जयपुर / राजगढ़ के एसएचओ ने लगाई फांसी; सुसाइड नोट में लिखा- एसपी मैम! मैं बुजदिल नहीं था, बस तनाव नहीं झेल पाया

उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित भाजपा और बसपा का थाने के सामने धरना, सीबीआई जांच की मांग, लोगों ने विधायक पूनिया के खिलाफ नारेबाजी की। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित भाजपा और बसपा का थाने के सामने धरना, सीबीआई जांच की मांग, लोगों ने विधायक पूनिया के खिलाफ नारेबाजी की।
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उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित भाजपा और बसपा का थाने के सामने धरना, सीबीआई जांच की मांग, लोगों ने विधायक पूनिया के खिलाफ नारेबाजी की।उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित भाजपा और बसपा का थाने के सामने धरना, सीबीआई जांच की मांग, लोगों ने विधायक पूनिया के खिलाफ नारेबाजी की।

  • एसएचओ विष्णुदत्त ने नवंबर 2019 में राजगढ़ में कार्य संभाला था, उनकी पोस्टिंग जयपुर, बीकानेर सहित कई थानों में रही
  • उनके सेवाकाल को करीब 21 साल हो गए थे, उन्हाेंने 3 नवंबर 1997 को पुलिस सेवा ज्वाइन की थी
  • इस बारे में ताे मैं कुछ नहीं कह सकता। मामले की जांच घटना के तत्काल बाद ही सीआईडी सीबी काे दे दी है- गहलोत

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 09:16 AM IST

जयपुर. चूरू के राजगढ़ थाना प्रभारी विष्णुदत्त विश्नाेई ने शनिवार तड़के अपने सरकारी क्वार्टर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस काे क्वार्टर में दाे सुसाइड नाेट मिले। एक उन्हाेंने अपने माता-पिता के नाम लिखा है ताे दूसरा एसपी काे संबाेधित करते हुए है। पिता के नाम से लिखे सुसाइड नाेट में थाना प्रभारी ने लिखा है- पता है कि ये कायराें का काम है, लेकिन मुझे माफ करना।

जबकि एसपी के नाम से सुसाइड नाेट में लिखा है कि एसपी मैम! माफ करना प्लीज, मेरे चाराें तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया। मैंने अंतिम सांस तक मेरा सर्वाेत्तम देने का प्रयास किया। मैं बुजदिल नहीं था। बस तनाव नहीं झेल पाया। मगर दबाव क्या था, इस बारे में कुछ नहीं लिखा। डीजीपी भूपेन्द्र सिंह ने मामले की जांच सीआईडी सीबी काे साैंपी है। सीआईडी एसपी विकास कुमार राजगढ़ पहुंच गए हैं। विष्णु दत्त मूलत: श्रीगंगानगर के रायसिंह नगर के लूणेवाला गांव के रहने वाले थे और उनकी दबंग अफसर की छवि थी। परिवार बीकानेर में रहता है। उनके एक बेटा व एक बेटी है।  -

एसएचओ विष्णुदत्त ने नवंबर 2019 में राजगढ़ में कार्य संभाला था। उनकी पोस्टिंग जयपुर, बीकानेर सहित कई थानों में रही। उनके सेवाकाल को करीब 21 साल हो गए थे। उन्हाेंने 3 नवंबर 1997 को पुलिस सेवा ज्वाइन की थी।

इंस्पेक्टर विष्णुदत्त बिश्नाेई की छवि दबंग अफसर की थी। उनके लिए जनता डिमांड करती थी। उन्हें थाने से हटाने या दूसरे थाने में लगाने के विराेध में क्षेत्र के लाेग अआदाेलन पर उतर आते थे। लाेग उन्हें सिंघम भी कहते थे। फेसबुक पर उनके 75 हजार फ्रेंड हैं।

बिश्नोई शुक्रवार शाम राजगढ़ में हुई फायरिंग और हत्या के मामले की जांच के बाद रात तीन बजे थाने पहुंचे थे। इसके बाद सुसाइड कर ली। एक विधायक पर उनको परेशान किए जाने का भी आरोप है।
सरकार ने सीआईडी सीबी को दी जांच
सियासी व विभागीय दबाव में बिश्नाेई के आत्महत्या करने की आशंकाओं के बीच राजनीति गरमा गई। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठाैड़, सांसद राहुल कस्वा, पूर्व सांसद रामसिंह कस्वा, राजगढ़ से बसपा के पूर्व विधायक मनाेज न्यांगली सहित अन्य ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर थाने के सामने धरना दिया। नागाैर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी सीबीअाई जांच की मांग की है। माकपा इसी मांग काे लेकर साेमवार काे गंगानगर जिले में थानाें पर प्रदर्शन करेगी। मौके पर पहुंची स्थानीय विधायक कृष्णा पूनिया के खिलाफ लोगों ने नारे लगाए। विधायक पूनिया ने कहा- बिश्नोई के बारे में खूब सुना था, मगर मुलाकात कभी नहीं हुई। सियासी प्रेशर के बारे में भी जानकारी नहीं है।
चैट में लिखा- राजनीति में फांसने की कोशिश
आत्महत्या के बाद एसएचओ विष्णुदत्त के वाट्सएप का चैट वायरल हाे रहा है। अपने परिचित के साथ हुई इस चैट में एसएचओ कह रहे हैं कि राजगढ़ में मुझे भी गंदी राजनीति के भंवर में फांसने की काेशिश हाे रही है। मैं स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए एप्लीकेशन दे रहा हूं। साेच लिया है। बहुत गंदी राजनीति है और अफसर बहुत कमजाेर हैं। तब इंस्पेक्टर काे परिचित सांत्वना दे रहा है कि आप चिंता न करें।

डीजीपी बोले- हां, थाने से हटना चाहते थे एसएचओ बिश्नोई
सवाल
: थाना प्रभारी ने सुसाइड नाेट में लिखा है कि तनाव नहीं झेल पाया। क्या तनाव था?
जवाब: तनाव तो रहता ही है। हम जांच करा रहे हैं कि क्या हुआ हाेगा? मैं माॅनिटरिंग कर रहा हूं। वे काबिल अफसर थे।
सवाल: क्या उन्होंने राजगढ़ थाने से हटाने काे कहा था?
जवाब: हां, दाे तीन दिन पहले दाे थाना प्रभारियाें ने थाने से हटाने को कहा था। प्रक्रिया चल रही थी।

अब ये ताे है नहीं कि कहते ही हटा दें।
एक विधायक के खिलाफ लिखित में भी शिकायत की थी थाना प्रभारी ने‌?
नहीं, ऐसा अभी तक मेरी जानकारी में नहीं है कि किसी विधायक के खिलाफ मेरे इंस्पेक्टर ने काेई लिखित में शिकायत की थी। वैसे हर जगह छाेटे माेटे आराेप प्रत्याराेप ताे चलते रहते हैं।
उनसे वाट्स एप चैट का एक स्क्रीन शाॅट वायरल हाे रहा है? जिसमें गंदी राजनीति के भंवर में फंसाने की बात रहे हैं? क्या सामने आया?
हां, एक स्क्रीन शाॅट वायरल हाे रहा है। उसकी जांच करवा रहे हैं। अब हर एंगल पर जांच हाेगी।
जांच सीबीआई काे देने की सिफारिश सरकार से करेंगे‌?
इस बारे में ताे मैं कुछ नहीं कह सकता। मामले की जांच घटना के तत्काल बाद ही सीआईडी सीबी काे दे दी है। सीआईडी सीबी की टीम माैके पर हैं। हम हर एंगल पर जांच करेंगे। बिश्नाेई की मृत्यु दुखद है। हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। उनकी पुलिस सेवा काे सदैव याद रखा जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इस दुख की घड़ी में बिश्नाेई के परिवार के साथ राजस्थान सरकार और  पुलिस  खड़ी है। -अशाेक गहलाेत, मुख्यमंत्री

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