नवरात्र पर कोरोना का असर:मेहरानगढ़, देशनोक, शिला माता, जमुवाय माता जैसे कई मंदिर कल बंद रहेंगे; कैला देवी में दर्शन होंगे

जयपुर20 दिन पहले
जयपुर में जेएलएन मार्ग पर माता दुर्गा जी की मूर्ति पर सजावट करता कारीगर।

नवरात्र की शुरुआत 7 अक्टूबर से होने जा रही है। कोरोना के चलते इस बार भी राजस्थान में प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन नहीं कर सकेंगे। इसमें जोधपुर स्थित मेहरानगढ़, बीकानेर स्थित देशनोक, बांसवाड़ा स्थित त्रिपुरा सुंदरी, जयपुर के आमेर स्थित शिला माता मंदिर और जमवारामगढ़ स्थित जमुवाय माता के मंदिरों में लोग दर्शन नहीं कर सकेंगे। मंदिर कमेटियों ने राज्य सरकार की कोविड गाइडलाइन की पालना में यह निर्णय किया है। हालांकि करौली स्थित कैला माता के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खुले तो रहेंगे, लेकिन वहां मेला नहीं भरेगा।

जयपुर में प्रसिद्ध आमेर स्थित शीला माता मंदिर में प्रबंधन ने इस बार भी मंदिर को नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए नहीं खोलने का निर्णय किया है। हालांकि, मंदिर ट्रस्ट की ओर से आज देर शाम को मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश को खोलने का निर्णय किया था, लेकिन देर रात प्रशासन की ओर से मेले, धार्मिक आयोजन को लेकर लगाई पाबंदी के बाद फैसला बदल कर मंदिर को सम्पूर्ण नवरात्रा में आमजन के लिए बंद रखने का निर्णय किया।

नहीं लगेगा मेला, गरबा की भी नहीं मिलेगी अनुमति
गृह विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक हर साल नवरात्र में भरने वाले विभिन्न मेले भी इस बार नहीं भरेगा। राज्य सरकार की ओर से कोविड को लेकर जारी की गाइडलाइन में सांस्कृतिक एवं धार्मिक समारोह, जुलूस, त्योहारों पर लगने वाले मेले आदि पर रोक लगा रखी है। इस कारण नवरात्र पर होने वाले गरबा, माता के पंडाल लगाकर जगराता का कार्यक्रम होता है, वह इस बार भी नहीं हो सकेगा।

जयपुर कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने बताया कि जयपुर किसी भी तरह के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिरों में प्रबंधन कमेटी कोविड गाइडलाइन की पालना करवाते हुए अगर श्रद्धालुओं को दर्शन करवाते हैं तो इस पर किसी तरह की रोक नहीं है।

जयपुर के आमेर महल स्थित शिला माता का मंदिर।
जयपुर के आमेर महल स्थित शिला माता का मंदिर।

यह रहेगा घटस्थापना का मुहूर्त, इस बार 8 दिन के रहेंगे नवरात्र
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा पर इस बार चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग रहेगा। घट स्थापना सुबह 11.52 से दोपहर 12.38 तक अभिजित मुहूर्त में कर सकेंगे। वहीं 9 साल बाद शारदीय नवरात्र 8 दिन के ही होंगे। इससे पहले शारदीय नवरात्र साल 2012 में आठ दिन के आए थे। अब 8 साल बाद 2029 में आठ दिन के शारदीय नवरात्र रहेंगे।

डोली पर होगा माता का आगमन
ज्योतिषविदों के मुताबिक इस बार माता का आगमन डोली में होगा, विदाई नर यानी मनुष्य पर होगी, यानी आमजन के लिए नवरात्र विदाई वैभवकारी और शुरुआत मध्यम फल वाली होगी। इसके साथ सुख और शांति की वृद्धि होती है

जयपुर में इन मंदिरों में श्रद्धालु कर सकेंगे माता के दर्शन
जयपुर स्थापना से पूर्व स्थापित किए गए दुर्गापुरा स्थित प्राचीन दुर्गामाता मंदिर में 20 फीट दूरी से श्रद्धालु माता के दर्शन कर सकेंगे। महंत महेन्द्र भट्टाचार्य ने बताया कि मंदिर में घटस्थापना सुबह ब्रह्म मुहूर्त में 6.09 से 6.12 बजे के बीच होगी। सुबह 6 से 12 शाम 5 से 9.30 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। प्रसाद माला नहीं चढ़ा सकेंगे। नौ दिनों तक माता रानी को आरी तारी, गोटा चुनरी की पोशाक धारण करवाई जाएगी। वहीं मालवीय नगर अपेक्स सर्किल वन क्षेत्र स्थित कालक्या माता मंदिर सुबह 7 से शाम 6 बजे तक खुलेगा।

राजापार्क पंचवटी सर्किल स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में घट स्थापना कल दोपहर 12.51 बजे होगी। आम भक्त दर्शन सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5.30 बजे से रात 9 बजे तक कर सकेंगे। उपसचिव कमलेश आसुदानी ने बताया कि रोजाना छह बार माता की साड़ी बदली जाएगी। साड़ी, चुनरी भक्त चढ़ा सकेंगे। वहीं शाम को हलवा, छोले और पुरी का प्रसाद बांटा जाएगा।

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