प्रबंधन का दावा:एसएमएस; रेजिडेंट्स चौथे दिन भी इलाज करने नहीं लौटे, घंटों कतार में रहे बीमार

जयपुर2 महीने पहले
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सीनियर डॉक्टरों ने संभाली कमान, मरीजों को कोई परेशानी नहीं। - Dainik Bhaskar
सीनियर डॉक्टरों ने संभाली कमान, मरीजों को कोई परेशानी नहीं।

नीट पीजी काउंसलिंग में लेटलतीफी के विरोध में जयपुर के 450 रेजिडेंट डॉक्टरों ने बुधवार को चौथे दिन भी कार्य बहिष्कार किया। ऐसे में सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था प्रभावित नजर आई। मौसमी बीमारियों के चलते अस्पतालों के आउटडोर में मरीजों की संख्या पहले से बढ़ रही है। ऐसे में लंबी कतारों के बीच मरीज डॉक्टरों को दिखाने के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।

अब रेजिडेंट्स के कार्य बहिष्कार के चलते वार्डों में भर्ती मरीज भगवान भरोसे हैं। ऐसे ही हालात जेके लोन, महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट, जनाना अस्पताल चांदपोल, कावंटिया शास्त्री नगर, सेठी कॉलोनी और बनीपार्क अस्पताल में भी सामने आए। मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीजों का कहना है कि बड़े डॉक्टर तो आ रहे हैं लेकिन हमेशा रहने वाले छोटे डॉक्टर नहीं होने से दवाओं व जांचों की पर्ची के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

काउंसलिंग 31 दिसंबर से पहले पूरी हो
रेजिडेंट्स नीट पीजी काउंसलिंग 31 दिसंबर से पहले करवाने की मांग कर रहे हैं। काउंसलिंग समय पर नहीं होने से डॉक्टरों पर काम का दबाव है। नीट पीजी काउंसलिंग का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 6 जनवरी 2022 दी है। जार्ड पदाधिकारियों का कहना है कि मरीजों के हित में इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी जाएंगी लेकिन सरकार समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाए।

अधीक्षक डॉ. विनय मल्होत्रा का कहना है कि सीनियर डॉक्टरों ने कमान संभाल रखी है। इमरजेंसी को कार्य बहिष्कार से दूर रखा है। रोजाना का आउटडोर 8 से 10 हजार का होता है, किसी को परेशानी नहीं है। इलाज सुचारू रूप से चल रहा है।

एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य के डॉ. सुधीर भंडारी का कहना है कि मरीजों की परेशानियों को देखते हुए हमने आज ही रेजिडेंट डॉक्टरों को बुलाकर काम पर लौटने की अपील की है। रेजिडेंटों पर काम के जवाब को देखते हुए गुरुवार से जूनियर रेजिडेंट भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमारी कोशिश है कि जल्द ही इस मामले का हल निकले।

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