राजस्थान कोरोना LIVE:6 दिन में 25% तक घटी टेस्टिंग, संक्रमण दर दोगुनी बढ़ी; एक्सपर्ट बोले- तीसरी लहर का पीक शुरू

जयपुर7 महीने पहले

राजस्थान में टेस्टिंग घटने के साथ ही संक्रमण की दर दोगुना हो गई। नए पॉजिटिव मरीजों के साथ ही मौत के आंकड़े भी डराने लगे हैं। प्रदेश में रविवार को तीसरी लहर में एक दिन में सबसे अधिक 19 मौतें हुईं। एक्सपर्ट का कहना है, 'हम इसे तीसरी लहर के पीक की शुरुआत भी मान सकते हैं।'

मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट की रिपोर्ट देखें तो राज्य में 18 जनवरी को एक दिन में 80,580 लोगों के टेस्ट किए गए थे। यह तीसरी लहर में एक दिन में हुई सबसे ज्यादा टेस्टिंग थी। इसके बाद टेस्ट की संख्या बढ़ने के बजाय लगातार गिर रही है। 23 जनवरी को टेस्टिंग कम होते-होते 60,726 पर पहुंच गई। इस तरह से पिछले 6 दिन से टेस्टिंग 25 फीसदी तक कम हो गई है। हालांकि इस बीच पॉजिटिविटी रेट जो 18 जनवरी को प्रदेश में 12 फीसदी थी, वह बढ़कर 23 फीसदी के पार पहुंच गई।

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर डॉ. रमन शर्मा की मानें तो राज्य में ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट का कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है। राज्य में जितने लोगों की ज्यादा टेस्टिंग होगी उतने ही नए केस का पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की पीक की इसे हम शुरुआत भी मान सकते हैं। एक से दो सप्ताह में केस की संख्या में बढ़ोतरी और देखने को मिल सकती है। बशर्ते ज्यादा से ज्यादा लोगों की अगर टेस्टिंग करवाई जाए तब।

1 लाख से ज्यादा आरटीपीसीआर टेस्ट करने की कैपेसिटी
मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट के सूत्रों की मानें तो राज्य के हर जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर टेस्ट करने की सुविधा उपलब्ध है। राज्य में हर रोज 1 लाख से ज्यादा आरटीपीसीआर टेस्ट किए जा सकते हैं। सरकार ने अब एंटीजन टेस्ट को भी मंजूरी दे रखी है, लेकिन फिर भी जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, अलवर जैसे बड़े शहरों में हर रोज 5 हजार से ज्यादा टेस्ट नहीं हो रहे।

जयपुर में टेस्टिंग घटी
जयपुर की बात करें तो यहां एक सप्ताह पहले तक रोजाना औसतन 14 से 15 हजार टेस्ट होते थे। 18 जनवरी को जयपुर जिले में 15030 लोगों की जांच एक दिन में की गई थी, लेकिन अब यह संख्या घटकर 10 से 11 हजार के बीच रह गई। औसतन 4 हजार टेस्ट हर रोज कम किए जा रहे हैं। वहीं जयपुर में अब कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी बंद करवा दी, जिसके कारण भी टेस्टिंग की संख्या में कमी हुई है।