चिंता की बात:कम पड़ने लगीं सांसें; हमने कोटे से 21 टन ज्यादा ऑक्सीजन ली, वो भी खपी

जयपुर6 महीने पहलेलेखक: श्याम राज शर्मा
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राजस्थान के कोरोना मरीजों के लिए अच्छी खबर नहीं है। एक्टिव रोगी 1.63 लाख तक पहुंच चुके हैं, जिससे ऑक्सीजन की खपत रोजाना 320 टन तक चली गई है। आलम ये है कि बुधवार को प्रदेश ने अपने कोटे से करीब 21 टन ज्यादा ऑक्सीजन ली थी, लेकिन वो भी खप गई। प्रदेश का 140 टन का कोटा है, लेकिन बुधवार को प्लांट से 161 टन ऑक्सीजन ली गई।

बड़ी चिंता की बात ये है कि गुरुवार को राजस्थान को अपने कोटे से भी 20 टन कम ऑक्सीजन मिलेगी। क्योंकि जामनगर प्लांट गुरुवार को 4-8 घंटे के लिए बंद रखा जाएगा, प्लांट की क्षमता बढ़ाई जानी है।

वहीं, एक दिन पहले भिवाड़ी प्लांट मेंटीनेंस के लिए बंद रखा गया था। उसका असर भी गुरुवार और शुक्रवार को दिखेगा। मौजूदा हालात में प्रदेश को रोज 310 टन ऑक्सीजन चाहिए, लेकिन 300 टन ही मिल पा रही है। कोरोना के एक्टिव रोगी जिस रफ्तार से बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए अगले दो-तीन दिनों में 365 टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने वाली है। जबकि लिक्विड ऑक्सीजन लाने-ले जाने के लिए केवल 23 ही टैंकर हैं और जरूरत 50 टैंकरों की है।

मई के पहले सप्ताह में मरीजों के लिए कम से कम 600 टन से भी ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने वाली है। अनुमान के मुताबिक 30 अप्रैल तक प्रदेश में सवा दो लाख के करीब एक्टिव मरीज हो सकते हैं।

और हमारी सरकार के पास सिर्फ ये समाधान-

होम आइसोलेशन वाले प्रोनिंग से ऑक्सीजन लेवल सुधारें

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बुधवार को होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को प्रोनिंग (2 मिनट पेट के बल लेटकर सांस लेना) के जरिए ऑक्सीजन लेवल में सुधार की सलाह दी है। चिकित्सा सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि विशेषज्ञों ने ऑक्सीजन स्तर कम होने पर खुद की निगरानी में प्राॅनिंग की सलाह दी है।

कब करें?

जब ऑक्सीजन लेवल 94 से नीचे आ जाए। यह प्रक्रिया 30 मिनट से 2 घंटे की होती है। इससे फेफड़ों में रक्त संचार बेहतर होता है। ऑक्सीजन ठीक से पहुंचती है और फेफड़े ठीक काम करने लगते हैं।

कैसे करें?

रोगी को पेट के बल लिटाएं। एक तकिया गर्दन के नीचे सामने से रखें। फिर एक या दो तकिए गर्दन, छाती और पेट के नीचे बराबर में रखें। बाकी के दो तकियों को पंजों के नीचे दबाएं। गहरी और लंबी सांस लेते रहें।

ध्यान रखिए!

खाने के तुरंत बाद प्रोनिंग से बचें। इसे 16 घंटों तक रोजाना कई चक्रों में कर सकते हैं। इसे करते समय घावों और चोट को ध्यान में रखें। दबाव क्षेत्र बदलने और आराम देने के लिए तकिए एडजस्ट करें।

हमारी ऑक्सीजन का पूरा गणित...कहां-कहां से कितनी मिल रही?

प्लांट/अन्य स्रोत ऑक्सीजन मात्रा
आइनोक्स भिवाड़ी प्लांट 100 मीट्रिक टन
जामनगर प्लांट (गुजरात) 40 मीट्रिक टन
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड 05 मीट्रिक टन
अस्पतालों के प्लांट से 25 मीट्रिक टन
ऑक्सीजन काॅन्सेंट्रेटर व अन्य 130 मीट्रिक टन

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