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नारी शक्ति को सलाम:भाभी बनी दूसरी जिंदगी देने वाली मां...देवर को किडनी डोनेट कर लौटा दी परिवार की खुशियां

जयपुर9 महीने पहलेलेखक: सुनील शर्मा
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38 वर्षिय सुनीता शर्मा ने किडनी डोनेट कर 35 वर्षीय प्रभु दयाल शर्मा को जिंदगी का तोहफा दिया - Dainik Bhaskar
38 वर्षिय सुनीता शर्मा ने किडनी डोनेट कर 35 वर्षीय प्रभु दयाल शर्मा को जिंदगी का तोहफा दिया
  • सुनीता नहीं चाहती थी पति-पत्नी दोनों किडनी पेशेंट बनें

वो लोग बिरले ही हैं जो अपनों की खुशी के लिए हंसते-हंसते जिंदगी तक दांव पर लगा देते हैं। आपने भाइयों के प्रेम और त्याग की कई कहानियां सुनी होंगी, लेकिन यहां भाभी ने अपने देवर को किडनी डोनेट कर जीवन दान ही नहीं किया समाज में मिसाल भी कायम किया है। महिला दिवस से 7 दिन पहले 38 वर्षिय सुनीता शर्मा ने किडनी डोनेट कर 35 वर्षीय प्रभु दयाल शर्मा को जिंदगी का तोहफा दिया है। डोनर को हॉस्पिटल से छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन पेशेंट अभी आईसीयू में है जिनकी हालत अब ठीक है। मंगलवार को सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में किडनी का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण हुआ।

गौरतलब है जयपुर शहर से 25 किमी दूर दौलतपुरा बगवाड़ा निवासी प्रभु की दो साल पहले भी किडनी डैमेज हो गई थी। सितंबर 2018 को बड़े भाई अप्रकाश शर्मा ने अपनी किडनी डोनेट कर छोटे भाई को जीवन दान दिया था। लेकिन कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारण एक बार फिर से किडनी डेमेज हो गई। इस बार दूसरे बड़े भाई गिरधारी लाल शर्मा ने किडनी डोनेट करने का फैसला किया था। लेकिन परिवार की परिस्थितियों को ध्यान में रख कर सुनीता ने अपने देवर को किडनी डोनेट करने का फैसला लिया। सुनीता कहती हैं कि अगर मेरे त्याग से परिवार की खुशियां वापस लौटती हैं, तो क्या हर्ज है? आखिरकार हम से ही परिवार और परिवार से ही तो हम लोग भी हैं। जब हम परिवार के लोगों के साथ खुशियां बांट सकते हैं तो फिर उनका दुख भी अपना ही धुख होता है।

पत्नी-दो बच्चों के बावजूद भाभी ने अपनी किडनी दी
सुनीता प्रभु के मझले भाई की पत्नी हैं। बड़े भाई पहले ही अपनी किडनी डोनेट कर चुके थे। ऐसी स्थिति में परिवार यह निर्णय नहीं कर पा रहा था कि इस बार किसकी किडनी डोनेट की जाए। पूरी स्थितियों को भांपते हुए सुनीता ने अपनी किडनी डोनेट करने का निर्णय लिया। हालांकि प्रभु के पत्नी और दो बच्चे है। सुनीता का कहना है कि मैं अपने और देवर के परिवार को और मुश्किलों में नहीं देखना चाहती थी, इस लिए मैंने यह फैसला लिया।

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