स्कूलों की फीस का मामला:सुप्रीम कोर्ट से अभिभावक और निजी स्कूल संचालकों को मिली राहत

जयपुर20 दिन पहले
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स्कूलों की फीस को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पिछले दिनों आए निर्णय से निजी स्कूल संचालक और अभिभावक दोनों ही पक्षों को राहत मिली है। - Dainik Bhaskar
स्कूलों की फीस को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पिछले दिनों आए निर्णय से निजी स्कूल संचालक और अभिभावक दोनों ही पक्षों को राहत मिली है।

स्कूलों की फीस को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पिछले दिनों आए निर्णय से निजी स्कूल संचालक और अभिभावक दोनों ही पक्षों को राहत मिली है। कोर्ट ने जहां स्कूल प्रबंधन को राहत दी है वहीं अभिभावकों एंव बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए अपना अहम फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बकाया फीस लेने के लिए स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर फीस ले सकता है।

दोनों पक्षों को राहत मिलने को लेकर निजी स्कूल संचालकों ने खुशी जाहिर की है। साथ ही अब निजी स्कूल संचालक बच्चों की शिक्षा के लिए व्यावसायिक लोन की प्रक्रिया भी शुरू करेंगे, जिससे किसी भी प्रकार से बच्चों की पढ़ाई और समय का नुकसान नहीं हो। प्रोगेसिव स्कूल एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. संदीप बक्शी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय का फैसला स्वागत योग्य है, क्योंकि इसमें स्कूल प्रबंधन के साथ साथ अभिभावकों व बच्चों के पक्ष का भी ख्याल रखा गया है।

इस फैसले के अनुसार बकाया फीस को लेकर अब कोई भ्रांति नहीं रहेगी और दोनों पक्षों में पारदर्शिता और स्पष्टता रहेंगी। एसोसिएशन के अरूण सोगानी ने बताया कि हम छात्रों के हित के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी शिक्षा के लिए व्यावसायिक लोन सुविधा की प्रक्रिया भी शुरू करेंगे ताकि अभिभावकों पर आर्थिक रूप से त्वरित दबाव नहीं पड़े और बच्चों की पढ़ाई और समय का नुकसान ना हो।

बहकावे में नहीं आए अभिभावक, मिलजुल कर करें काम
एसोसिएशन के रूपेंद्र पेड़ीवाल ने भरोसा दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल संचालन व शिक्षण कार्य को नई गति मिलेगी और शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से चलता रहेगा। संगठन के अन्य सदस्य कोटा के दीपक सिंह ने बताया कि अब स्कूल एवं अभिभावकों के बीच विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है। किसी प्रकार की भ्रांति नहीं रही। उन्होंने अभिभावकों से निवेदन किया है कि वे अपने बच्चों की पढाई और भविष्य के मद्देनजर किसी के बहकावे में नहीं आए। आपसी सहयोग और सहमति से आगे मिलजुल कर कार्य करें। इस आदेश से बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहने का सुगम रास्ता खुल गया है।

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