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जयपुर हेरिटेज मेयर कर्मचारियों पर भड़की:औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के चेंबर पर मिले ताले, बोलीं- जो समय पर नहीं आ सकता, उसकी जरूरत नहीं

जयपुर4 महीने पहले
कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर को चैक करतीं मेयर मुनेश गुर्जर।

जयपुर नगर निगम हेरिटेज की मेयर मुनेश गुर्जर के आज हेरिटेज मुख्यालय में हुए औचक निरीक्षण से कर्मचारियों-अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मेयर मुख्यालय में आते ही कुछ अधिकारियों के चेंबर पर पहुंची। वहां सुबह 10 बजे तक ताले लटके मिले। अधिकारियों-कर्मचारियों की गैर उपस्थिति देखी तो मेयर भड़क गईं। उन्होंने सभी विभागों के कर्मचारियों के अटेंडेंस रजिस्टर्ड मंगवाए और देखे तो 40 फीसदी कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इस पर उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि जो कर्मचारी-अधिकारी समय पर नहीं आ सकते, उनकी यहां कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुबह 9 बजे तक हर हाल में कर्मचारियों-अधिकारियों को यहां आना पड़ेगा। मेयर के इस फरमान से कर्मचारी भी कंफ्यूज हो गए, क्योंकि दफ्तर की टाइमिंग सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक की है। ऐसे में कर्मचारियों में ये चर्चा रही कि क्या मेयर को ये तक नहीं पता कि दफ्तर की टाइमिंग क्या है?

दरअसल, कई दिनों से ये शिकायत मिल रही थी कि निगम हेरिटेज मुख्यालय में कर्मचारी-अधिकारी समय पर नहीं आ रहे। यही स्थिति आज भी मेयर को देखने पर मिली। सुबह करीब 10 बजे जब मेयर निगम मुख्यालय पहुंची तो वहां 40 फीसदी कर्मचारी-अधिकारी गैरहाजिर मिले। उन्होंने हेल्पलाइन सेंटर और अन्य अधिकारियों के चेंबर में जाकर देखा तो न तो अधिकारी मिले और न ही उनका सपोर्टिंग स्टाफ। इसे देख मेयर मुनेश भड़क गईं और अपने चेंबर में पहुंचकर सभी शाखाओं के कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर्ड मंगवाए और उनकाे चेक किया। इस पर 40 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं दिखी।

मेयर जब निरीक्षण पर पहुंची तो कुछ कर्मचारी ऑफिस के बाहर खड़े दिखे।
मेयर जब निरीक्षण पर पहुंची तो कुछ कर्मचारी ऑफिस के बाहर खड़े दिखे।

इस तरह से काम नहीं चलेगा, ऐसी स्थिति रही तो मैं इसे नहीं चलने दूंगी
मेयर ने कर्मचारियों की गैर उपस्थिति को देखकर कुछ अधिकारियों को बुलाया और फटकार लगाई कि इस तरह से काम नहीं चलेगा। अगर यही रवैया रहा तो इसे मैं आगे नहीं चलने दूंगी। उन्होंने कहा कि आपके इस रवैए के कारण हेरिटेज की इतनी बुरी दशा हो रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में अधिकारियों-कर्मचारियों को कहा कि सुबह 9 बजे तक आना पड़ेगा और काम शुरू करना पड़ेगा। लोग सुबह अपने जरूरत के काम से यहां आ तो जाते है, लेकिन कर्मचारी नहीं मिलते तो निराश होकर लौटना पड़ता है।

ऑफिस में कर्मचारियों की उपस्थिति देखतीं मेयर।
ऑफिस में कर्मचारियों की उपस्थिति देखतीं मेयर।

कर्मचारियों में चर्चा, क्या मेयर को टाइमिंग का पता नहीं
मेयर के 9 बजे आने के फरमान के बाद निगम कर्मचारियों में भी चर्चा शुरू हो गई कि क्या मेयर को सरकारी दफ्तर की टाइमिंग का पता नहीं है। दफ्तर खुलने की टाइमिंग सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक की है। ऐसे में कर्मचारी 9 बजे क्यों आएगा।

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