बड़े नेता के सामने जिंदाबाद, पीछे से गाली:गुलदस्ता प्रकोष्ठ में एक्टिव महिला विधायक की कहानी, पुत्र प्रेम की वजह से मंत्री चर्चा में

जयपुर10 महीने पहलेलेखक: गोवर्धन चौधरी
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सत्ता की सियासत के अजीब दस्तूर है। बड़ा नेता बाहर जाए या बाहर से आए तो एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए माला लिए तैयार नेता-कार्यकर्ता चाहिए। सत्ताधारी पार्टी में बड़े नेताओं के एयरपोर्ट पर स्वागत करने के लिए काफी समय से कुछ चेहरे तय से हैं। कई नेता इन्हें मजाक में गुलदस्ता प्रकोष्ठ के पदाधिकारी कहते हैं। बड़े नेताओं के एयरपोर्ट पर स्वागत-सत्कार में जयपुर के नेताओं के अलावा बाहरी जिले की महिला विधायक की सक्रियता भी बढ़ गई है। महिला विधायक मंत्री पद की दावेदारी भी कर रही हैं। इसी से स्वागत के मायने साफ हो गए।

महिला आईएएस के सामने सीनियर की मुंह पर फटकार
सचिवालय में तैनात एक तेज तर्रार आईएएस के पास एक महिला अफसर सिफारिश लेकर गईं। महिला आईएएस जिसकी सिफारिश लेकर गईं, वह संयोग से उस समय वहीं मौजूद था। तेज तर्रार अफसर ने कई लोगों के सामने सिफारिशी को ऐसी फटकार लगाई कि हर कोई दंग रह गया। महिला आईएएस जिसकी सिफारिश लेकर आई थी, उसे भी समझ नहीं आया कि यह क्या हो गया? ब्यूरोक्रेसी के जानकार इस घटना पर हैरान हैं, क्योंकि आपस में थोड़ा तो लिहाज हर कोई अफसर करता है। यहां तो सामने ही फटकार दिया।

सियासत में भरोसा अब किसी का नहीं रहा

सत्ताधारी पार्टी में विरोधी धड़े के अगुवा नेताजी के एक कट्टर समर्थक का वीडियो सामने आने के बाद सब अचंभित हैं। शिक्षा से जुड़े कट्टर समर्थक अपने नेता को ही गाली देते हुए विधानसभा चुनाव में मौजूदा विधायक को टिकट देने पर कोस रहे हैं। साथ में यह भी कह दिया कि अगली बार टिकट मिले न मिले चुनाव जरूर लड़ेंगे। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीति के जानकार कह रहे हैं कि युवा नेता को अभी इंसानी व्यवहार को परखने की समझ को और शार्प करना होगा। सामने जिंदाबाद और पीछे से गाली देने वालों में अंतर करना हर किसी के बस की बात नहीं है। इस घटना के बाद यह तो साफ हो गया कि सियासत में भरोसा अब किसी का नहीं रहा।

सत्ताधारी पार्टी के प्रदर्शनों से मंत्री क्यों गायब?

सत्ताधारी पार्टी राजधानी में धरने-प्रदर्शन करने में शुरू से ही आगे है। राज्य में सत्ता हो तो क्या हुआ, केंद्र में विपक्षी पार्टी होने के कारण प्रदर्शन ज्यादा ही हिस्से आ रहे हैं। राजधानी में पिछले दिनों लखीमपुर खीरी मामले में तीन विरोध प्रदर्शन हुए, तीनों बार दो-तीन को छोड़ सभी मंत्री नदारद थे। यह हालत तो तब है जब एक प्रदर्शन में तो खुद मुख्यमंत्री शामिल थे। मंत्रियों की संगठन के कार्यक्रमों से यह दूरी चर्चा का विषय बनी हुई है, कोई न कोई कारण तो जरूर है, वर्ना ये ही मंत्री दौड़े चले आते थे।

पुराने क्षत्रपों के निशाने पर संघनिष्ठ नेताजी
विपक्षी पार्टी के कार्यालय में संघनिष्ठ पदाधिकारी की पसंद-नापसंद भी बहुत मायने रखती है। पड़ोसी राज्य से संबंध रखने वाले इन संघनिष्ठ नेताजी को पुराने नेता पंसद नहीं है। पुराने नेता भी संघ निष्ठ नेताजी की बुराई करते नजर आ जाते हैं। युवा नेताओं में मामला ठीक उलट है। विपक्षी पार्टी के युवा नेता संघनिष्ठ नेताजी की तारीफ करते नहीं थकते। पड़ताल में सामने आया कि ये पुराने नेताओं की पूरी सियासी कुंडली दिल्ली अपडेट करते रहते हैं, इसलिए उनका निशाने पर आना स्वाभाविक है। फॉलोवरनुमा युवा नेताओं पर खास मेहरबानी इसलिए भी है क्योंकि आगे चलकर वे ही बड़े बनेंगे।

नाबालिग मंत्री पुत्र का सियासी बालश्रम

दक्षिणी राजस्थान का प्रभार संभालने वाले मंत्री किसी न किसी वजह से चर्चा में रहते आए हैं। इस बार मंत्री की चर्चा उनके पुत्र प्रेम की वजह से है। पिछले दिनों उपचुनाव वाले क्षेत्रों में प्रचार करने भी मंत्रीजी अपने नाबालिग पुत्र को साथ ले गए। साथ ले जाने तक तो ठीक था, लेकिन मंत्री पुत्र को मंच पर भी जगह दी गई। इन नाबालिग नेता को बड़ों के बीच मंच पर बैठे देख तरह तरह की चर्चाएं हैं। किसी ने रोचक टिप्पणी की- नाबालिग नेता से इस तरह मेहनत करवाना सियासी बालश्रम है। नेता पुत्र के इस सियासी बालश्रम के पीछे असली मकसद जमीनी सियासत की ट्रेनिंग देना है, लेकिन नेताजी ने कुछ ज्यादा ही जल्दी कर दी है।

आईएएस कैसे बने अंगद का पांव

अजमेर में सुनवाई का मौका दिए बिना फूड इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने के मामले में लंबे चले बवाल के बाद यूनियन अब हैरान है। पिछले दिनों प्रदेश के मुखिया से फूड इंस्पेक्टर्स की यूनियन ने मिलकर महकमे के अफसर की शिकायत की। यूनियन को आश्वासन मिला कि अगली आईएएस की ट्रासंफर लिस्ट में अफसर महकमे से बाहर हो जाएगा। लिस्ट आ चुकी लेकिन अफसर वहीं के वहीं हैं। अब यूनियन के पदाधिकारी एक दूसरे का मुंह देख रहे हैं कि ऐसा भी होता है क्या? अब यूनियन नए सिरे से विरोध करने की रणनीति बना रही है।

इलेस्ट्रेशन : संजय ढिमरी,जयपुर

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