गणगौरी हॉस्पिटल विस्तार:स्मार्ट सिटी के अफसरों को 7 पेड़ काटने की मंजूरी मिली थी लेकिन काट डाले 20 पेड़

जयपुरएक वर्ष पहले
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मलबे में दब गए पेड़ों के ठूंठ अस्पताल के नजदीक रथ खाना स्कूल काे तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। - Dainik Bhaskar
मलबे में दब गए पेड़ों के ठूंठ अस्पताल के नजदीक रथ खाना स्कूल काे तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया।

गणगाैरी हॉस्पिटल विस्तार के लिए स्मार्ट सिटी के अफसरों की मनमानी वातावरण पर भारी पड़ रही है। प्रशासन से 7 पेड़ों काे काटने की अनुमति मिली लेकिन 20 पेड़ों की ‘बलि’ चढ़ा दी। विरोध हुआ तो दाे सप्ताह बाद स्मार्ट सिटी के अधिकारी पेड़ों के री-प्लांटेशन की बात कर रहे हैं। इधर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि सूखे तनों को री-प्लांट करने का काेई मतलब नहीं रहा।

पुराने पेड़ों काे हेरिटेज मानकर संरक्षित किया जाना जरूरी
पुरानी बस्ती निवासी भवानी शंकर शर्मा, रंजीत मोदी का कहना है कि स्मार्ट सिटी का मतलब कंकरीट के जंगल खड़े करने से नहीं है। पुराने बड़-पीपल के पेड़ों काे हेरिटेज मानकर संरक्षित करना जरूरी है।
इधर, आरयू के बॉटनी के सहायक प्रोफेसर डाॅ. अमित काेटिया का कहना है बड़-पीपल के पेड़ री-प्लांट होते हैं। यहां पेड़ों के संरक्षण पर जागरूकता की कमी है।

हमने सिर्फ 7 पेड़ों की मंजूरी दी थी : जिला प्रशासन
एडीएम प्रथम इकबाल खान का कहना है कि आठ पेड़ों के काटने की अनुमति मांगी गई थी जिस पर सर्वे करवाकर सात पेड़ों काे काटने की अनुमति दी गई थी।

स्मार्ट सिटी में प्रोजेक्ट देख रहे एक्सईएन नरेंद्र गुप्ता का कहना है वन विभाग से री-प्लांटेशन की बात की जा रही है। बचे हुए बड़-पीपल के पेड़ों काे दोबारा लगाया जाएगा।

शास्त्रीनगर में डिस्पेंसरी के लिए पार्क की जमीन पर पेड़ काटने पर कोर्ट ने लगाई रोक
हाईकोर्ट ने शास्त्रीनगर के पेंटर नगर में पार्क की जमीन पर डिस्पेंसरी के लिए हरे पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सीएस, कलेक्टर जयपुर, निगम हेरिटेज कमिश्नर व कार्यकारी अभियंता से 30 नवंबर तक जवाब मांगा है। अदालत ने पाबंद किया है कि बिना कोर्ट की मंजूरी पेड़ नहीं काटे जाएं। सीजे अकील कुरैशी व जस्टिस रेखा बोराणा की खंडपीठ ने यह निर्देश सबीर अली व अन्य की पीआईएल पर दिया। यह जानकारी अधिवक्ता वीके जाखड़ ने दी।