किरोड़ी ने लगाए गंभीर आरोप:कहा- बोर्ड अध्यक्ष जारौली व जयपुर जिला कॉर्डिनेटर पाराशर ने मिलकर किया पेपर लीक

जयपुर18 दिन पहले
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सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारौली को ही पेपर लीक के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया। - Dainik Bhaskar
सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारौली को ही पेपर लीक के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया।

रीट परीक्षा में पेपर लीक को लेकर चल रहा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारौली को ही पेपर लीक के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया। मीणा ने आरोप लगाया कि बोर्ड अध्यक्ष जारौली और उसके खास प्रदीप पाराशर ने मिलकर संगठित गिरोह के जरिए पेपर लीक किया है और प्रदेश के 25 लाख से अधिक बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।

सांसद ने कहा कि जारौली ने अपने खास दोस्त रिटायर व्याख्याता प्रदीप पाराशर को जयपुर का जिला कॉर्डिनेटर नियुक्त किया। यह एक प्राइवेट व्यक्ति है। जबकि अन्य 32 जिलों में एडीएम को जिला कॉर्डिनेटर नियुक्त किया गया था। पाराशर ने मौखिक आदेश से अपने साथ चार प्राइवेट व्यक्तियों को ही डिप्टी कंट्रोलर नियुक्त कर रखा था। 24 सितंबर की रात को जब शिक्षा संकुल के स्ट्रांग रूम से परीक्षा केंद्रों को पेपर भिजवाए जा रहे थे। तब यहां अध्यक्ष जारौली और पाराशर भी मौजूद थे। इन्होंने इस महत्वपूर्ण परीक्षा के पेपर प्राइवेट लोगों के हाथ में पकड़ा दिए।

उन्होंने सील तोड़कर पेपर निकाल लिए और उनमें से ही एक व्यक्ति ने 15 लाख में यह पेपर बत्तीलाल को उपलब्ध करा दिया। बत्तीलाल पकड़ा जाएगा तो इन प्राइवेट लोगों के नाम भी सामने आ जाएंगे। पेपर लीक में सीधा हाथ प्रदीप का है जो जारौली का मित्र है। किरोड़ी ने मांग उठाई कि सरकार रीट को फिर से कराए और इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराए। किरोड़ीलाल मीणा ने यह भी कहा कि शिक्षा संकुल में कौन कौन प्राइवेट लोग थे, यहां के सीसीटीवी कैमरे से एसओजी को मिल जाएगा। गौरतलब है कि बोर्ड अध्यक्ष जारौली ने अजमेर में प्रेसवार्ता में मीणा पर आरोप लगाया था कि वे मंत्री बनने के लिए मर्यादा लांघ रहे हैं।

सरकार की हालत ब्लैक एंड व्हाइट टीवी की तरह, जिसे जनता पसंद नहीं करती
डॉक्टर मीणा ने गोविंद सिंह डोटासरा पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके साथ आई बेरोजगारों की बेरोजगारों भीड़ पर भी सवाल ना उठाएं। पूरी जिंदगी भर उनका भीड़ से ही नाता रहा है। कल आप और प्रदेश के मुख्यमंत्री जो वर्चुअल में बैठे रहते हैं। कल के धरना प्रदर्शन में पूरी भीड़ जैसे वर्चुअल में ही बैठी हुई थी। ऐसे में आप की ओर से मेरी भीड़ पर सवाल उठाना कहां जायज है? आपकी सरकार की हालत अब ब्लैक एंड व्हाइट टीवी की तरह हो गई है जिसे जनता पसंद नहीं कर रही है। आपकी पार्टी में सिर्फ एक ही नेता है जो कलर टीवी की तरह चल रहा है।

21 से 25 के बीच जयपुर में हजारों ब्राॅडबैंड कनेक्शन लगे
मीणा ने आरोप लगाया कि जयपुर शहर में 21 से 25 सितंबर को बीच हजारों ब्राडबैंड कनेक्शन लगे। एसओजी को इसकी भी डिटेल से पूछताछ करनी चाहिए। क्योंकि इनके भी पेपर लीक से कनेक्शन मिलेंगे। इस कारण ही नेटवर्क बंद करने की सरकार की योजना को विफल हो गई। लेकिन एसओजी की ओर से गंभीरता से जांच नहीं की जा रही है। जिसके कारण आज सीबीआई जांच कराने की जरूरत है।

इस संघर्ष में पीछे नहीं हटूंगा
मीणा ने कहा कि शिक्षामंत्री बोलते हैं कि डांट के कारण मैं पलट गया। लेकिन जिधर कदम बढा देता हूं, पीछ नहीं हटता। मेरा राज था तब भी अन्याय के खिलाफ खड़ा हो जाता था। अब भी संघर्ष करूंगा। बड़े नामों के बारे में पूछने पर मीणा ने चुटकी लेते हुए कहा कि नाम बताऊंगा तो शिक्षामंत्रीजी डाटेंगे। अरूणजी सिंह जी डाटेंगे।

अब भाजपा तय करेगी आंदोलन की रणनीति
किरोड़ी ने कहा कि अब आंदोलन की रणनीति पार्टी तय करेगी। मैं प्रदेश प्रभारी से मिलने दिल्ली जाऊंगा। पार्टी ने तय कर लिया है कि सभी विधायक धरना देंगे। लेकिन कब देंगे यह पार्टी को तय करना है। मैं पार्टी से बड़ा नहीं हूं।

पाराशर ने ब्लैक लिस्ट संस्थानों को बनाया केंद्र
किरोड़ी ने आरोप लगाया कि कॉर्डिनेटर प्रदीप पाराशर ने आब्जर्वर नियुक्ति करने में जमकर धांधली की। सेंटर तय करने में भारी पक्षपात किया। जयपुर के 3 केंद्र ऐसे थे जो आरपीएससी, अधीनस्थ बोर्ड और बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाने के लिए ब्लैक लिस्ट थे। मिलीभगत तक पाराशर ने इनको भी रीट का परीक्षा केंद्र बना दिया। सांसद ने कहा कि सीएम ने घोषणा की थी कि सरकारी कर्मचारी बर्खास्त किया जाएगा और निजी स्कूल की मान्यता निरस्त की जाएगी। लेकिन यहां तो प्राइवेट व्यक्ति लगे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई कैसे होगी, मेरी समझ से परे हैं।

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