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  • Sachin Said – Serious Case Of Privacy Violation Like Pegasus Phone Hacking Big Brother Watching You, Independent Investigation, If Everything Was Fine In Corona, Then Why Removed The Health Minister?

पेगासस और ऑक्सीजन मुद्दे पर पायलट का केंंद्र पर हमला:सचिन बोले- बिग ब्रदर वॉचिंग यू जैसा प्राइवेसी उल्लंघन का गंभीर मामला, स्वतंत्र जांच हो; कोरोना में सब ठीक था तो स्वास्थ्य मंत्री को क्यों हटाया?

जयपुूर3 दिन पहले
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जयपुर आवास पर मीडिया से बातचीत करते सचिन पायलट। - Dainik Bhaskar
जयपुर आवास पर मीडिया से बातचीत करते सचिन पायलट।

पेगासस विवाद और ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं होने के सरकार के संसद में दिए जवाब को लेकर सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला है। सचिन पायलट ने कहा कि पेगासस फोन हैकिंग मामला प्राइवेसी का बड़ा उल्लंघन है। यह बिग ब्रदर वॉचिंग यू जैसा मामला हो गया है। कुछ लोगों और कुछ पार्टियों के नेताओं तक ही सीमित नहीं है। यह आम व्यक्ति की प्राइवेसी पर सीधा हमला है। देश अब जानना चाहता है कि किस-किस व्यक्ति के फोन क्यों हैक किए गए हैं। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज से या जेपीसी बनाकर स्वतंत्र जांच करवानी चाहिए। इस मामले की तह तक जाना जरूरी है।

पायलट ने कहा, केंद्र सरकार कहती है इलिगल नहीं किया तो फिर पेगासस मामले में पेमेंट किसके माध्यम से हुआ। राहुल गांधी सहित कई नेताओं के नाम आए हैं, जिनके फोन हैक किए गए। लोगों की प्राइवेसी का हनन हुआ है। लोकतंत्र को कमजोर किया गया है। कांग्रेस इसके खिलाफ देशभर में आंदोलन करेगी। जनता जानना चाहती है कि इसके पीछे किसका रोल था। भारत सरकार के पास कुछ छिपाने को नहीं है, तो फिर पूरी प्रणाली में विश्वसनीयता रखने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है। किसी भी मेलवेयर के जरिए इलीगल माध्यम से फोन हेक करना कानून के खिलाफ है, कोर्ट लेवल इंक्वायरी हो, स्वतंत्र जांचं से ही दूध का दूध पानी का पानी होगा।

ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों को कोई झुठला नहीं सकता
ऑक्सीजन की किल्लत से मौतों पर केंद्र के संसद में दिए जवाब पर सवाल उठाते हुए पायलट ने कहा, केंद्र सरकार का बयान ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों का मजाक उड़ाने वाला बयान है। केंद्र कह रहा है कि राज्य सरकारों ने जो आंकड़े भेजे उसमें मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी नहीं बताया। हकीकत यह है कि कितने ही लोगों ने ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ा। लोग दर दर भटक रहे थे। केंद्र सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। कोविड काल में केंद्र सरकार पूरा सिस्टम कंट्रोल कर रही थी। ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों को कोई झुठला नहीं सकता।

जब सब कछ ठीक था तो केंद्र ने स्वास्थ्य मंत्री को क्यों हटाया?
पायलट ने कहा, जब सब कछ ठीक था तो केंद्र ने स्वास्थ्य मंत्री को क्यों हटाया? कोरोना काल में जो कमियां रही हैं उनसे हमें सबक लेने की जरूरत है और आगे सुधार करना चाहिए। मैं इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं कर रहा। हम दूसरी वेब की गलतियों से सबक लेकर समाधान निकालें, तभी थर्ड वेब का मुकाबला कर सकेंगे। सरकार इस पर व्हाइट पेपर जारी करे। एक दूसरे पर दोषारोपण से नहीं समाधान निकालना होगा।

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