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पत्रकारिता विश्वविद्यालय विवाद पर आमने-सामने हुए बीजेपी-कांग्रेस MLA:संयम लोढ़ा ने भर्ती प्रक्रिया रोकने पर खड़े किए सवाल, देवनानी बोले- नियमों को ताक में रख हो रही थी भर्ती

जयपुर8 महीने पहले
हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय। - Dainik Bhaskar
हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय।

हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के बाद विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी ने जहां राज्यपाल द्वारा लगाई गई रोक को सही ठहराया है। वहीं, मुख्यमंत्री के सलाहकार और कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा ने राज्यपाल द्वारा लगाई गई रोक पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी ने 24 पदों पर भर्ती निकाली थी। जिसके तहत विश्वविद्यालय में 4 दिसंबर 2021 को 5 प्रोफेसर, 9 एसोसिएट प्रोफेसर, 9 असिस्टेंट प्रोफेसर और 1 असिस्टेंट लाइब्रेरियन के पदों पर भर्ती निकाली गई थी।

भर्ती प्रक्रिया पर राज्यपाल द्वारा लगाई गई रोक।
भर्ती प्रक्रिया पर राज्यपाल द्वारा लगाई गई रोक।

बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी ने हरिदेव जोशी विश्वविद्यालय में हो रही भर्ती प्रक्रिया को गलत ठहराया था। उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिख बताया था कि हाईकोर्ट ने जब कुलपति ओम थानवी की योग्यता को लेकर नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही थानवी का कार्यकाल भी अब 3 महीने का ही बचा है। ऐसे में राजभवन ने बड़ा फैसला देते हुए 1 फरवरी को भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी।

बीजेपी विधयक वासुदेव देवनानी ने कहा कि पत्रकारिता विवि के कुलपति ओम थानवी सेवानिवृत्ति से पहले धांधलीबाजी करते हुए इस भर्ती को पूरा करने जा रहे थे। जबकि भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी योग्यता मापदंडों की पालना नहीं हो रही थी। इसके साथ ही चहेतों को फायदा देने के लिए भर्ती प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां भी थी। ऐसे में राजयपाल द्वारा लगाई गई रोक से राजस्थान में होने वाला बड़ा भ्रष्टाचार रुका है। वहीं, मुख्यमत्री के सलाहकार और विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य विधायक संयम लोढा ने राज्यपाल द्वारा रोकी गई भर्ती प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा की जब कार्यकाल के अंतिम समय में कुलाधिपति कुलपति को नियुक्ति कर सकते हैं। तो फिर हरदेव जोशी विश्वविद्यालय के कुलपति को ये अधिकार क्यूं नहीं है। लोढ़ा ने कहा की पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती की जा रही थी लेकिन बेवजह भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है।