSR फंड में सहयोग का प्रस्ताव लेकर निंबाराम से मिले थे, भ्रष्टाचार से जोड़ना गलत

जयपुर7 महीने पहले

BVG कंपनी घूसकांड में क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम पर ACB में केस दर्ज होने को लेकर RSS ने चुप्पी तोड़ी है। RSS खुलकर निंबाराम के समर्थन में आया है। क्षेत्रीय कार्यवाह हनुमान सिंह राठौड़ ने निंबाराम पर लगे आरोपों का बचाव करते हुए राजनीतिक स्वार्थ से उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई के विकल्पों पर विचार करने की भी बात कही गई है।

इस तरह दी सफाई

RSS के क्षेत्र कार्यवाह हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा- BVG इंडिया लिमिटेड कंपनी के प्रतिनिधि निंबाराम जी के पास प्रताप गौरव केंद्र, उदयपुर में अपने CSR फंड से सहयोग करने का प्रस्ताव लेकर आए थे। निंबाराम जी ने उनसे आग्रह किया था कि वे इस केंद्र का खुद दौरा करें और वहां की आवश्यकताओं को समझ कर यदि उचित लगे तो इसमें सहयोग देने का तय करें। प्रताप गौरव केंद्र एक राष्ट्रीय तीर्थ है। इसका महत्व इसे देखने पर ही पता चलता है। देश का गौरव बढ़ाने के लिए कितनी बड़ी परियोजना पर समाज बंधुओं के सहयोग से काम चल रहा है। इसीलिए कंपनी के प्रतिनिधियों से इस केंद्र पर जाकर देखने का आग्रह किया था। कंपनी के प्रतिनिधियों ने दौरे की तिथि तय की, लेकिन वहां पर गए ही नहीं। इसलिए CSR फंड से किसी राशि या अन्य किसी भी रूप में सहायता लेने का सवाल ही नहीं उठता।

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शिष्टाचार मुलाकात हुई

क्षेत्रीय कार्यवाह राठौड़ ने कहा- 20 अप्रैल को निंबाराम जी से कंपनी के प्रतिनिधियों की मुलाकात-बातचीत हुई, वह सामाजिक शिष्टाचार के नाते ही थी। क्षेत्र प्रचारक निंबाराम जी से समाज क्षेत्र के बहुत से लोग स्वाभाविक ही मिलने आते हैं। उनकी इस सामान्य शिष्टाचार भेंट को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में उनकी भूमिका से जोड़ना निंदनीय है। अलग-अलग समय और संदर्भ में की गई बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग कर, उन्हें जोड़कर राजनीतिक कारणों से उसके अन्य अर्थ लगाए जा रहें हैं। यह तथ्यों से विपरीत है और सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए जारी किए गए हैं।

पैसे का कोई लेन-देन नहीं हुआ
क्षेत्रीय कार्यवाह ने कहा- कानून का पालन करने वाले एक जिम्मेदार नागरिक के नाते निंबाराम हर तरह की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। राजनीतिक स्वार्थ के चलते तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास किया गया है। इस मामले में किसी प्रकार की राशि का कोई आदान- प्रदान नहीं हुआ है। इसलिए इसे भ्रष्टाचार से जोड़कर देखना ठीक नहीं है। इस तरह का अनर्गल आरोप लगाना समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति के चरित्र हनन के सामान है। वैचारिक द्वेष एवं दुर्भावना से लगाए जा रहे इन झूठे आरोपों का हम खंडन करते हैं। कानून सम्मत कार्रवाई करने के सभी प्रकार के विकल्प हमारे सामने खुले हुए हैं।

वायरल वीडियो के आधार पर केस दर्ज
जयपुर ग्रेटर की निंलंबित मेयर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर और बीवीजी के प्रतिनिधि के बीच 276 करोड़ के बकाया बिल के एवज में 10 फीसदी कमीशन की बातचीत का वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम भी उस जगह बैठे दिख रहे थे। उस वीडियो के आधार पर एसीबी ने पहले पीई दर्ज की और फिर जांच के बाद 28 जून को राजाराम गुर्जर, बीवीजी के दो प्रतिनिधियों और निंबाराम के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। राजाराम और कंपनी का एक प्रतिनिधि गिरफ्तार हो चुके हैं। इस मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने निंबाराम की गिरफ्तारी की मांग की है। उधर, बीजेपी ने इस पूरे केस को राजनीतिक बदले की भावना और आरएसएस को बदनाम करने का षड्यंत्र बताया है।
पहली बार आरएसएस ने दी प्रतिक्रिया
राजाराम गुर्जर और बीवीजी के प्रतिनिधि के साथ बातचीत का वीडियो वायरल होने से लेकर एसीबी में पीई दर्ज होने और अब निंबाराम को आरोपी बनाने तक आरएसएस चुप था। पहली बार इस मामले में आरएसएस के क्षेत्र कार्यवाह ने खुलकर बात रखी है।

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