दिवाकर स्कूल में एक और फर्जीवाड़ा:12वीं तक हिंदी और अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई...519 छात्रों के लिए सिर्फ 9 टीचर

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: विनोद मित्तल
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 7 हजार वर्ग मीटर में बना है स्कूल, सिपाही भर्ती का पेपर लीक होने से मान्यता रद्द हो चुकी है - Dainik Bhaskar
 7 हजार वर्ग मीटर में बना है स्कूल, सिपाही भर्ती का पेपर लीक होने से मान्यता रद्द हो चुकी है

झोटवाड़ा का दिवाकर पब्लिक स्कूल 7 हजार वर्ग मीटर में बना है। इस स्कूल से कांस्टेबल भर्ती का पेपर लीक होने के बाद शिक्षा विभाग ने मान्यता रद्द कर दी है। ऐसे में स्कूल के 519 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है। 68 विद्यार्थियों का प्रवेश तो आरटीई के तहत निशुल्क हुआ है। उधर, शिक्षा विभाग ने इस स्कूल के विद्यार्थियों को नए सत्र में नजदीकी स्कूलों में प्रवेश दिलाने की तैयारी है।

शिक्षा विभाग से इस स्कूल की जानकारी मांगी गई तो कई चौंकाने वाली बाते सामने आई। डीईओ माध्यमिक कार्यालय के अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सुमेर खटाणा ने बताया कि स्कूल की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी गुरुवार को स्कूल का दौरा कर स्थिति का जायजा लेगी। स्कूल को एसओजी ने सील कर रखा है।

12वीं तक हिंदी माध्यम के 92 और 10वीं तक अंग्रेजी मीडियम के 359 विद्यार्थी हैं
स्कूल हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में संचालित है। स्कूल को दिवाकर पब्लिक स्कूल शिक्षा समिति संचालित करती है। इस समिति का पंजीयन जुलाई 1998 में हुआ था। स्कूल प्रशासन ने शिक्षा विभाग के पोर्टल पर शिक्षकों की संख्या भी कम दिखा रखी है। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में संचालित होने के बावजूद स्कूल में प्रिंसिपल सहित 9 शिक्षक दिखाए हैं। स्कूल में कक्षाओं की संख्या ही 20 है। हिंदी माध्यम में पहली से 12वीं तक 92 विद्यार्थी जबकि अंग्रेजी माध्यम में पहली से दसवीं तक 359 विद्यार्थी हैं। हिंदी माध्यम में 11वीं व 12वीं में विज्ञान विषय संचालित हैं।

शिक्षा विभाग के पोर्टल पर 11वीं में 19 और 12वीं में 4 विद्यार्थी अध्ययनरत दिखाए गए हैं। लीक मामले के आरोपी मुकेश शर्मा सचिव और उसकी पत्नी शालू शर्मा स्कूल की प्रिंसिपल है। दूसरी ओर, स्कूल की ओर से शिक्षा विभाग के पोर्टल पर दी गई जानकारी में हिंदी माध्यम में प्री प्राइमरी की तीन कक्षाओं, पहली कक्षा व पांचवीं कक्षा में एक भी विद्यार्थी नहीं है। इसी तरह से अंग्रेजी माध्यम में प्री प्राइमरी की पीपी प्लस 4 और नवीं कक्षा में एक भी विद्यार्थी नहीं है।

16000 तक फीस है
स्कूल में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम का अलग अलग फीस स्ट्रक्चर है। हिंदी माध्यम में पहली से 12वीं तक सालाना फीस 6220 रुपए से 11550 रुपए है। जबकि अंग्रेजी माध्यम में पहली से 10वीं कक्षा तक सालाना फीस 8500 रुपए से लेकर 15730 रुपए सालाना है। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को स्कूल की दीवार पर मान्यता रद्द करने का नोटिस चस्पा कर दिया था।

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